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DEV DARSHAN SHARMA

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17 सितंबर को रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों से जगमगाएगा पूरा पंचकूला

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम

उपायुक्त सतपाल शर्मा ने अभियान की तैयारियों को लेकर कैंप कार्यालय में अधिकारियों की ली बैठक

25 तरह की सेवा गतिविधियों से समाज को जोड़ेगा ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अभियान की प्राथमिकता : उपायुक्त

 पंचकूला, 13 सितंबर :  सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को पूरा पंचकूला जिला रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों की जगमगाहट से रोशन होगा। जिला मुख्यालय से लेकर खंड एवं ब्लॉक स्तर तक सरकारी भवनों, पंचायत घरों, सामुदायिक केंद्रों, अमृत सरोवरों और प्रमुख चौराहों को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा।

 उपायुक्त सतपाल शर्मा ने अभियान की तैयारियों को लेकर आज कैंप कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित संयोजकों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर सभी कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करें।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्या, एसडीएम पंचकूला मन्नत राणा, एसडीएम कालका संयम गर्ग, नगराधीश जागृति, डीईईओ रमेश बत्रा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल पराशर, जिला समाज कल्याण अधिकारी विशाल सैनी, जिला कल्याण अधिकारी विशाल बसंल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ये गतिविधियां होंगी आयोजित

 उपायुक्त ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य जनसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना और सेवा, सुशासन तथा जनभागीदारी की भावना को और मजबूत करना है। अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा चित्र’, ‘सेवा स्मरण’, ‘आंगन का मिलन’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘25 साल 25 कहानी’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, हैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज तथा ‘जनसेवक महाकुंभ’ जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

 उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि उनका लाभ और संदेश सीधे आमजन तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ सेवा कार्यों में समाज की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना तथा उन्हें सरकारी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना अभियान की प्राथमिकता होगी।

 *‘सेवा सेतु’ से लोगों को एक ही स्थान पर मिलेगी योजनाओं की जानकारी*

 उपायुक्त ने बताया कि “सेवा सेतु’ कार्यक्रम” के तहत ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी जाएगी तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यक प्रक्रिया मौके पर ही पूरी करवाने का प्रयास किया जाएगा।

 उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक भी इसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 25 तरह की सेवा गतिविधियों से जुड़ेगा समाज

 ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे सेवा कार्यों के जरिए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। घर, गांव, स्कूल, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न सेवा गतिविधियां आयोजित होंगी।

 इनमें रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, अनाथालय एवं वृद्धाश्रमों में सेवा, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और खेलकूद सहित 25 अलग-अलग सेवा गतिविधियां शामिल हैं।

 उपायुक्त ने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सेवा भावना से जोड़ने और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को अपनी क्षमता एवं रुचि के अनुसार सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रतिभा और सेवा भावना दिखाने का अवसर

सेवा संकल्प अभियान के दौरान ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग द्वारा खंड स्तर पर विद्यार्थियों की चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलेगा।

‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उपायुक्त ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा बनें और अपनी क्षमता एवं रुचि के अनुसार विभिन्न सेवा गतिविधियों में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि आमजन की सक्रिय एवं व्यापक भागीदारी से सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के साथ-साथ सेवा, सुशासन एवं जनभागीदारी की भावना को और मजबूत किया जा सकेगा।
रामगढ़ की टीम ने जीता क्रिकेट टूर्नामेंट, पहली बार फाइनल में पहुंचकर ट्रॉफी पर जमाया कब्जा 

रामगढ़, 13 सितंबर। रामगढ़ स्थित मोहित क्रिकेट ग्राउंड पर 12 सितंबर 2026 को क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में आसपास के गांवों की कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों को रोमांचक बनाया।
टूर्नामेंट में रामगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबला जीतकर क्रिकेट ट्रॉफी अपने नाम की। टीम के सदस्यों के अनुसार, रामगढ़ की टीम ने पहली बार किसी टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचकर जीत हासिल की है। इस ऐतिहासिक जीत से खिलाड़ियों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
टीम की शानदार उपलब्धि पर आयोजकों एवं क्षेत्रवासियों ने रामगढ़ क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर युवाओं को खेलों से जोड़ने का संदेश देते हुए कहा गया कि बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए किसी न किसी खेल से जरूर जोड़ना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए परिवार एवं समाज की ओर से पूरा सहयोग देना चाहिए। खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रामगढ़ की इस जीत को क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कोर्ट परिसर में उमड़ी भीड़ और लंबी कतारें लोक अदालत के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शा रही हैं। जिसके चलते कोर्ट परिसर में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
पंचकूला में अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, छह इमारतें सील

पंचकूला, 12 सितंबर। शहर में सुनियोजित एवं व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए पंचकूला नगर निगम ने अवैध निर्माण और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाली छह इमारतों को सील किया है।

नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन संपत्तियों पर सक्षम अधिकारी से आवश्यक बिल्डिंग प्लान/नक्शे की मंजूरी लिए बिना निर्माण कार्य किया गया था। इसे लागू बिल्डिंग नियमों और संबंधित नगर निगम कानूनों का उल्लंघन मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई।

नगर निगम आयुक्त विनय कुमार के निर्देशों पर चिन्हित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह इमारतों को सील कर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नगर निगम क्षेत्र में विकास को सुनियोजित, सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करना है।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण और प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि बिना मंजूरी होने वाले निर्माण की समय रहते पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक मंजूरी अथवा स्वीकृत बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन करने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

आयुक्त ने प्रॉपर्टी मालिकों, बिल्डरों और निवासियों से अपील की कि वे निर्माण शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से बिल्डिंग प्लान/नक्शे की आवश्यक मंजूरी अवश्य लें और निर्माण कार्य स्वीकृत प्लान व निर्धारित नियमों के अनुसार ही करें।

नगर निगम के अनुसार प्रवर्तन कार्रवाई का उद्देश्य नागरिकों के हितों की रक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और पंचकूला के व्यवस्थित स्वरूप को बनाए रखना है। निगम ने कहा कि नियमों के अनुपालन और जन-जागरूकता के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ऑपरेशन कवच: बच्चों को कूल लिप जैसे नशे की पहली सीढ़ी से बचाने के लिए पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने जिले भर में शुरू किया अभियान

आज कूल लिप, कल हेरोइन, चरस और अफीम तक पहुंच सकती है नशे की आदत, बच्चों को शुरुआत में ही बचाना होगा: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन

कूल लिप, रोलिंग पेपर व प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थों की बिक्री पर पंचकूला पुलिस की सख्ती , छापेमारी में सैकड़ों डिब्बे बरामद

पंचकूला/ 12 सितंबर:- पंचकूला के सरकारी एवं निजी स्कूलों में बच्चों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की सामने आई चिंताजनक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने तथा नशे की शुरुआती आदतों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से ऑपरेशन कवच शुरू किया है। सात दिवसीय इस विशेष अभियान के दूसरे दिन भी पंचकूला पुलिस ने शहरी क्षेत्र से लेकर कालका, पिंजौर सहित पूरे जिले में व्यापक औचक चेकिंग एवं तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस कमिश्नर द्वारा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गली-मोहल्लों, बाजारों तथा विशेषकर स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी रखें। पुलिस टीमों को कूल लिप, रोलिंग पेपर तथा अन्य प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थों की बिक्री एवं उपलब्धता की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पदार्थों को जब्त कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कवच के तहत पिछले दो दिनों से पंचकूला पुलिस की सभी टीमें लगातार सक्रिय हैं। अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बड़े पैकेट कूल लिप, रोलिंग पेपर के बड़े डिब्बे तथा अन्य संबंधित पदार्थ बरामद किए गए हैं। पुलिस टीमों द्वारा स्कूल संस्थानों के आसपास भी चेकिंग की गई, जहां ऐसे पदार्थों की उपलब्धता एवं बिक्री की जांच की गई। 

