गोद लिया गांव, फिर भूल गए मंत्री जी?
गांधी जयंती पर तिलपत से बजेगा आंदोलन का बिगुल
बदहाली और प्रवासियों के अपमान के खिलाफ विशाल महापंचायत का ऐलान
महाभारतकालीन और ऐतिहासिक गांव तिलपत की बदहाल स्थिति तथा पूर्वांचली एवं बिहारी समाज के कथित अपमान को लेकर सियासी मोर्चा खुल गया है। एनआईटी से पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर तिलपत में विशाल महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है।
नीरज शर्मा के अनुसार, महापंचायत में 10 से 15 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए बड़ा पंडाल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन गांव की मूलभूत समस्याओं, सरकारी व्यवस्थाओं में कथित भ्रष्टाचार और प्रवासी समाज के सम्मान की लड़ाई को निर्णायक मंच प्रदान करेगा।
बाबा सूरदास का आशीर्वाद लेकर शुरू होगा आंदोलन
पूर्व विधायक ने बताया कि 30 अगस्त को आयोजित पंचायत में सर्वसम्मति से दो अक्टूबर को तिलपत में महापंचायत बुलाने का फैसला लिया गया था। आंदोलन की शुरुआत बाबा सूरदास का आशीर्वाद लेकर की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महात्मा गांधी ने चंपारण से अन्याय के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया था, उसी प्रकार तिलपत की धरती से भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और प्रवासियों के कथित अपमान के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
गोद लिए गांव की हालत पर उठाए सवाल
नीरज शर्मा ने तिलपत का जमीनी दौरा करते हुए गांव की स्थिति को लेकर स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा गोद लिए जाने के बावजूद ऐतिहासिक गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
पूर्व विधायक ने दावा किया कि गांव में बना आयुष आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र जर्जर हो चुका है। इसकी दीवारें, छज्जे और मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त हैं तथा किसी भी समय हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
बिना बारिश गलियों में पानी, नई सड़क भी टूटी
नीरज शर्मा के मुताबिक, गांव में जल निकासी और सीवरेज की समुचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण बारिश न होने पर भी कई सड़कों और गलियों में बदबूदार पानी तथा कीचड़ जमा रहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले बनी कंक्रीट की सड़क टूटकर गड्ढों में बदल चुकी है। सड़क के बीच खुले मैनहोल दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। उखड़े खरंजों और जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों के कारण मच्छर पनप रहे हैं और ग्रामीण बीमारियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
पूर्वांचली और बिहारी समाज के सम्मान की लड़ाई
पूर्व विधायक ने नगर निगम के कुछ अधिकारियों पर पूर्वांचली और बिहारी समाज के लोगों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के निर्माण, उद्योग और विकास में प्रवासी श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। चुनाव के समय राजनीतिक दल उनसे समर्थन मांगते हैं, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उनके सम्मान की अनदेखी की जाती है।
नीरज शर्मा ने कहा कि प्रवासी समाज का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दो अक्टूबर की महापंचायत उनके स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए निर्णायक मंच बनेगी।
सरकार और केंद्रीय मंत्री पर साधा निशाना
नीरज शर्मा ने प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री पर विकास कार्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जनता के टैक्स का पैसा बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होने के बजाय कथित रूप से ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने वाले अधूरे और घटिया निर्माण कार्यों में लगाया जा रहा है।
उन्होंने नगर निगम से जुड़े कथित 200 करोड़ रुपये के घोटाले का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार, केंद्रीय मंत्री अथवा नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
10 से 15 हजार लोगों को जुटाने की तैयारी
आयोजकों का दावा है कि महापंचायत में तिलपत सहित फरीदाबाद के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल होंगे। आयोजन को लेकर सामाजिक संगठनों, ग्रामीणों और पूर्वांचली-बिहारी समाज से संपर्क किया जा रहा है।
नीरज शर्मा ने लोगों से दो अक्टूबर को तिलपत पहुंचकर गांव के विकास, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और प्रवासी समाज के सम्मान की लड़ाई में शामिल होने की अपील की है। अब सबकी निगाह इस बात पर रहेगी कि गांधी जयंती पर होने वाली यह महापंचायत स्थानीय राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव छोड़ती है।