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जल जीवन मिशन ने बदली पमारिया की तस्वीर: अब हर घर तक पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल .. केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन – हर घर जल योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले के पमारिया ग्राम में इस योजना की सफलता ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने वाले इस गांव के लोग आज घर बैठे स्वच्छ पेयजल की सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पानी के लिए रोजाना करना पड़ता था संघर्ष - कुछ वर्ष पहले तक पमारिया गांव में पेयजल की समस्या गंभीर थी। ग्रामीणों को दैनिक उपयोग और पीने के पानी के लिए लगभग दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बालिकाओं को होती थी, जिन्हें सिर पर पानी के बर्तन रखकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गर्मी, सर्दी या बरसात—हर मौसम में यह कठिन दिनचर्या उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। पानी लाने में कई घंटे खर्च हो जाते थे, जिससे घरेलू कार्यों और अन्य गतिविधियों पर भी असर पड़ता था। हर घर जल योजना से मिली बड़ी राहत - जल जीवन मिशन के तहत गांव में नल-जल व्यवस्था विकसित होने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा रहा है। गांव की निवासी एवं योजना की लाभार्थी श्रीमती रामवती साहू बताती हैं कि पहले पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता था, लेकिन अब घर पर ही नल से साफ पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे उनका जीवन काफी आसान और सुविधाजनक बन गया है। नियमित जल आपूर्ति बनी योजना की विशेषता - योजना की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण इसकी नियमित जल आपूर्ति है। श्रीमती रामवती साहू के अनुसार पिछले छह महीनों में केवल चार दिन ही तकनीकी कारणों से जल आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि शेष दिनों में लगातार घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचता रहा। इससे ग्रामीणों का भरोसा योजना पर और अधिक मजबूत हुआ है। महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव - नल से जल उपलब्ध होने के कारण महिलाओं को अब पानी लाने में समय और श्रम नहीं लगाना पड़ता। बचा हुआ समय वे बच्चों की देखभाल, घरेलू कार्यों तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा पा रही हैं। इससे परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य और स्वच्छता को मिला बढ़ावा - घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचने से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हुआ है। सुरक्षित पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही स्वच्छता संबंधी आदतों को भी बढ़ावा मिला है। सम्मान और सुविधा का प्रतीक बनी योजना - जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का माध्यम भी बन रही है। पमारिया गांव की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकार की योजनाएं जब प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू होती हैं, तो वे लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं। आज पमारिया के ग्रामीणों के लिए स्वच्छ जल केवल सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की आधारशिला बन चुका है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

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सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए तहसीलदार ने किया विदिशा के कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण
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विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में विदिशा तहसीलदार श्रीमती प्रीति पंथी ने मंगलवार को नगर में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित पांच कोचिंग सेंटरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
    
तहसीलदार श्रीमती पंथी ने कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, पेयजल व्यवस्था, विद्यार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
     
निरीक्षण के दौरान सभी कोचिंग सेंटरों में विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गईं। कहीं फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे तो कहीं स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कोचिंग संचालकों के विरुद्ध नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

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#JansamparkMP #vidisha

सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए तहसीलदार ने किया विदिशा के कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण .. विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में विदिशा तहसीलदार श्रीमती प्रीति पंथी ने मंगलवार को नगर में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित पांच कोचिंग सेंटरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। तहसीलदार श्रीमती पंथी ने कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, पेयजल व्यवस्था, विद्यार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान सभी कोचिंग सेंटरों में विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गईं। कहीं फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे तो कहीं स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कोचिंग संचालकों के विरुद्ध नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 24, 2026

नशा मुक्ति और दिव्यांग बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता का संदेश, जिला शिक्षा केंद्र विदिशा का विशेष कार्यक्रम संपन्न 
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जिला शिक्षा केंद्र विदिशा के तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान तथा दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रावास चिन्हांकन संबंधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में लगभग 70 से 80 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विषय की गंभीरता को समझा और अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान एपीसी आईईडी श्रीमती ज्योति केदार ने नशा मुक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।

श्रीमती केदार ने दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन, उनके अधिकारों तथा शासन द्वारा संचालित छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र दिव्यांग बच्चा शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए समुदाय और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि वह ऐसे बच्चों की शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के लिए सहयोग प्रदान करे। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने में मदद करें।

इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य केंद्र करैया खेड़ा से आईं श्रीमती बबीता शर्मा ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ता है। इसलिए जागरूकता अभियान और सामूहिक प्रयास ही इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकते हैं। उन्होंने सभी से नशा विरोधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में एमआरसी विदिशा से नीता नागरानी, एमआरसी ग्यारसपुर से रूपेश मालवीय तथा एमआरसी लटेरी से सतीश शर्मा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं पीएस कन्या खारी फाटक के समस्त स्टाफ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति के सामाजिक प्रभाव, उससे बचाव के उपायों तथा दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। साथ ही दिव्यांग बच्चों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा पात्र बच्चों को इन सुविधाओं से जोड़ने का भी संकल्प व्यक्त किया। उपस्थितजनों ने इस पहल को समाज हित में एक प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए इसकी सराहना की। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वल्पाहार वितरित किया गया।

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#JansamparkMP #vidisha

नशा मुक्ति और दिव्यांग बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता का संदेश, जिला शिक्षा केंद्र विदिशा का विशेष कार्यक्रम संपन्न .. जिला शिक्षा केंद्र विदिशा के तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान तथा दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रावास चिन्हांकन संबंधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में लगभग 70 से 80 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विषय की गंभीरता को समझा और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान एपीसी आईईडी श्रीमती ज्योति केदार ने नशा मुक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे। श्रीमती केदार ने दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन, उनके अधिकारों तथा शासन द्वारा संचालित छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र दिव्यांग बच्चा शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए समुदाय और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि वह ऐसे बच्चों की शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के लिए सहयोग प्रदान करे। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने में मदद करें। इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य केंद्र करैया खेड़ा से आईं श्रीमती बबीता शर्मा ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ता है। इसलिए जागरूकता अभियान और सामूहिक प्रयास ही इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकते हैं। उन्होंने सभी से नशा विरोधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एमआरसी विदिशा से नीता नागरानी, एमआरसी ग्यारसपुर से रूपेश मालवीय तथा एमआरसी लटेरी से सतीश शर्मा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं पीएस कन्या खारी फाटक के समस्त स्टाफ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति के सामाजिक प्रभाव, उससे बचाव के उपायों तथा दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। साथ ही दिव्यांग बच्चों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा पात्र बच्चों को इन सुविधाओं से जोड़ने का भी संकल्प व्यक्त किया। उपस्थितजनों ने इस पहल को समाज हित में एक प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए इसकी सराहना की। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 24, 2026

शिक्षा संबल योजना में विदिशा के तीन विद्यार्थियों का चयन, कोटा में मिलेगी निःशुल्क नीट कोचिंग
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के प्रयास रंग लाए, विदिशा के विद्यार्थियों ने फिर बढ़ाया जिले का मान
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शासकीय विद्यालयों के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला कोटा में निःशुल्क नीट कोचिंग का अवसर
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप विदिशा जिले के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। शिक्षा संबल योजना अंतर्गत आयोजित निःशुल्क नीट कोचिंग प्रवेश परीक्षा के फाइनल घोषित परिणामों में जिले के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय विदिशा के दो मेधावी विद्यार्थियों सुमित कुमार बैरागी, मनु तिवारी एवं शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कसवा बगरोद की मेधावी छात्रा संगीता चिडार का चयन हुआ है। चयनित तीनों विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित कोचिंग हब कोटा में निःशुल्क नीट कोचिंग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
    
उल्लेखनीय है कि शिक्षा संबल योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को केवल निःशुल्क कोचिंग ही नहीं, बल्कि आवास, भोजन एवं अध्ययन से संबंधित आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण समर्पण के साथ तैयारी कर सकें।
    
कलेक्टर श्री गुप्ता के विशेष प्रयासों से विदिशा को परीक्षा के लिए सेंटर बनाया गया एवं जिले के विद्यार्थियों को अन्य शहरों में जाकर परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे विद्यार्थियों को सहभागिता करने में और आर्थिक दृष्टि से भी बड़ी राहत प्राप्त हुई। अब परीक्षा परिणाम में जिले के तीन विद्यार्थियों का चयन होना इस पहल की सफलता को और अधिक सार्थक बनाता है।

यह सफलता न केवल इन विद्यार्थियों की मेहनत और लगन का प्रतिफल है, बल्कि यह जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और उचित मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
    
जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि वे भविष्य में चिकित्सक, एवं अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित कर जिले और प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर सकें।