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन का कहना है कि बच्चों को नशे की शुरुआत से ही बचाना अत्यंत जरूरी है। कूल लिप जैसे पदार्थों को छोटा नशा समझकर नजरअंदाज करने की भूल नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार, कई बार नशे की आदत छोटी उम्र में ऐसी ही शुरुआती सामग्री से बनती है और आगे चलकर बच्चे गंभीर नशे की गिरफ्त में आ सकते हैं। नशे की लत व्यक्ति के जीवन, परिवार तथा समाज पर गंभीर प्रभाव डालती है और कई बार नशे की पूर्ति के लिए अपराध की ओर बढ़ने का खतरा भी पैदा हो जाता है। इसलिए इस समस्या पर शुरुआत में ही प्रभावी रोक लगाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संभव है कि कई अभिभावकों को यह जानकारी ही न हो कि उनके बच्चे किन पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों को सतर्क रहना होगा और नशे की शुरुआती आदतों को गंभीरता से समझना होगा।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ऑपरेशन कवच को सफल बनाने में स्कूल प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक तथा आमजन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस टीमों द्वारा स्कूलों तक पहुंचकर बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा आगे भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। पंचकूला पुलिस का यह अभियान बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने, नशे की जड़ पर प्रहार करने और जिले में नशामुक्त एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पिंजौर के मढ़ावाला में पंचकूला पुलिस का ऑपरेशन क्लीन-अप: स्निफर डॉग्स के साथ 11 स्पेशल टीमों के 80 जवानों ने 340 घरों व झुग्गियों को खंगाला, 46 मोटरसाइकिल बरामद, 6 संदिग्ध हिरासत में

किरयाना की दुकानों में मिले भांग/सुल्फा जैसे प्रतिबंधित नशीले पदार्थ भी जब्त, 340 घरों में रह रहे किराएदारों का सत्यापन

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन - किसी भी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों को पनपने नहीं देंगे, पंचकूला पुलिस की लगातार कार्रवाई से जमीनी स्तर पर दिख रहे परिणाम, अवैध नशीले पदार्थों की जब्ती और वाहनों की जांच रहेगी जारी

पंचकूला/ 12 सितंबर :-पंचकूला में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा असामाजिक एवं संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पंचकूला पुलिस द्वारा लगातार विशेष चेकिंग, सर्च एवं सत्यापन अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के सख्त निर्देशों पर पुलिस की टीमें ऐसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रख रही हैं, जहां बड़ी संख्या में किराएदार, कामकाजी लोग तथा बाहरी व्यक्ति निवास करते हैं। इसी कड़ी में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह तथा डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के नेतृत्व और एसीपी क्राइम अमन कुमार की अगुवाई में आज सुबह-सुबह पिंजौर थाना क्षेत्र के मढ़ावाला स्थित वर्मा कॉलोनी, बिहारी कॉलोनी और बंगला कॉलोनी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के अनुसार इस अभियान में एचएपी रिजर्व फोर्स, क्राइम ब्रांच की सभी टीमें, पिंजौर थाना तथा मढ़ावाला चौकी की 11 टीमों के 80 जवानों ने स्निफर डॉग्स की मदद से संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और संभावित एनडीपीएस संबंधी गतिविधियों की गहनता से जांच की।
सर्च ड्राइव के दौरान हमारी टीमों ने 46 संदिग्ध मोटरसाइकिलें कब्जे में लीं, जिनमें से 17 बिना नंबर प्लेट की पाई गईं। इसके साथ ही 6 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की किरयाना की दुकानों एवं पानवाड़ी प्रतिष्ठानों की भी तलाशी ली गई, जहां से भारी मात्रा में कूल लिप और संदिग्ध भांग/सुलफा जैसे तंबाकू व नशीले उत्पाद बरामद किए गए, जिस बारे दुकानदारो को सख्त हिदायत दी गई है व उनके स्त्रोतों का भी पता कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने आगे बताया कि आपराधिक व असामाजिक गतिविधियों की आशंका वाले ऐसे सभी इलाकों को लगातार खंगाला जा रहा है, जिसकी शुरुआत कुछ दिन पहले एमडीसी क्षेत्र के सकेतड़ी से की गई थी। अभियान के तहत बाहरी व स्थानीय निवासियों का डेटा एकत्र कर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अवैध नशीले व प्रतिबंधित पदार्थों तथा संदिग्ध वाहनों को जब्त किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस टीमों ने लगभग 340 घरों में रह रहे किराएदारों की सत्यापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और बिना पुलिस वेरिफिकेशन पाए गए किराएदारों के मकान मालिकों पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि कोई भी किराए की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम न दे सके। 

पंचकूला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने या काम पर लगाने से पहले पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या नशीले पदार्थ की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां 30 सितंबर तक- एसडीएम श्री संयम गर्ग

ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां 30 सितंबर तक दर्ज करवा सकेंगे नागरिक

12, 13, 26 और 27 सितंबर को बूथों पर विशेष अभियान; सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेंगे बीएलओ

एसडीएम श्री संयम गर्ग ने बूथों का किया निरीक्षण

 पंचकूला, 12 सितंबर : कालका के एसडीएम श्री संयम गर्ग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर नागरिक 30 सितंबर , 2026 तक अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक निर्धारित तिथि तक मतदाता सूची से संबंधित अपना दावा या आपत्ति दर्ज करवा सकता है।

 उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए 12 सितंबर, 13 सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन दिनों सभी संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने-अपने मतदान केंद्रों पर प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे।

 विशेष अभियान के दौरान नागरिक नया वोट बनवाने, मतदाता सूची से नाम हटवाने अथवा नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन करवाने के लिए संबंधित प्रपत्र भरकर जमा करवा सकेंगे। एसडीएम ने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची का अवलोकन करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति हो तो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना दावा अथवा आपत्ति अवश्य दर्ज करवाएं।

 अभियान की तैयारियों एवं सफल आयोजन को लेकर एसडीएम श्री संयम गर्ग ने आज विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित बीएलओ से बातचीत कर अभियान की तैयारियों की जानकारी ली तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 एसडीएम श्री संयम गर्ग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवाने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। इसलिए सभी पात्र नागरिक इस अवसर का लाभ उठाते हुए मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज करवाएं।
“मुकदमेबाजी से सुलह तक: राष्ट्रीय लोक अदालत में वैवाहिक विवाद का सुखद अंत ”

पंचकूला  12 सितंबर :  न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पूरे हरियाणा राज्य में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। यह राष्ट्रीय लोक अदालत हरियाणा के सभी 22 जिलों और 38 उप-मंडलों में आयोजित की गई। आज की राष्ट्रीय लोक अदालत को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली और इसने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जिसमें सुलझाए गए मामलों की संख्या अब तक की सबसे अधिक रही। 6,75,000 से ज्यादा मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

