मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, हरदोई में शिक्षकों को वितरित किए गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से किया। इस दौरान प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।
शासन के निर्देश पर हरदोई में जनपद स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जे.के. ग्रांड रिसॉर्ट, पिहानी रोड पर किया गया, जहां वाराणसी से आयोजित मुख्य कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल तथा अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पी.के. वर्मा, जिलाधिकारी अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल, नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, उप जिलाधिकारी सदर संजय अग्रहरि सहित शिक्षा विभाग, प्रशासन और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। योजना के अंतर्गत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा उनके पात्र आश्रित सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्य अतिथि नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षकों के हित में शुरू की गई यह योजना ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है। इससे शिक्षकों एवं उनके परिवारों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं और सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ा है।
योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण, आधार आधारित ई-केवाईसी तथा डिजिटल कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय स्टेट बैंक और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए। अंत में सभी पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों से निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध पंजीकरण कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई।