लखनऊ में आंदोलन करने जा रहे डॉ. वीके वर्मा और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा नजरबंद, संविदा स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश
नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग; डॉ. वर्मा बोले—दमन नहीं, समस्याओं का समाधान करे सरकार
बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों को लेकर आंदोलन में शामिल होने लखनऊ जा रहे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. वीके वर्मा और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा को सोमवार को नगर पुलिस ने गोटवा स्थित पटेल एसएमएच हॉस्पिटल में नजरबंद कर दिया। दोनों को उस समय रोका गया, जब वे आंदोलन में भाग लेने के लिए लखनऊ रवाना हो रहे थे।
इस कार्रवाई को लेकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों और आंदोलन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर जिले के करीब 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार तीन दिनों तक कार्य बहिष्कार किया था। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाई गई थीं।
उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने 12 अक्टूबर को लखनऊ में आंदोलन करने का निर्णय लिया। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा रवाना हो रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया।
डॉ. वर्मा ने कहा कि संविदा स्वास्थ्यकर्मी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के दिशा-निर्देश पर आगे भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद जताते हुए सरकार से सकारात्मक पहल करने की अपील की।
Basti, Basti | Oct 12, 2026