Public App Logo
Profile Picture

Chhattisgarh Update 24

@chhattisgarhupdate24
465Followers
0Following
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले 13 दिनों से आदिवासी परिवार गले तक पानी में खड़े होकर अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
इनका आरोप है कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की वजह से 21 गांवों का अस्तित्व और पन्ना टाइगर रिजर्व का पर्यावरण खतरे में पड़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद आखिर प्रशासन और मुख्यधारा का मीडिया खामोश क्यों है?
क्या विकास के नाम पर लोगों की आवाज़ दबाई जा रही है, या फिर प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द कोई फैसला लेगा?
यह मामला सिर्फ एक परियोजना का नहीं, बल्कि विकास, पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के बीच संतुलन का भी है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=madhypradesh nis:value=madhypradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=delhisarkar nis:value=delhisarkar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
जंतर मंतर प्रोटेस्ट 
<nis:link nis:type=tag nis:id=जंतर nis:value=जंतर nis:enabled=true nis:link/> मंतर <nis:link nis:type=tag nis:id=delhiblogger nis:value=delhiblogger nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/>
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वर्ष 1984 से 2026 तक देश के कुछ चर्चित भूख हड़ताल आंदोलनों का जिक्र किया गया है। पोस्ट में सोनम वांगचुक के वर्तमान अनशन की तुलना पहले के आंदोलनों से करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध की आवाज़ों को पर्याप्त महत्व मिल रहा है।
पोस्ट में दावा किया गया है कि सोनम वांगचुक शिक्षा, पर्यावरण और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि लोकतंत्र में असहमति और संवाद दोनों का सम्मान होना चाहिए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे को अंतिम सत्य मानने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना आवश्यक है। अलग-अलग आंदोलनों की परिस्थितियां और सरकारी प्रतिक्रियाएं समय के अनुसार अलग रही हैं।
अब सवाल आपसे— क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध पर सरकार और संबंधित पक्षों को समय पर संवाद करना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।
<nis:link nis:type=tag nis:id=viral#chhattisgar nis:value=viral#chhattisgar nis:enabled=true nis:link/>
कोरबा में नगर निगम की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब बुधवार बायपास रोड स्थित एक दुकान को हटाने पहुंची निगम की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
महिला का दावा है कि जिस दुकान को हटाने की कोशिश की गई, उसका नगर निगम से वैध आवंटन है। इतना ही नहीं, वह नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रही है, जिसके दस्तावेज भी उसके पास मौजूद हैं।
कार्रवाई के दौरान महिला ने अधिकारियों के सामने दस्तावेज दिखाए और दुकान हटाने का विरोध किया। काफी देर तक बहस और हंगामे के बाद निगम की टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दुकान अवैध थी तो निगम टैक्स क्यों वसूल रहा था? और यदि दुकान वैध रूप से आवंटित है, तो उसे हटाने की कार्रवाई किस आधार पर की गई?
फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर नगर निगम के आधिकारिक जवाब पर टिकी है कि आखिर इस पूरे विवाद की सच्चाई क्या है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/>
I Support Sonam vangchuk 
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=delhijantarmantar nis:value=delhijantarmantar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/>
देश के जाने-माने जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की आवाज़ सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है।
जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह कार्रवाई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद की गई, जिसमें वांगचुक को तत्काल चिकित्सा सुविधा, जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराने और आवश्यक होने पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने दोनों सरकारों को 16 जुलाई तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन 8 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और उनकी सेहत लगातार गिर रही है।
अब इस मामले पर सबकी निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं।
पीटीसी / �
17 दिनों से एक वैज्ञानिक शिक्षा के अधिकार के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
यह मुद्दा सिर्फ़ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। यदि शिक्षा, शोध और वैज्ञानिक सोच की आवाज़ें लगातार अनसुनी होने लगें, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इस मामले पर आपकी क्या राय है? क्या सरकार को इस मुद्दे पर जल्द संवाद और समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें।
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/>
कोरबा का बालको-रिसदी मार्ग एक बार फिर खून से लाल हो गया। डंगनाला पुल के पास कोयले से लदे ट्रेलर और बाइक की भीषण टक्कर में दो युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। लेकिन इस हादसे के बाद फिर वही सवाल खड़ा हो गया है—क्या इस सड़क की बदहाली और प्रशासन की अनदेखी लोगों की जान ले रही है?
वीओ:
बालको-रिसदी मार्ग की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़क और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही इस मार्ग को बेहद खतरनाक बना चुकी है।
मंगलवार को इसी सड़क पर हुए दर्दनाक हादसे में बाइक सवार तीन युवाओं को सामने से आ रहे कोयले से लदे ट्रेलर ने टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक और एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्थ�
न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक, सबसे बड़ा बीफ उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है।
पीएम के इस बयान के बाद "सबसे बड़ा बीफ उत्पादक" वाला हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भैंस के मांस  को भी "बीफ" की श्रेणी में शामिल किया जाता है। वहीं, कुछ लोग इस शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है और इसे लेकर पक्ष-विपक्ष में अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं।
<nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indiareels nis:value=indiareels nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/>
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में कहा गया है कि जब सरकार जनता की आवाज़ सुनना बंद कर दे, तब सवाल पूछना लोकतंत्र की ज़रूरत बन जाता है। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि यह केवल सोनम वांगचुक का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का मुद्दा है जो सच और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाता है।
पोस्ट के अंत में लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट के माध्यम से साझा करने की अपील भी की गई है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस जारी है। हालांकि, वायरल पोस्ट में व्यक्त विचार संबंधित अकाउंट के हैं। इस मामले में यदि सरकार या संबंधित पक्ष की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो खबर को अपडेट किया जाएगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jantarmantar nis:value=jantarmantar nis:enabled=true nis:link/>
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच पुलिस के व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस से संयमित और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे मामले सामने आने पर पुलिस की छवि और जनता के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
यदि वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के प्रति जनता का भरोसा कायम रहे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=ambikapur nis:value=ambikapur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/>
15 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक, क्या सरकार अब भी खामोश रहेगी? 
<nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
एक समय था, जब किसी पेड़ के नीचे रखी हुई छोटी-सी मूर्ति को भी कोई खंडित करने की सोचता नहीं था। लोग उसे आस्था का प्रतीक मानते थे और उसका सम्मान करते थे।

