सफाई व्यवस्था आवश्यक सेवा, हड़तालरत सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश- सलोनी शर्मा, निगमायुक्त।
निर्धारित अवधि तक ड्यूटी पर उपस्थित न होने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध होगी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई।
करनाल 3 सितंबर, नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालना में नगर निगम करनाल में हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर 2026 तक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय तक ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 2 सितंबर 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सफाई कार्य आवश्यक सेवा है। नगर निकायों का यह प्रमुख दायित्व एवं कर्तव्य है कि शहरों में सफाई व्यवस्था निरंतर बनी रहे। विभाग ने हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा 47 तथा हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974 के प्रावधानों का भी उल्लेख करते हुए सफाई व्यवस्था को आवश्यक सेवा बताया है।
6 अगस्त से ड्यूटी से अनुपस्थित हैं हड़तालरत कर्मचारी।
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निकायों के नियमित आधार पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों/सीवरमैनों द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं बिना पूर्व सूचना के 6 अगस्त 2026 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं तथा हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। इसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ निगम के सफाई साधनों, उपकरणों एवं मशीनरी के कार्य में भी बाधा उत्पन्न होने की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं शहर की स्वच्छता से जुड़ी हुई है। लंबे समय तक सफाई कार्य प्रभावित रहने से शहर में कचरा जमा होने तथा बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में सफाई कार्य को सुचारू रखना नगर निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ द्वारा सिविल रिट संख्या 229 ऑफ 2026 में दिनांक 18 अगस्त 2026 को शहरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा इन्हीं परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए सभी नगर निकायों के आयुक्तों एवं जिला नगर आयुक्तों को आ