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प्राकृतिक खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा, गंभीर के कृषक रामकृष्ण शर्मा बने मिसाल
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रासायनिक खादों के बढ़ते दुष्प्रभाव के बीच प्राकृतिक खेती किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही है। किल्लौद विकासखंड के ग्राम गंभीरउबारी के कृषक श्री रामकृष्ण सीताराम शर्मा के पास कुल 6 एकड़ भूमि है, जिसमें से 2 हेक्टेयर रकबे में वे "राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन" के तहत प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वे अपनी जमीन में अरहर, सोयाबीन, गेहूँ, चना, मिर्च एवं टमाटर जैसी फसलें उगा रहे हैं।
श्री रामकृष्ण शर्मा ने बताया कि जिले में "राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन" के तहत 20 बी.आर.सी. संचालित हैं, जिसमें बलड़ी में 2 हैं और उनमें से 1 बी.आर.सी. उन्हें दिया गया। साथ ही बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर के रूप में जीवामृत निर्माण हेतु कीटनाशक यूनिट एवं ह्यूमिक एसिड निर्माण हेतु बायो-डाइजेस्टर बैग उपलब्ध कराया गया। कृषक श्री शर्मा ने कहा की आत्मा योजना के तहत बीटीएम एवं एटीएम के मार्गदर्शन में उन्होंने जीवामृत, बीजामृत एवं जैविक कीटनाशक यांत्रिक तरीके से तैयार कर उपयोग किया। इससे खेती की लागत में काफी कमी आई है और गुणवत्तायुक्त उत्पादन होने से बाजार में अच्छा मूल्य भी मिल रहा है।
कृषक रामकृष्ण शर्मा ने अन्य किसानों से अपील कि की प्राकृतिक खेती अपनाएं, इसमें काम लागत में ज्यादा मुनाफा है। उन्होंने कहा की "रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के अधिक उपयोग से मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण और लाभदायक जीवाणुओं पर बुरा असर पड़ता है। कृषक रामकृष्ण शर्मा ने शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और आत्मा योजना की इस पहल की सराहना करते हुए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना ने छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
Jansampark Madhya Pradesh
General Administration Department, MP
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
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1 views | Khandwa, Madhya Pradesh | Oct 11, 2026