        लोक अदालत के माध्यम से लोगों में बदलाव लाने की क्षमता का दिल को छू लेने वाला उदाहरण जिला हिसार से सामने आया, जहाँ परिवार न्यायालय में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को आपसी सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया। लोक अदालत पीठ के अथक प्रयास और परामर्श के जरिए, दोनों पक्षों को अपने मतभेद सुलझाने और रिश्ते में फिर से तालमेल बिठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। एक भावुक पल में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और आपसी समझ और तालमेल के साथ अपना पारिवारिक जीवन फिर से शुरू करने की इच्छा जताई। यह समझौता दिखाता है कि राष्ट्रीय लोक अदालत सिर्फ मामलों को निपटाने से कहीं आगे बढ़कर, बातचीत, परामर्श, सुलह और आपसी सहमति के जरिए रिश्तों को फिर से जोड़ सकती है, परिवारों को बचा सकती है और मुकदमा लड़ने वालों की जिंदगी में नई उम्मीद और शांति ला सकती है।

​​ राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति एक प्रतीकात्मक कदम के तौर पर एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी ने पंचकूला में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशासनिक भवन में पौधारोपण किया।

​​  राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान, न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी ने राज्य भर की कुछ लोक अदालत पीठों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की और कार्यवाही का जायजा लिया। न्यायमूर्ति सेठी ने इस बात पर भी जोर दिया कि आपसी सहमति, सार्थक बातचीत, सुलह और समझौते के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए ईमानदारी के साथ ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

​​इसके बाद, न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी ने पंचकूला की जिला न्यायालय का दौरा किया और व्यक्तिगत रूप से लोक अदालत पीठों का निरीक्षण किया, साथ ही उन्होंने वादकारियों से बातचीत की और लोक अदालत पीठों की कार्यवाही की समीक्षा की।

राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का बड़े पैमाने पर निपटारा, हालसा के  कार्यकारी अध्यक्ष की मिली-जुली कोशिशों और लगातार मार्गदर्शन का नतीजा था। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्षों एवं सचिवों को राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया, जिसमें सही मामलों की पहचान, लोक अदालत से पहले की बैठकें, हितधारकों के साथ असरदार तालमेल और ज्यादा से ज्यादा जन-जागरूकता अभियान आदि शामिल थे। राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले न्यायमूर्ति सेठी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्षों, सचिवों और अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तथा उनकी तैयारियों और प्रगति की समीक्षा की और उन्हें पूरी प्रतिबद्धता, कुशलता और समर्पण दिखाने और आपसी सहमति से समझौता कराने की हर मुमकिन कोशिश करने के लिए प्रेरित किया।

​​राष्ट्रीय लोक अदालत (जिसमें लोक अदालत से पूर्व बैठकें भी शामिल थीं), में कई तरह के विवादों से जुड़े मामलों का बड़ी संख्या में निपटारा किया गया। वादकारियों के जबरदस्त उत्साह से पता चलता है कि विवादों को सुलझाने के वैकल्पिक और असरदार तरीके के तौर पर लोक अदालत के सिस्टम में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। लोक अदालत में हुए समझौतों से न सिर्फ वादकारियों का कीमती समय और मुकदमंेबाजी का खर्च बचा, बल्कि हरियाणा भर की अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी काफी मदद मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान लगभग 78,44,79,92,903 रुपये की राशि का भुगतान एवं निपटारा किया गया।

​​   राष्ट्रीय लोक अदालत के कुशल आयोजन के लिए, राज्य भर में कुल 184 लोक अदालत पीठें बनाई गईं, ताकि मुकदमे से पहले और लंबित मामलों - जैसे कि सिविल विवाद, वैवाहिक मामले, मोटर दुर्घटना क्लेम के मामले, बैंक रिकवरी के मामले, एन0आई0 एक्ट के तहत चेक बाउंस के मामले, ट्रैफिक चालान और समझौता-योग्य अपराधिक मामलों - पर सुनवाई की जा सके।
मोरनी हिल्स के प्रगतिशील किसान वीरेंद्र बाजवान को मिला ‘प्रोग्रेसिव मशरूम ग्रोअर अवॉर्ड-2026’

मोरनी, 11 सितंबर। मोरनी हिल्स, पंचकूला के प्रगतिशील मशरूम किसान वीरेंद्र बाजवान को मशरूम उत्पादन में नवाचार, वैज्ञानिक खेती, औषधीय मशरूमों के प्रचार-प्रसार और मूल्यवर्धित उत्पादों के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘प्रोग्रेसिव मशरूम ग्रोअर अवॉर्ड-2026’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान आईसीएआर-डायरेक्टोरेट ऑफ मशरूम रिसर्च, सोलन में आयोजित राष्ट्रीय मशरूम मेले के अवसर पर प्रदान किया गया।
वीरेंद्र बाजवान पिछले करीब 16 वर्षों से गैनोडर्मा/रेशी सहित औषधीय मशरूम की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक मशरूम उत्पादन और कृषि उद्यमिता को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया है।
उनके प्रयासों से क्षेत्र में मशरूम की वैज्ञानिक खेती के साथ-साथ मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी काम को बढ़ावा मिला है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने और मशरूम उत्पादन के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
वीरेंद्र बाजवान की इस उपलब्धि से मोरनी क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है और क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
पंचकूला के ज़िला कोर्ट कॉम्प्लेक्स और कालका के सब-डिविज़नल कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

पंचकूला 12 सितंबर: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हलसा) की देखरेख में आज सेक्टर 1, पंचकूला स्थित ज़िला कोर्ट कॉम्प्लेक्स और कालका स्थित सब-डिविज़नल कोर्ट कॉम्प्लेक्स में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए पंचकूला और कालका में कुल आठ बेंच बनाई गई थीं।

हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन,  जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के कामकाज का व्यक्तिगत रूप से जायज़ा लेने के लिए पंचकूला ज़िला कोर्ट कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। उनके साथ हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री जगदीप लोहान भी मौजूद थे।

उन्होंने, हलसा के सदस्य सचिव श्री जगदीप लोहान और डीएलएसए , पंचकूला के चेयरमैन-सह-ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजय संधीर के साथ लोक अदालत की बेंचों का दौरा किया और पीठासीन अधिकारियों तथा बेंचों के सामने पेश होने वाले पक्षकारों से बातचीत की। उन्होंने लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

पंचकूला की एसीजेएम सुश्री कीर्ति वशिष्ठा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सभी प्रकार के समझौता-योग्य मामलों और लोक अदालत के माध्यम से सुलझाए जा सकने वाले अन्य मामलों (जिनमें लंबित मामले और मुकदमे-पूर्व मामले शामिल हैं) पर विचार किया गया। पक्षकारों को अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि कीमती समय और पैसे की बचत हो सके और लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से बचा जा सके।

राष्ट्रीय लोक अदालत में वादियों, वकीलों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यवाही में विधिक सेवा प्राधिकरणों के मूल उद्देश्य की झलक मिली, जो समाज के सभी वर्गों को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय प्रदान करना है। 

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 31,185 मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें से 25,421 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 93,34,669 रुपये का समझौता हुआ।
पंचकूला जिला कोर्ट परिसर में आज लगी लोक अदालत, लंबी कतारों में पहुंचे लोग

पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित जिला कोर्ट परिसर में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में अपने मामलों और चालानों के निपटारे के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिसके चलते कोर्ट परिसर में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हरियाणा ने (आईआईटी)  रोपड़ के साथ किया (एमओयू), इंडस्ट्री-ओरिएंटेड टेक्निकल एजुकेशन और रोज़गार क्षमता को मिलेगा बढ़ावा

हरियाणा का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप इनोवेशन-आधारित टेक्निकल एजुकेशन इकोसिस्टम तैयार करना

