एक फोन कॉल... और हिल गया पूरा विभाग!
विधायक के गुस्से के आगे जवाब देते नहीं बना अफसर, अमृत योजना की लापरवाही पर मौके से ही लगाई कड़ी क्लास"
बारिश में खुदी सड़कें, धूल-कीचड़ से बेहाल जनता... सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा का फूटा गुस्सा, जल निगम के अधिशासी अभियंता को फोन पर सुनाई खरी-खरी, कार्रवाई की चेतावनी
उरई शहर में अमृत योजना 2.0 के तहत चल रहे कार्य एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार सुबह सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा अचानक मैकेनिक नगर पहुंचे। मौके पर जो हालात दिखाई दिए, उन्हें देखकर विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चारों ओर खुदी सड़कें, अधूरे पड़े कार्य, कीचड़, धूल और लोगों की परेशानियां देखकर उन्होंने मौके से ही जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी को फोन लगाया और जमकर फटकार लगाई।
विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि बारिश के मौसम में सड़क खुदाई न करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे, फिर भी इन निर्देशों की अनदेखी कर जगह-जगह सड़कें खोद दी गईं।
इतना ही नहीं, खुदाई के बाद समय पर मरम्मत भी नहीं कराई गई, जिससे आम जनता को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दिख रहा है।
यदि गुणवत्ता से समझौता किया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर पत्र भेजा जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ स्थानीय मेट और कर्मचारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।
उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि ऐसे कर्मचारियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि जनता के साथ बदसलूकी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोहल्ले के लोगों ने विधायक को अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि सड़कें खोदकर कई-कई दिनों तक खुली छोड़ दी जाती हैं।
इससे बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
लोगों ने मांग की कि जितनी सड़क एक दिन में खोदी जाए, उतनी ही सड़क उसी दिन भरकर या दुरुस्त कराई जाए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
विधायक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अमृत योजना 2.0 के सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही दोबारा मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर पर शिकायत भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
आपकी क्या राय है?
क्या बारिश के मौसम में सड़क खुदाई पर पूरी तरह रोक होनी चाहिए?
क्या लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए?
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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Jalaun, Jalaun | Jul 8, 2026