लेकिन आज का समय देखिए। कई जगहों पर मंदिर और मस्जिद रातों-रात ढहा दिए जाते हैं। धार्मिक स्थलों की मूर्तियाँ मलबे में बदलकर फेंक दी जाती हैं। यह दृश्य केवल ईंट-पत्थरों के टूटने का नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं को भी आहत करता है।

सवाल यह नहीं कि मंदिर या मस्जिद किसकी है, बल्कि यह है कि क्या हमारी आस्था, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के धर्म के प्रति सम्मान भी कम होता जा रहा है?

कानून अपना काम करे, लेकिन हर कार्रवाई में मानवीय गरिमा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहना चाहिए। क्योंकि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि दूसरों की आस्था का सम्मान करने में भी होती है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indianarmy🇮🇳 nis:value=indianarmy🇮🇳 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indiareels nis:value=indiareels nis:enabled=true nis:link/>
नकटी कांड को लेकर बयानबाज़ी के बाद बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा को पद से हटाए जाने के बाद संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए संगठन छोड़ने का दावा किया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विजेंद्र वर्मा के साथ अन्याय हुआ है और कार्रवाई दबाव में की गई। वहीं, संगठन की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=bajrangdal💪 nis:value=bajrangdal💪 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/>
SECL हेलीपैड रोड पर दबंगई! बोलेरो चालक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, वीडियो वायरलSECL हेलीपैड स्थित हनुमान मंदिर रोड पर बीच सड़क दबंगई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक बोलेरो चालक को दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ों और घूंसों से मारता हुआ दिखाई दे रहा है।
घटना के दौरान सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। बताया जा रहा है कि मारपीट करने वाला युवक SECL निवासी सुजल सोनवानी है।
वहीं, मानिकपुर पुलिस के अनुसार इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है और कानून के तहत क्या कदम उठाए जाते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=korbapolice nis:value=korbapolice nis:enabled=true nis:link/>
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित नकटी गांव अतिक्रमण मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा को संगठन ने पद से हटाते हुए निष्कासित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि विजेंद्र वर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई को "गरीबों पर अत्याचार" बताते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ बयान दिया था। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद की प्रांत टोली की बैठक में अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से संगठन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया।
गौरतलब है कि प्रशासन ने नकटी गांव से लगभग 85 परिवारों को हटाकर सरकारी भूमि खाली कराई थी। सरकार का कहना है कि इन परिवारों को नवा रायपुर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, कई स्थानीय नेताओं, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि गरीब परिवारों को उजाड़ा गया है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=bajrangdal nis:value=bajrangdal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate2 nis:value=chhattisgarhupdate2 nis:enabled=true nis:link/>
कोरबा के SECL मुडापार रोड पर पिछले करीब 40 वर्षों से कचरा फेंकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क किनारे फैले कचरे के ढेरों से उठने वाली बदबू ने राहगीरों और आसपास के रहवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे दुर्गंध और गंदगी पूरे इलाके में फैल जाती है।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक यह सड़क कचरा डंपिंग ज़ोन बनी रहेगी? क्या नगर निगम इस गंभीर समस्या पर ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर लोग इसी तरह बदबू और गंदगी के बीच जीवन बिताने को मजबूर रहेंगे?
