मीडिएशन से समय और धन दोनों की बचत, समझौता योग्य प्रकरणों का हो सकता है शीघ्र निराकरण
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यातायात नियमों का पालन कर बचाई जा सकती है किसी की जान, वाहन का बीमा जरूरी
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कुटुंब न्यायालय का उद्देश्य परिवार को जोड़ना, जरूरतमंदों को मिलती है निःशुल्क विधिक सहायता
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खरगोन 26 सितंबर 2026। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर द्वारा जिला न्यायालय मण्डलेश्वर के सभाकक्ष में पक्षकारों के लिए विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में न्यायिक अधिकारियों ने पक्षकारों एवं उपस्थित आमजनों को मध्यस्थता, यातायात नियम, परिवार न्यायालय, निःशुल्क विधिक सहायता तथा जन उपयोगी स्थायी लोक अदालत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अखिलेश जोशी ने कहा कि मीडिएशन (मध्यस्थता) की प्रक्रिया केवल वैवाहिक प्रकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा क्षतिपूर्ति, संपत्ति विवाद सहित ऐसे प्रकरणों में भी अपनाई जा सकती है, जो राजीनामा योग्य हों और जिनमें आपसी समझौते की संभावना हो। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एक प्रभावी प्रक्रिया है, जिससे पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्यायालय की लंबी प्रक्रिया से भी बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरण का निराकरण करते समय दोनों पक्षकारों से बातचीत कर ऐसा समाधान निकाला जाता है, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार करते हैं। न्यायालय में लंबित समझौता योग्य मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की दिशा में पक्षकार आगे आ सकते हैं।
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री जोशी ने मोटर व्हीकल एक्ट की सरल भाषा में जानकारी देते हुए कहा कि सभी नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं को रोकने के साथ किसी की जान भी बचाई जा सकती है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपने वाहनों का बीमा कराने की अपील करते हुए बताया कि बीमित वाहन से दुर्घटना होने पर पात्रता एवं नियमानुसार नुकसान की क्लेम राशि बीमा कंपनी द्वारा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि वाहन केवल ऐसे व्यक्ति को ही चलाने दें, जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना चाहिए। गाड़ी, ट्रैक्टर एवं ट्रॉली में रेडियम पट्टी लगवाने तथा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को गैर-व्यावसायिक वाहन नहीं चलाने देने की भी जानकारी दी।
कुटुंब न्यायालय, मण्डलेश्वर के प्रधान न्यायाधीश श्री पंकज सिंह माहेश्वरी ने कहा कि कुटुंब न्यायालय का उद्देश्य परिवार को जोड़ना है। पारिवारिक विवादों के शीघ्र निराकरण के लिए परिवार न्यायालय की स्थापना की गई है। यहां पति-पत्नी से संबंधित मामलों में दोनों पक्षों को समझाइश दी जाती है तथा मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री प्रीति जैन ने प्राधिकरण के उद्देश्यों एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता के संबंध में बताया कि जिन पक्षकारों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होता है, उन्हें विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने जन उपयोगी स्थायी लोक अदालत के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बिजली, पानी, डाक, टेलीफोन, परिवहन, अस्पताल, बैंकिंग एवं बीमा जैसी सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े मामलों को जन उपयोगी स्थायी लोक अदालत के माध्यम से देखा जाता है।
इस अवसर पर शासकीय अधिवक्ता श्री सचिन्द्र उपाध्याय, अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ मण्डलेश्वर श्री विजय जोशी, सचिव अधिवक्ता संघ श्री पुष्पेन्द्र गंगारेकर सहित पक्षकारगण एवं आमजन उपस्थित रहे।
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