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शिक्षा संबल योजना में विदिशा के तीन विद्यार्थियों का चयन, कोटा में मिलेगी निःशुल्क नीट कोचिंग .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के प्रयास रंग लाए, विदिशा के विद्यार्थियों ने फिर बढ़ाया जिले का मान .. शासकीय विद्यालयों के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला कोटा में निःशुल्क नीट कोचिंग का अवसर .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप विदिशा जिले के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। शिक्षा संबल योजना अंतर्गत आयोजित निःशुल्क नीट कोचिंग प्रवेश परीक्षा के फाइनल घोषित परिणामों में जिले के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय विदिशा के दो मेधावी विद्यार्थियों सुमित कुमार बैरागी, मनु तिवारी एवं शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कसवा बगरोद की मेधावी छात्रा संगीता चिडार का चयन हुआ है। चयनित तीनों विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित कोचिंग हब कोटा में निःशुल्क नीट कोचिंग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि शिक्षा संबल योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को केवल निःशुल्क कोचिंग ही नहीं, बल्कि आवास, भोजन एवं अध्ययन से संबंधित आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण समर्पण के साथ तैयारी कर सकें। कलेक्टर श्री गुप्ता के विशेष प्रयासों से विदिशा को परीक्षा के लिए सेंटर बनाया गया एवं जिले के विद्यार्थियों को अन्य शहरों में जाकर परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे विद्यार्थियों को सहभागिता करने में और आर्थिक दृष्टि से भी बड़ी राहत प्राप्त हुई। अब परीक्षा परिणाम में जिले के तीन विद्यार्थियों का चयन होना इस पहल की सफलता को और अधिक सार्थक बनाता है। यह सफलता न केवल इन विद्यार्थियों की मेहनत और लगन का प्रतिफल है, बल्कि यह जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और उचित मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि वे भविष्य में चिकित्सक, एवं अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित कर जिले और प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर सकें। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 24, 2026

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल: 113 महिलाओं के बने नि:शुल्क लर्निंग लाइसेंस 
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महिलाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर वाहन संचालन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय, विदिशा द्वारा आयोजित नि:शुल्क लर्निंग लाइसेंस शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कलेक्टर के निर्देशानुसार आयोजित इस विशेष शिविर में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 113 महिलाओं के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए।

जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरजेश वर्मा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया से जोड़ना तथा उन्हें सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना था। शिविर के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिला आवेदिकाओं को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन तथा ऑनलाइन टेस्ट संबंधी विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया।

परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘सारथी’ पोर्टल के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाती है। महिलाओं को दोपहिया एवं चारपहिया वाहन के लर्निंग लाइसेंस के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आवेदन के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें 12 या उससे अधिक सही उत्तर देने पर आवेदिका उत्तीर्ण घोषित होती है और उसका लर्निंग लाइसेंस ऑनलाइन जारी कर दिया जाता है।

शिविर में महिलाओं ने आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण की। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्येक आवेदिका को व्यक्तिगत रूप से सहयोग प्रदान किया, जिससे आवेदन से लेकर ऑनलाइन टेस्ट तक की पूरी प्रक्रिया सहज एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकी।

जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित करने की दिशा में भविष्य में भी ऐसे विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जिले की अधिक से अधिक महिलाओं से शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही इस नि:शुल्क सुविधा का लाभ उठाने का आग्रह किया।

शिविर की सफलता में परिवहन विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप 113 महिला आवेदिकाओं के लर्निंग लाइसेंस सफलतापूर्वक बनाए जा सके, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल: 113 महिलाओं के बने नि:शुल्क लर्निंग लाइसेंस .. महिलाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर वाहन संचालन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय, विदिशा द्वारा आयोजित नि:शुल्क लर्निंग लाइसेंस शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कलेक्टर के निर्देशानुसार आयोजित इस विशेष शिविर में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 113 महिलाओं के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए। जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरजेश वर्मा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया से जोड़ना तथा उन्हें सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना था। शिविर के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिला आवेदिकाओं को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन तथा ऑनलाइन टेस्ट संबंधी विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया। परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘सारथी’ पोर्टल के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाती है। महिलाओं को दोपहिया एवं चारपहिया वाहन के लर्निंग लाइसेंस के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आवेदन के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें 12 या उससे अधिक सही उत्तर देने पर आवेदिका उत्तीर्ण घोषित होती है और उसका लर्निंग लाइसेंस ऑनलाइन जारी कर दिया जाता है। शिविर में महिलाओं ने आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण की। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्येक आवेदिका को व्यक्तिगत रूप से सहयोग प्रदान किया, जिससे आवेदन से लेकर ऑनलाइन टेस्ट तक की पूरी प्रक्रिया सहज एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकी। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित करने की दिशा में भविष्य में भी ऐसे विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जिले की अधिक से अधिक महिलाओं से शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही इस नि:शुल्क सुविधा का लाभ उठाने का आग्रह किया। शिविर की सफलता में परिवहन विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप 113 महिला आवेदिकाओं के लर्निंग लाइसेंस सफलतापूर्वक बनाए जा सके, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 23, 2026