(आईआईटी) रोपड़ फैकल्टी डेवलपमेंट, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस को देगा बढ़ावा

पंचकूला, 11 सितंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में आज हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। एमओयू पर स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान, सेक्टर-3, पंचकूला में हस्ताक्षर किए गए।

यह पहल हरियाणा में भविष्य के लिए तैयार, नवाचार-आधारित तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता तथा कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री एस. नारायणन, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. वाई.पी.एस. बेरवाल तथा आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एमओयू का उद्देश्य फैकल्टी डेवलपमेंट, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, पाठ्यक्रम में सुधार, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-उन्मुख कौशल विकास के माध्यम से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है। आईआईटी रोपड़ प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण तथा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के विकास के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके अलावा, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सर्टिफिकेट कोर्स, वर्कशॉप तथा एक्सपोजर विजिट आयोजित करने में भी सहयोग दिया जाएगा।

इस आपसी सहयोग के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग/3डी प्रिंटिंग जैसी उभरती तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आईआईटी रोपड़ तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव तथा आउटकम-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने में भी सहयोग करेगा।

इस सहयोग में ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, रोजगार क्षमता, उद्यमिता एवं स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी तथा डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक उन्नत तकनीकी ज्ञान और नवाचार के इकोसिस्टम का लाभ उठा सकें। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना तथा उन्हें रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ना है।

यह समझौता प्रारंभिक रूप से पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इस सहयोग से किसी भी पक्ष पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री राजेश अग्रवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता, श्रीमती मधु मान, श्री नरेंद्र पाल तथा तकनीकी शिक्षा विभाग की उप निदेशक (एकेडमिक्स) सुश्री अक्षिता गुप्ता के साथ-साथ आईआईटी रोपड़ के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. सारंग गुमफेकर एवं अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मोरनी की बेटी गरिमा ने जीता गोल्ड, बढ़ाया क्षेत्र का मान

मोरनी। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के चौथे दीक्षांत समारोह में मोरनी क्षेत्र के गांव शिल्यों निवासी राज कुमार की बेटी गरिमा शर्मा ने उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने कुल 355 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस दौरान गरिमा शर्मा को उनके शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। गरिमा की इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे मोरनी क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

गरिमा के चाचा भजन लाल शर्मा ने बताया कि गरिमा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और उन्होंने अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिभा के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि गरिमा की सफलता परिवार के लिए गर्व की बात है।

गरिमा शर्मा की इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरी जेजेपी, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

मांगें पूरी करने और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की उठाई मांग

पंचकूला, 11 सितंबर। पंचकूला सहित पूरे हरियाणा में पिछले 36 दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) खुलकर सामने आई है। शुक्रवार को जेजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सेक्टर-14 स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और सफाई कर्मचारियों की महापंचायत में शामिल होकर उनकी मांगों का समर्थन किया।
जेजेपी जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग की अगुआई में जेजेपी महिला प्रदेश प्रभारी किरण पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष केसी भारद्वाज, हलका पंचकूला अध्यक्ष राजेश निषाद, युवा नेता मुकेश वाल्मीकि, जिला प्रवक्ता सुरेश पाठक, रणधीर पंवार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पंचकूला के अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की सभी मांगें पूरी करने तथा बर्खास्त किए गए सभी कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की गई।
महापंचायत को संबोधित करते हुए ओपी सिहाग ने कहा कि सफाई कर्मचारी हर शहर की रीढ़ हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को अनदेखा नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 13 मई को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने से पीछे हट रही है, जो कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी है।
सिहाग ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें मानने के बजाय कभी पुलिस के सहारे और कभी कर्मचारियों को बर्खास्त करके उनके साथ धक्केशाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी सभी मांगों का समाधान करना चाहिए, ताकि प्रदेश में सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आमजन का जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। जेजेपी नेत्री किरण पूनिया और युवा नेता मुकेश वाल्मीकि ने भी महापंचायत में सफाई कर्मचारियों के समर्थन में अपनी बात रखी।
55 साल के शासन में कांग्रेस ने कितने गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला, बताए: सीएम सैनी

पंचकूला, 11 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने करीब 55 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन आज तक यह नहीं बता पाई कि उसके शासनकाल में कितने गरीब गरीबी रेखा से बाहर आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गरीब कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

पंचकूला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र के प्रति समर्पण के रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास मोदी सरकार के कार्यों का मुकाबला करने के लिए न कोई नीति है और न ही ठोस मुद्दा। इसलिए कांग्रेस प्रधानमंत्री को बदनाम करने के लिए बाहर से लिखी स्क्रिप्ट लेकर घूम रही है।

गरीब कल्याण को सरकार ने बनाया प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीबों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कांग्रेस के पास गरीबी के आंकड़े जरूर थे, लेकिन गरीबों को गरीबी से बाहर निकालने का हिसाब नहीं है। इसके विपरीत मोदी सरकार ने गरीब के सम्मान और जीवन स्तर को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब परिवारों को करीब 1.60 लाख मकान बनाकर दिए गए हैं। यह केवल पक्की छत देने का काम नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य देने की दिशा में कदम है।

12 करोड़ शौचालय बनाकर महिलाओं को दिया सम्मान

सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में करीब 12 करोड़ शौचालय बनवाकर महिलाओं को ‘इज्जत घर’ देने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री ने लाल किले से शौचालय निर्माण का संकल्प लिया था, तब कांग्रेस ने इसका मजाक उड़ाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि वह प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि उन गरीब महिलाओं के सम्मान का मजाक उड़ा रही थी, जिनके घरों में शौचालय तक नहीं थे।

उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया।

युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज युवाओं की बात करती है, लेकिन उसे बताना चाहिए कि जब देश का युवा अवसर मांग रहा था, तब कांग्रेस कहां थी। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों ने युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं।

सैनी ने दावा किया कि आज हरियाणा में 12,500 से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और 19 यूनिकॉर्न उभर चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद कांग्रेस का यह कहना कि सरकार ने कुछ नहीं किया, उसके विरोधाभास को दर्शाता है।

अपशब्दों से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने से कांग्रेस को जनता का विश्वास नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोदी को गाली देना उस गरीब का अपमान है, जिसे पक्का घर मिला, उस महिला का अपमान है जिसे सम्मान मिला और उस युवा का अपमान है जिसे आगे बढ़ने के अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार का विरोध करना उसका अधिकार है, लेकिन कांग्रेस के पास आज न मुद्दा है, न नीति और न ही कोई ठोस एजेंडा। सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति अब केवल विरोध और झूठे आरोपों तक सीमित रह गई है।

पंजाब में नशामुक्ति के दावों पर भी साधा निशाना

पंजाब से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने से पहले वहां नशामुक्ति के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज नशे के खिलाफ लड़ाई की हकीकत जनता के सामने है। उन्होंने एक नशापीड़ित परिवार की घटना का उल्लेख करते हुए पंजाब सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केवल वादों और खोखले दावों से जनता को लंबे समय तक गुमराह नहीं किया जा सकता।
पंचकूला जिला बार एसोसिएशन चुनाव में गौरव शर्मा अध्यक्ष निर्वाचित, पूरी कार्यकारिणी घोषित

