*अब फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स(FFS) मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी यूरिया और डीएपी की बुकिंग, कालाबाजारी और अवांछित टैगिंग से मिलेगी मुक्ति*
*जिले में उर्वरक वितरण प्रणाली होगी पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी, दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित*
डीडवाना-कुचामन, 18 अगस्त।
कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को खाद-उर्वरक (यूरिया व डीएपी) प्राप्त करने में आसानी, पारदर्शिता और सुलभ व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई डिजिटल पहल शुरू की गई है। अब किसानों को दुकानों के चक्कर काटने और विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली अवांछित टैगिंग से स्थाई मुक्ति मिलेगी। इसके लिए कृषि विभाग FFS (Framework for Fertilizer Sales - फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स) मोबाइल ऐप के जरिए उर्वरकों की ऑनलाइन बुकिंग और पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू कर रहा है।
इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागचंद कुमावत (संयुक्त निदेशक कृषि - वि.), महेंद्र सिंह एवं कमलेश कुमार (सहायक निदेशक कृषि), डॉ. पी.डी. चौधरी, रमेश चंद बेनीवाल तथा कमल कान्त कुमावत कृषि अधिकारियो द्वारा जिले के समस्त कृषि पर्यवेक्षकों, सहायक कृषि अधिकारियों एवं जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को FFS ऐप का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
*दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यशाला*
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निदेशक भागचंद कुमावत एवं विभागीय अधिकारियों ने समस्त कृषि पर्यवेक्षकों व सहायक कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी आदान विक्रेताओं को FFS ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित कराएं, ताकि किसान आसानी से बुकिंग कर सकें।
*घर बैठे बुकिंग और पसंदीदा दुकान से उठाव*
इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से किसान अपने मोबाइल/स्मार्टफोन से FFS ऐप के जरिए अपनी फसल व जमीन की आवश्यकतानुसार खाद के प्रकार और कट्टों (बोरी) की संख्या चुनकर बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के पश्चात किसान अपनी पसंद की नजदीकी पीओएस (PoS) धारक दुकान से बिना किसी अतिरिक्त टैगिंग या दबाव के खाद प्राप्त कर सकेंगे।
*48 घंटे मान्य रहेगा ई-टोकन/क्यूआर कोड*
ऐप पर आवेदन सबमिट करते ही किसान को बुकिंग आईडी, क्यूआर कोड या ई-टोकन जनरेट होगा। यह बुकिंग 48 घंटे के लिए वैध (Valid) रहेगी, जिससे किसान अपनी सुविधा अनुसार समय पर जाकर खाद ले सकेंगे।
*ई-मित्र और पहचान पत्र की सुविधा*
जो किसान स्मार्टफोन चलाने में असमर्थ हैं, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से बुकिंग करा सकेंगे। जिन किसानों की फार्मर आईडी (Farmer ID) नहीं बनी है, वे अपने पहचान पत्र (Aadhaar/Voter ID) के माध्यम से भी ऑनलाइन टोकन जनरेट करवा सकते हैं।
*लाइव स्टॉक मॉनिटरिंग और कालाबाजारी पर रोक*
विभाग द्वारा FFS ऐप पर सभी दुकानों की सूची, उपलब्ध स्टॉक और उर्वरक के प्रकार की लाइव जानकारी उपलब्ध रहेगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहने से कृषि विभाग उर्वरक वितरण की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेगा, जिससे कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध टैगिंग पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।
*विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश*
कृषि अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी उर्वरक विक्रेताओं को FFS प्रणाली के नियमों की शत-प्रतिशत पालना करने तथा स्टॉक व बिक्री संबंधी जानकारी समय पर ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। नियमों की अवहेलना या अनचाही टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि"FFS ऐप आधारित इस नई डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उर्वरक वितरण में पूर्ण पारदर्शिता लाना और किसानों के समय की बचत करना है। किसान भाई बिना किसी कतार और परेशानी के सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। आने वाले समय में विभाग उर्वरक के होम डिलीवरी मॉडल पर भी कार्य कर रहा है, जिसे शीघ्र लागू किया जाएगा।"