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/>
कोरबा में मंदिर के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग अब तेज होती जा रही है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर के पास एकत्र होकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के समीप शराब दुकान होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि लोगों की मांग पर क्या फैसला लिया जाता है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba nis:value=korba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/>
भरी बारिश मे प्रशासन ने नकटी गांव के 80 मकान उजाड़ दिए। लोगों के अशोयानों को मलबा बनाकर रख दिया. बजरंगदल ने भी ग्रामीणों के लिए आवाज़ बुलंद की।
<nis:link nis:type=tag nis:id=nakti nis:value=nakti nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=raipur nis:value=raipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bajrangdal nis:value=bajrangdal nis:enabled=true nis:link/>
भारी बारिश मे ग्राम नकटी के ग्रामीणों को छाता वितरण किया गया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=nakti#viral nis:value=nakti#viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
नकटी गांव के ग्रामवासी।
<nis:link nis:type=tag nis:id=barish nis:value=barish nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nakti nis:value=nakti nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/>
कोरबा में एक ओर लोग 3 दिन से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे पर शिकायतें बेहद कम सामने आ रही हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब लोग पानी के लिए परेशान हैं, तो नियमित जलापूर्ति क्यों नहीं हो पा रही? कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी के टैंकर और पानी की बिक्री तो जारी है, लेकिन नलों से नियमित पानी छोड़ने के मामले में तरह-तरह के बहाने बनाए जाते हैं। आखिर कोरबा की जनता कब तक पानी के लिए भटकती रहेगी? अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दें और लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराएं। खास बात ये है कि पानी के लिए वहां के जिम्मेदार अधिकारी सूर्यवंशी को कॉल किया जाता है तो वे कॉल नहीं उठाते। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=korba#viral nis:value=korba#viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nigam nis:value=nigam nis:enabled=true nis:link/>
उत्तर प्रदेश और बिहार की तर्ज़ पर अब कई इलाकों में गम्मत वालियों के कार्यक्रम खूब देखने को मिलते हैँ महिलाएं डांस करती हैँ पुरुष उन पर पैसे बरसाते हैं। पहले इन आयोजनों में ज्यादातर पुरुष ही मनोरंजन करते नज़र आते थे, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। महिलाएं भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए गम्मत वालों को बुलाने लगी हैं और आयोजनों में खुलकर शामिल हो रही हैं।
समय के साथ मनोरंजन के तौर-तरीके बदल रहे हैं और अब इस तरह के कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=indiapictures nis:value=indiapictures nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=, nis:value=, nis:enabled=true nis:link/> chhattisgarhupdate24
कोरबा पुलिस को इन आरोपियों की तलाश है पता बताने वालों को 10000 का इनाम दिया जाएगा।
जंतर-मंतर पर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ युवा सड़कों पर हैं। 26 वर्षीय इनेश कुमार और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक सहित कई लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय की जाए।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल कई लोग मुख्यधारा के मीडिया पर इस मुद्दे को पर्याप्त कवरेज न देने का आरोप भी लगा रहे हैं।
आखिर युवाओं की इस आवाज़ को कब तक अनसुना किया जाएगा?
<nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=public nis:value=public nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarhupdate24 nis:value=chhattisgarhupdate24 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news nis:value=news nis:enabled=true nis:link/>