पंचकूला, 11 सितंबर। जिला बार एसोसिएशन (DBA), पंचकूला के वार्षिक चुनाव 2026-27 के परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिए गए। चुनाव में गौरव शर्मा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि अन्य पदों पर भी विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की गई। रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से जारी घोषणा के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के बाद नई कार्यकारिणी निर्वाचित हुई है।
अध्यक्ष पद के लिए कुल 1245 वोट पड़े, जिसमें गौरव शर्मा को 786 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दिव्य प्रताप शिशोदिया को 459 वोट मिले। इस तरह गौरव शर्मा ने 327 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद पर हरि राम कशाव ने 627 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले रणधीर सिंह जगलान को 618 वोट मिले।
वाइस प्रेसिडेंट (जनरल) पद पर गगनदीप सिंह विजयी रहे। उन्हें 819 वोट मिले, जबकि जीवन सिंह सैनी को 428 वोट प्राप्त हुए।
वाइस प्रेसिडेंट (लेडी एडवोकेट के लिए आरक्षित) पद पर सोनिया सैनी ने 753 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनकी प्रतिद्वंद्वी निशा मलिक को 494 वोट मिले।
सेक्रेटरी पद पर अमित सिंह मोर ने 704 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि अशोक कुमार शर्मा को 541 वोट मिले।
नई कार्यकारिणी में ये पदाधिकारी
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी घोषणा के अनुसार अध्यक्ष गौरव शर्मा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हरि राम कशाव, वाइस प्रेसिडेंट (जनरल) गगनदीप सिंह, वाइस प्रेसिडेंट (लेडी एडवोकेट आरक्षित) सोनिया सैनी, सेक्रेटरी अमित सिंह मोर निर्वाचित हुए हैं।
इसके अलावा ज्वाइंट सेक्रेटरी (लेडी एडवोकेट आरक्षित) दीक्षा शर्मा, लाइब्रेरी सेक्रेटरी (लेडी एडवोकेट आरक्षित) सोनिया गौर और ट्रेजरर गुरिंदर सिंह चंडेल को भी निर्वाचित घोषित किया गया है।
एग्जीक्यूटिव मेंबर्स के तौर पर आजाद रोहिल्ला, गर्वित रोहिल्ला, हर्ष शर्मा, पीयूष सिंगला, रोहन धामेजा, यशु शर्मा और अभय सुपरन को चुना गया है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में खुशी का माहौल रहा। नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और बार की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंचकूला में सुरक्षित सफर की दिशा में पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की बड़ी पहल: ऑटो व ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कर जारी किए 4,250 यूनिक पहचान स्टीकर

पंचकूला में यात्रियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन 

पंचकूला/ 11 सितंबर:- पंचकूला पुलिस द्वारा जिले में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष सत्यापन एवं पहचान अभियान चलाया जा रहा है। जुलाई माह के मध्य में पुलिस कमिश्नर पंकज द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत जिले में संचालित सभी ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा का व्यापक सत्यापन कर उन्हें विभागीय यूनिक पहचान स्टीकर आवंटित किए जा रहे हैं। अभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए एसीपी ट्रैफिक सुरेन्द्र सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। 

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि जिले में पंजीकृत सभी ऑटो और ई-रिक्शा का डेटा प्राप्त कर चरणबद्ध तरीके से सत्यापन कार्य किया जा रहा है। पूर्व में सत्यापित वाहनों सहित अब तक कुल 4,250 ऑटो व ई-रिक्शा पर यूनिक पहचान स्टीकर लगाए जा चुके हैं। वाहन के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से चिपकाए गए इस स्टीकर पर वाहन पंजीकरण संख्या, चालक का आईडी कोड, निर्धारित रूट/जोन तथा विभागीय यूनिक नंबर दर्ज है। यह स्टीकर वाहन के आधिकारिक सत्यापन का प्रमाण है, जिससे पुलिस और आम नागरिक आसानी से किसी भी वाहन की पहचान कर सकेंगे और अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर नकेल कसी जा सकेगी। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में चालकों को जागरूक भी किया।

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन:  सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और पारदर्शिता किसी भी आधुनिक शहर की कानून-व्यवस्था की रीढ़ होती है। पंचकूला में दैनिक आवागमन के लिए ऑटो और ई-रिक्शा एक प्रमुख साधन हैं, ऐसे में यात्रियों विशेषकर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस यूनिक पहचान स्टीकर व्यवस्था से न केवल असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि यातायात प्रबंधन भी अधिक जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनेगा। अनधिकृत चालकों और अवैध वाहनों की पहचान तुरंत होने से आम जनता का पुलिस व परिवहन प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

पंचकूला पुलिस ने अभी तक सत्यापन न कराने वाले सभी ऑटो व ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे इस सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और समय पर सत्यापन पूर्ण कराकर विभागीय यूनिक पहचान स्टीकर अवश्य प्राप्त करें।
मारपीट की घटना के बाद पंचायत की बैठक, पीड़ित सुनील ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील

मोरनी। मोरनी क्षेत्र के ठाठर गांव निवासी सुनील ने अपने साथ हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर ग्रामीणों से पंचायत के माध्यम से शांतिपूर्ण एवं उचित समाधान निकालने की अपील की है। सुनील के अनुसार, हाल ही में मोरनी, सिल्यों और भुड़ी गांव के कुछ युवकों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई तथा उसे चलती बाइक से गिरा दिया गया।
सुनील ने कहा कि उसने आज तक किसी के साथ लड़ाई-झगड़ा नहीं किया है। उन्होंने पूरे मामले का पंचायत स्तर पर शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाधान निकालने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
घटना को लेकर शनिवार शाम 7 बजे चौधरी के बास स्थित स्कूल में बैठक रखी गई है। सुनील ने अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीणों से बैठक में पहुंचकर उसका साथ देने और हौसला बढ़ाने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि बैठक में सभी लोग मिलकर घटना पर चर्चा करेंगे और न्यायपूर्ण एवं शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद रविवार दोपहर 3 बजे संबंधित लोगों के घर जाकर पंचायत के माध्यम से बातचीत कर मामले का उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सुनील ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि यह एक डरे हुए बच्चे का मामला है और सभी लोग एकजुट होकर उसका हौसला बढ़ाने के लिए जरूर पहुंचें। उन्होंने सभी से सहयोग एवं एकजुटता बनाए रखने की अपील की है।
मोरनी–रायपुर रानी रोड खोलने और स्थायी पुनर्निर्माण की मांग, मुख्यमंत्री को दी अर्जेंट रिप्रेजेंटेशन

मोरनी। मोरनी–रायपुर रानी सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति और बार-बार हो रहे भूस्खलन को लेकर मोरनी हिल्स निवासी अधिवक्ता पंकज भंवरा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अर्जेंट रिप्रेजेंटेशन देकर सड़क को तुरंत खोलने तथा इसका स्थायी पुनर्निर्माण करवाने की मांग की है। रिप्रेजेंटेशन में विशेष रूप से पलासरा–भांगर मार्ग की स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। 

