कोरबा में सालों से बेखौफ रेत तस्करी! बाइक-कार पर रोज कार्रवाई, बिना नंबर ट्रैक्टरों पर आखिर क्यों खामोशी?
कोरबा में रेत की तस्करी कोई नई बात नहीं है।
सालों से दिन हो या रात, सड़कों पर रेत से लदे ट्रैक्टर दौड़ते नजर आते हैं। लेकिन सवाल यह है कि इन पर जिम्मेदार विभागों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ती?
यातायात पुलिस सड़कों पर रोजाना बाइक और चार पहिया वाहनों की चेकिंग करती है, चालान काटती है और नियमों का पालन कराने की कोशिश करती है।
लेकिन दूसरी तरफ सवाल ये है कि बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध तरीके से रेत ढोते ट्रैक्टर जब दिन-रात सड़कों पर दौड़ते हैं, तो उनकी चेकिंग आखिर कौन करेगा?
क्या इन ट्रैक्टरों को सड़क पर चलते हुए देखने के लिए किसी विशेष अभियान का इंतजार करना पड़ेगा?
और अगर रेत तस्करी सालों से खुलेआम चल रही है, तो फिर इतने वर्षों तक जिम्मेदार विभागों की नजर इन वाहनों पर क्यों नहीं गई?
अब चंदेला होटल के पास रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़े जाने और कार्रवाई के दौरान विवाद की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल सिर्फ एक ट्रैक्टर का नहीं है...
सवाल उन तमाम ट्रैक्टरों का है, जो रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
आखिर बाइक वालों का नंबर दिख जाता है, कार वालों का नंबर दिख जाता है... तो रेत से लदे इन ट्रैक्टरों की नंबर प्लेट और कागजात जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिखाई देते?
अगर कार्रवाई हो रही है तो अच्छी बात है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ किसी घटना के बाद होगी या फिर रेत तस्करी पर स्थायी लगाम भी लगेगी?
कोरबा की सड़कों पर रेत तस्करी का खेल आखिर कब तक चलेगा?
जिम्मेदार विभाग जवाब दें।
Korba, Korba | Aug 8, 2026