पैतृक मकान पर कब्जे और बैंक ऋण का विवाद, दशरथ ने रामअवध पर लगाए गंभीर आरोप, डीएम से लगाई न्याय की गुहार
संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के थाना महुली अंतर्गत मुखलिसपुर गांव निवासी दशरथ पुत्र रामलोट ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पैतृक मकान को खाली कराए जाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, राजस्व ग्राम मुखलिसपुर के गाटा संख्या 580 एवं 581/1 में स्थित पैतृक मकान में उनका तथा उनके भाई दुर्बली का एक-तिहाई (1/3) हिस्सा है। आरोप है कि उनके भाई रामअवध ने पूरे मकान को अपना बताते हुए पंजाब नेशनल बैंक, नाथनगर शाखा से ऋण प्राप्त कर लिया, जबकि ऋण लेने की प्रक्रिया में न तो शिकायतकर्ता और न ही उनके भाई दुर्बली की कोई सहमति ली गई।
दशरथ का कहना है कि उक्त मकान का निर्माण उन्होंने, उनके भाई दुर्बली और रामअवध ने संयुक्त रूप से समान लागत लगाकर कराया था। लेकिन रामअवध द्वारा कथित रूप से छल-कपट कर पूरे मकान को बैंक में गिरवी