रिप्रेजेंटेशन के अनुसार मोरनी क्षेत्र पहाड़ी और भूस्खलन संभावित है तथा मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण सड़क पर मिट्टी, पत्थर और मलबा आने से यातायात बार-बार प्रभावित होता है। पलासरा और भांगर के आसपास करीब 9-10 किलोमीटर हिस्से की स्थिति विशेष रूप से खराब बताई गई है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से वाहन चालकों, रोडवेज बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
रिप्रेजेंटेशन में कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 से पलासरा–भांगर मार्ग आम यातायात के लिए पूरी तरह बंद है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों, स्कूल बसों और रोडवेज बसों सहित क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में जेसीबी से मलबा हटाने के बाद भी बारिश होते ही सड़क दोबारा प्रभावित हो जाती है। इसलिए केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाने के बजाय स्थायी तकनीकी समाधान जरूरी है।
अधिवक्ता पंकज भंवरा ने रिप्रेजेंटेशन में यह भी बताया कि उन्होंने 31 मई 2025 को भी मोरनी हिल्स की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों को विस्तृत रिप्रेजेंटेशन दी थी। इसके बाद पंचकूला के उपायुक्त की ओर से 20 जून 2025 और 5 अगस्त 2025 को अधिकारियों को सड़क की स्थिति, पुनर्निर्माण, सुरक्षा उपायों और अन्य कार्यों को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। 
रिप्रेजेंटेशन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि लंबित टेंडर प्रक्रिया को बिना देरी पूरा कर पूरे मोरनी–रायपुर रानी रोड का निर्माण निर्धारित समय सीमा में करवाया जाए। साथ ही पलासरा–भांगर मार्ग को आवश्यक अस्थायी सुरक्षा इंतजामों के साथ जल्द से जल्द खोला जाए। सड़क के स्थायी निर्माण के दौरान उचित जल निकासी, क्रॉस-ड्रेनेज, कलवर्ट, रिटेनिंग वॉल, ब्रेस्ट वॉल, टो प्रोटेक्शन, गैबियन स्ट्रक्चर और स्लोप प्रोटेक्शन जैसे कार्य करवाने की मांग भी की गई है। 
इसके अलावा सड़क पर क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय लगाने, मानसून के दौरान पर्याप्त मशीनरी व स्टाफ उपलब्ध रखने तथा बार-बार हो रहे भूस्खलन, पानी के बहाव और सड़क क्षति के कारणों की विस्तृत तकनीकी एवं संरचनात्मक जांच करवाने की मांग की गई है। 
रिप्रेजेंटेशन में अधिकारियों से पूर्व में जारी निर्देशों पर एक्शन टेकन/कंप्लायंस रिपोर्ट उपलब्ध करवाने तथा टेंडर, स्वीकृति और निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की गई है। साथ ही यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या सुरक्षा उपायों में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया गया है। 
रिप्रेजेंटेशन में स्पष्ट कहा गया है कि मोरनी–रायपुर रानी रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि मोरनी क्षेत्र के लोगों की स्कूल, अस्पताल, बाजार, रोजगार और रोजमर्रा की आवश्यक सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सड़क को अस्थायी पैचवर्क के बजाय स्थायी और सुरक्षित रूप से पुनर्निर्मित किया जाना जरूरी है।
25 वर्षों की सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को जन-जन तक पहुंचाएगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक पूरे हरियाणा में होंगे सेवा, संस्कार, नवाचार और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम; 17 सितंबर की शाम 7 बजे हर घर में जलाया जाएगा ‘आशीर्वाद का दीया’

पंचकूला , 11 सितंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्तूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के सेवा-संकल्प के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, उनके जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने और विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का व्यापक जन अभियान होगा।

मुख्यमंत्री ने पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान की तैयारियों, कार्यक्रमों और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली, प्रवीण आत्रेय और भाजपा जिला प्रधान अजय मित्तल भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 7 अक्तूबर, 2026 को कर्मयोगी, दूरदर्शी और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की शासन के माध्यम से जनसेवा और राष्ट्र सेवा की ऐतिहासिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। लगातार 25 वर्षों से राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण, अविराम एवं समर्पित सेवाओं के लिए वे उन्हें नमन करते हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनका यह 25 वर्षों का कार्यकाल सेवा, सुशासन, संकल्प और राष्ट्र निर्माण का प्रेरणादायी अध्याय है। उन्होंने कहा कि 7 अक्तूबर, 2001 को गुजरात के पुनर्निर्माण से प्रारंभ हुई उनकी विकास यात्रा आज विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विराट संकल्प का स्वरूप धारण कर चुकी है। यह 25 वर्षों की यात्रा किसी एक व्यक्ति की यात्रा नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते आत्मविश्वास की यात्रा है। प्रधानमंत्री जी की इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने सत्ता को सुख का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। उन्होंने राजनीति की कार्य-संस्कृति को बदलकर यह साबित किया है कि यदि नेतृत्व की नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो, तो आम नागरिक के जीवन में असाधारण परिवर्तन लाया जा सकता है।

हरियाणा से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव : 86 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रहा है। इसलिए, हरियाणा से उनका विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 18 बार हरियाणा आए हैं। इस दौरान उन्होंने हरियाणा को 86 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है। इसके अलावा, पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी हरियाणा को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी हैं, उनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रेल कोच रिपेयर फैक्ट्री, के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे, के.जी.पी. एक्सप्रेसवे, बल्लभगढ़-मुजेसर, मुंडका-बहादुरगढ़, गुरुग्राम-सिकंदरपुर, फरीदाबाद-बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक, रोहतक व कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन, रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर और झज्जर स्थित एम्स के परिसर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, रेवाड़ी में एम्स जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। यही नहीं, हाल ही में उन्होंने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भी जींद-सोनीपत रेलमार्ग पर किया है।

17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ : सेवा, संस्कार और जनभागीदारी का महाअभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ‘सेवा दिवस’ से होगा। इस दिन रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे और शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम होगा। उन्होंने हरियाणा के प्रत्येक परिवार से आह्वान किया कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं। जब हर घर में सेवा और संकल्प का दीप जलेगा, तो पूरा हरियाणा प्रधानमंत्री के प्रति अपनी आत्मीयता और आभार की भावना से जगमगा उठेगा।

उन्होंने कहा कि आगामी 17 सितंबर से 7 अक्तूबर के बीच सभी विद्यालयों में चित्रकला तथा भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की परिवर्तन यात्रा को 2 अक्तूबर को नुक्कड़ नाटकों, संगीत, संवाद और भावनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए गांव-गांव पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई जन-कल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों परिवारों के जीवन में परिवर्तन आया है। उनकी कहानियां अक्सर सामने नहीं आ पातीं। इस दौरान, ऐसी अनकही कहानियां समाज के सामने लाई जाएंगी। आगामी 25 सितंबर से 7 अक्तूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें माताओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी होगी। इन कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान का सम्मान किया जाएगा। इसी प्रकार, ‘देश के 25 लाख नागरिकों की सच्ची परिवर्तन कथाएं आम लोगों के सामने लाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि गांवों और जिलों में अलग-अलग दिशाओं से पैदल यात्राएं और बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी।

प्रत्येक नागरिक समाज के लिए देगा कम से कम 25 मिनट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के योगदान से बनेगा। इसी भावना से एक अभियान चलाया जाएगा। इसमें सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक नागरिक समाज के लिए कम से कम 25 मिनट दे। कोई रक्तदान करे, कोई पौधारोपण करे, कोई स्वच्छता अभियान चलाए, कोई बुजुर्गों को डिजिटल तकनीक सिखाए और कोई जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाए। नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला स्वास्थ्य और अंगदान के प्रति जागरूकता भी सेवा का माध्यम बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से उनकी वर्तमान कर्मभूमि वाराणसी तथा वाराणसी से वडनगर तक विशेष सेवा यात्राएं निकाली जाएंगी। ये यात्राएं 20 अलग-अलग टोलियों व मार्गों से लगभग 10 राज्यों से गुजरेंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। वहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी तथा लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की कला, संस्कृति और विकसित भारत के सपने को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मानव समूहों द्वारा रंगोली बनाई जाएंगी।

