बच्चों के लिए संबल बनीं - मंत्री सुश्री भूरिया
पीएम केयर्स और मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के 27 बच्चों से किया आत्मीय संवाद
बच्चों की समस्याएं सुनीं, भविष्य की योजनाओं पर की चर्चा और दीपावली के उपहार देकर बढ़ाया उत्साह
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को मंत्रालय में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन तथा मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना से लाभान्वित 27 बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनसे संवाद किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों की शिक्षा, वर्तमान परिस्थितियों, व्यक्तिगत समस्याओं और भविष्य की योजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को दीपावली के उपहार भेंट कर उनके जीवन में खुशियों और नई उम्मीदों का संचार किया।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता अथवा अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की देखभाल, शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इन बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखें, अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करें और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करें।
संवाद के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रत्येक बच्चे की रुचियों, शैक्षणिक प्रगति और भविष्य में अपनाए जाने वाले कॅरियर के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की परेशानियों को संवेदनशीलता से सुना और कहा कि राज्य सरकार बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं को अकेला न समझें। सरकार उनके संरक्षण और बेहतर भविष्य के लिए उनके साथ खड़ी है।मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि दोनों योजनाएं कोविड महामारी से प्रभावित बच्चों के जीवन में सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बनी हैं। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा अथवा अपने सपनों से वंचित न रहे।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से बच्चों को मिल रहा आर्थिक एवं शैक्षणिक संबल
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 मई 2021 को प्रारंभ की गई पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना का उद्देश्य कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता अथवा पात्र अभिभावकों को खोने वाले बच्चों को व्यापक संरक्षण और सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों के लिए 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की निधि का प्रावधान है। इस निधि से 18 से 23 वर्ष की आयु तक मासिक आर्थिक सहायता तथा 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, कक्षा पहली से बारहवीं तक शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति तथा उच्च शिक्षा के लिए शैक्षणिक ऋण एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना से मिल रही प्रतिमाह 5 हजार रुपये की सहायता
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के अंतर्गत कोविड महामारी के कारण माता-पिता को खोने वाले पात्र बच्चों को आर्थिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 5 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। साथ ही बच्चों एवं उनके संरक्षकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नि:शुल्क राशन तथा शासकीय शिक्षण संस्थानों में स्कूली, उच्च, तकनीकी, चिकित्सा एवं विधि शिक्षा के लिए नि:शुल्क शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखना और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए सक्षम बनाना है।
संवाद के दौरान बच्चों ने अपनी रूचि, भविष्य में वे क्या बनना चाहते है उसके बारे में अपनी बात रखी। बच्चों ने मंत्री सुश्री भुरिया से विभाग द्वारा योजना कि समयावधि के बाद भी सहयोग का आग्रह किया।
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Jhabua, Madhya Pradesh | Nov 4, 2026