युवाओं और नव-प्रवर्तकों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम के तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, पेशेवरों और जमीनी नव-प्रवर्तकों को मंच दिया जाएगा। यहां से चयनित इनोवेटर्स को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भेजा जाएगा। वहां उनके नवाचारों का लाइव प्रदर्शन और डेमो होगा, युवा संवाद आयोजित किया जाएगा तथा सर्वश्रेष्ठ नवाचारों को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का भव्य समापन 17 अक्तूबर को होगा। इसमें देशभर से लगभग सवा लाख सरपंच और अन्य जन-प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें हरियाणा के भी हजारों जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पूरे हुए हैं, लेकिन यह पड़ाव विराम नहीं—विकसित भारत के संकल्प की अगली शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

25 वर्ष सत्ता के नहीं, सेवा के; राजनीति के नहीं, राष्ट्रनीति के

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के मंत्र पर चलते हुए जो भी संकल्प लिया, उसे सिद्धि तक पहुंचाया है। आज उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मंचों पर केवल अपनी बात रखने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व को दिशा देने वाला ‘विश्वमित्र’ बनकर उभरा है। यह परिवर्तन उनके दूरदर्शी, निर्णायक और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व का परिणाम है। उनका मूलमंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ अंत्योदय तथा समावेशी विकास की राष्ट्रीय नीति बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की तपस्या, त्याग और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा उनके सेवा संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।

गुजरात से देश तक : विकास और सुशासन की प्रेरणादायी यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नर्मदा परियोजना के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाने का काम किया। उन्होंने ज्योति ग्राम योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बिजली पहुंचाई और वाइब्रेंट गुजरात के माध्यम से राज्य को निवेश तथा उद्योग का बड़ा केंद्र बनाया। गुजरात की विकास दर और वहां अपनाया गया प्रशासनिक मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए प्रतिस्पर्धी विकास का उदाहरण बना। उन्होंने केवल गुजरात के शहरों का ही विकास नहीं किया, बल्कि गांवों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा। गुजरात में स्थापित इसी विकास और सुशासन के मॉडल को उन्होंने वर्ष 2014 के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पद बदलते रहे, दायित्व बढ़ते रहे, परिस्थितियां बदलती रहीं, लेकिन एक संकल्प कभी नहीं बदला—राष्ट्र प्रथम।

‘फ्रेजाइल फाइव’ से विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत का उदय

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में निराशा का वातावरण था। सरकार निर्णय नहीं ले पा रही थी और नीतियां अटकी हुई थीं। दुनिया भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिनती थी। आज वही भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यह बदलाव अपने आप नहीं आया। इसके पीछे प्रधानमंत्री का स्पष्ट विजन, निर्णायक नेतृत्व और 140 करोड़ भारतीयों के पुरुषार्थ पर अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला भारतीय नागरिक गर्व से यह कहता है कि वह भारत का नागरिक है। पहले विदेशों में हमारे नागरिकों को अपनी पहचान बतानी पड़ती थी, आज दुनिया भारतीय पासपोर्ट का सम्मान करती है। यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का ही प्रतिफल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर निर्णायक नीति : आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था, जब आतंकवाद की घटनाएं होती थीं और सरकारें केवल बयान देकर रह जाती थीं। आम नागरिकों के मन में आतंकवाद का डर रहता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारी बाहरी और आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है। नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कार्रवाई की गई है। कभी 200 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित माने जाते थे। आज ये जिले नक्सल प्रभाव से मुक्त होकर शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2016 में उरी हमले का जवाब भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक करके दिया। वर्ष 2019 में पुलवामा के बाद बालाकोट में हवाई हमला कर भारत ने यह संदेश दिया कि अब भारत की नीति केवल सहनशीलता की नहीं, निर्णायक जवाब की है और हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने एक बार फिर सिद्ध किया कि आतंकवाद के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट, निर्णायक और अडिग है।

विकास के साथ विरासत और संस्कृति का पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करना भी सीखा है। भव्य व दिव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, सोमनाथ तीर्थ का विकास और महाकाल लोक का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। आज भारत अंतरिक्ष में भी अपनी शक्ति दिखा रहा है और अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता पर गर्व भी कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि अब भारत दुनिया की बड़ी शक्तियों में शामिल हो गया है। एक समय था, जब भारत दुनिया से तकनीक मांगता था। आज प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन के अनुरूप देश अपनी उन्नत तकनीक के बल पर न केवल मिसाइलें बना रहा है, बल्कि सूर्य यान, चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशन भी पूरे कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की ताकत देखी है।

गरीब कल्याण : 25 वर्षों की यात्रा, करोड़ों जीवनों में बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा कैलेंडर के पन्नों की नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के जीवन में आए बदलावों की यात्रा है। प्रधानमंत्री ने सरकार की योजनाओं के केंद्र में उस गरीब को रखा, जिसकी कभी सत्ता के गलियारों तक आवाज नहीं पहुंचती थी। उनके नेतृत्व और गरीब-कल्याण की सोच का ही परिणाम है कि लगभग 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

उन्होंने कहा कि लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी गरीब परिवार को भूखा न सोना पड़े। देश के 100 करोड़ से अधिक नागरिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है। लगभग 12 करोड़ शौचालय बनाकर गरीब परिवारों, विशेषकर माताओं-बहनों को स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया गया है। गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक पक्के मकान बनाए गए हैं। ये गरीब के आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की गारंटी हैं। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान, जब बड़ी-बड़ी व्यवस्थाएं लड़खड़ा गई थी, तब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने अपने नागरिकों को लगभग 200 करोड़ मुफ्त वैक्सीन डोज देने का अभूतपूर्व कार्य किया।

युवा शक्ति, स्टार्टअप और खेल : नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बन रहे युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश का युवा अवसरों की कमी और निराशा से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री जी ने युवा शक्ति को आशा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता से जोड़ा। स्टार्टअप इंडिया के कारण आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। हमारे युवा अब केवल नौकरी मांगने वाले हैं, बल्कि स्टार्टअप और यूनिकॉर्न के माध्यम से रोजगार देने वाले ‘जॉब गिवर’ बनकर उभर रहे हैं। इसके अलावा, नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशे के विरुद्ध 10 करोड़ से अधिक युवाओं को जागरूक किया गया है। मेक इन इंडिया ने युवाओं को निर्माण और नवाचार के नए अवसर दिए हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया ने खेलों को जन-आंदोलन बनाकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का मजबूत मंच तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 मई, 1996 को संसद में अपने विश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, “यह देश रहेगा, इस देश का लोकतंत्र अमर रहेगा।” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा भी इसी भावना का विस्तार है, जहां सत्ता की राजनीति से ऊपर सदैव राष्ट्र रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी उपलब्धि पद पर बने रहना नहीं, जनता के विश्वास को लगातार अर्जित करना है।

महिला सशक्तीकरण : ‘वुमेन-लेड डेवलपमेंट’ से आर्थिक आत्मनिर्भरता तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केवल महिला सशक्तिकरण की बात होती थी, लेकिन धरातल पर कुछ किया नहीं जाता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘वुमेन-लेड डेवलपमेंट’ का मंत्र दिया। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से प्रारंभ हुई यह यात्रा आज 3 करोड़ लखपति दीदी के रूप में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता तक पहुंच चुकी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा को अपराध घोषित कर मुस्लिम बहनों को न्याय और सम्मान का अधिकार दिया। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए डबल इंजन सरकार वाले उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में यह मिसाल कायम की कि हर महिला को, चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से हो, समान अधिकार मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना’ के तहत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जिससे सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं, जिससे लिंगानुपात और उच्च शिक्षा में बड़ा सुधार हुआ है। देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स की कमान महिलाओं के हाथों में है। देश में 92 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। पी.एम. मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को 17 लाख करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं।

किसान कल्याण : कृषि को आधुनिक, समृद्ध और लाभकारी बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया गया है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6 हजार रुपये की वार्षिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। अब तक 4 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की किसान सम्मान निधि दी जा चुकी है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत 4 करोड़ 20 लाख किसानों को लाभ मिला है। E-NAM प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1 हजार 656 मंडियां और 1 करोड़ 80 लाख से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय लोन की सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के टॉप-10 देशों में शामिल हुआ है। पी.एम. मत्स्य संपदा योजना से देश में मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से दोगुना होकर अब लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है।
मांधना स्कूल सड़क मार्ग पर उगी झाड़ियां बनी परेशानी, हादसों का बढ़ा खतरा

मांधना। मांधना स्कूल जाने वाले सड़क मार्ग के दोनों तरफ कांग्रेस घास और भांग के पौधे व झाड़ियां उग आने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क मार्ग संकरा होने के कारण खासकर उस समय स्थिति गंभीर हो जाती है, जब आमने-सामने से बड़ी बस या ट्रक आ जाता है।
इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चे और ग्रामीण भी पैदल इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। दोनों तरफ झाड़ियां होने के कारण पैदल चलने वालों को सड़क किनारे पर्याप्त जगह नहीं मिलती। वहीं, बस या ट्रक आने पर वाहन चालकों को भी सड़क से निकलने में काफी दिक्कत होती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क के दोनों ओर झाड़ियां और घास उगी हुई है, लेकिन अभी तक इसकी सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क के दोनों तरफ उगी कांग्रेस घास, भांग और झाड़ियों को जल्द हटाया जाए, ताकि वाहन चालकों, विद्यार्थियों और राहगीरों को सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह मिल सके और किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।
मांधना स्कूल में खंड स्तरीय युवा ग्राम सभा प्रतियोगिता का आयोजन, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया
पिंजौर खंड के धतोगरा स्कूल में युवा ग्राम सभा का आयोजन, विद्यार्थियों ने निभाई लोकतांत्रिक भूमिकाएं
मोरनी हिल्स की सड़कों का बुरा हाल, गड्ढों से ग्रामीणों में रोष

मोरनी। हरियाणा के एकमात्र हिल स्टेशन मोरनी हिल्स में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में रोष है। चंडी मंदिर-जल्लाह-थापली क्षेत्र में सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और विभागीय लापरवाही के चलते सड़क कुछ समय बाद ही खराब हो गई।

जल्लाह-थापली-मोरनी मार्ग पर सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार जल्लाह-थापली-मोरनी रोड की हालत बेहद खराब है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि गड्ढों में वाहन गिरने से दोपहिया वाहनों में बार-बार खराबी आ रही है और उन्हें मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

अम्बवाला से कन्या देवी मंदिर तक भी सड़क जर्जर
अम्बवाला से कन्या देवी मंदिर के आसपास सड़क पर दूर-दूर तक गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। भोज मटोर और थापली पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।

वहीं, नंदपुर से थापली रोड की स्थिति भी निर्माण के समय से ही खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर कई कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं।

सड़क किनारे मलबे से भी हादसों का खतरा
थापली सरपंच सुनील कुमार, मनोज शर्मा, शिवम विजय शर्मा, अजय शर्मा, नवीन शर्मा और अनुज सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के दोनों ओर मलबे के ढेर लगे हुए हैं। इससे सड़क संकरी होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों पर्यटक और निजी वाहन गुजरते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद जल्द मरम्मत का आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

अधिकारियों के दौरे की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे उपायुक्त पंचकूला और संबंधित उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सड़क की स्थिति दिखाएंगे और विभागीय लापरवाही को उजागर करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पर्यटक सीजन और आम लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है।
31 अगस्त से बंद मोरनी–रायपुर रानी मार्ग को खोलने की मांग, अधिवक्ता पंकज भंवरा ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

मोरनी। मोरनी–रायपुर रानी मार्ग, विशेषकर पलासरा–भंगार stretch, 31 अगस्त 2026 से बंद होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों, वाहन चालकों और आम यात्रियों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस समस्या को लेकर मोरनी निवासी अधिवक्ता पंकज भंवरा ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग, इंजीनियर-इन-चीफ लोक निर्माण विभाग, उपायुक्त पंचकूला, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग पंचकूला, एसडीओ लोक निर्माण विभाग मोरनी हिल्स और बीडीपीओ मोरनी हिल्स को ई-मेल एवं स्पीड पोस्ट के माध्यम से विस्तृत रिप्रेजेंटेशन भेजी है।

रिप्रेजेंटेशन में कहा गया है कि मोरनी क्षेत्र पहाड़ी और भूस्खलन प्रभावित इलाका है। बरसात के दौरान सड़क पर बार-बार मिट्टी, मलबा और पत्थर आने के साथ जलभराव की स्थिति बन रही है। पलासरा–भंगार के करीब 9 से 10 किलोमीटर हिस्से को विशेष रूप से खराब स्थिति में बताया गया है। दस्तावेज में कहा गया है कि बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और मलबा जमा होने से वाहनों, हरियाणा रोडवेज बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।

अधिवक्ता ने यह भी बताया कि सड़क की समस्या को लेकर पहले 31 मई 2025 को संबंधित अधिकारियों को रिप्रेजेंटेशन दिया गया था। इसके बाद उपायुक्त पंचकूला की ओर से 20 जून 2025 और 5 अगस्त 2025 को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इनमें क्षतिग्रस्त सुरक्षात्मक दीवारों के पुनर्निर्माण, सड़क की मरम्मत व कारपेटिंग, क्रैश बैरियर एवं रिफ्लेक्टर लगाने, सुरक्षा निरीक्षण और अन्य आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।

रिप्रेजेंटेशन में मांग की गई है कि लंबित टेंडर प्रक्रिया को बिना किसी और देरी के पूरा किया जाए और मोरनी–रायपुर रानी मार्ग का स्थायी निर्माण निर्धारित समय सीमा में कराया जाए। साथ ही पलासरा–भंगार मार्ग को आवश्यक अस्थायी सुरक्षा उपायों के साथ सुरक्षित तरीके से जल्द खोलने, जल निकासी की व्यवस्था करने, रिटेनिंग व प्रोटेक्टिव वॉल का निर्माण, क्रैश बैरियर व चेतावनी बोर्ड लगाने तथा भूस्खलन के कारणों की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि केवल बार-बार जेसीबी से मलबा हटाना स्थायी समाधान नहीं है। सड़क के लिए उचित ड्रेनेज, स्लोप प्रोटेक्शन, रिटेनिंग स्ट्रक्चर और मजबूत सड़क निर्माण जैसी स्थायी व्यवस्थाएं जरूरी हैं। साथ ही प्रशासन से पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों पर हुई कार्रवाई, टेंडर, स्वीकृतियों और निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

अधिवक्ता पंकज भंवरा ने स्पष्ट किया है कि यदि उचित समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और सड़क को सुरक्षित तरीके से नहीं खोला गया, तो जनहित, यात्रियों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्षम न्यायालय अथवा अन्य उचित कानूनी मंच का रुख किया जाएगा।

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