#बलरामपुर ! संदिग्ध कीटनाशक वस्तुएं बेचने पर 05 दुकानदारों को नोटिस, संदिग्ध कीटनाशक नमूने जांच के लिए भेजे गए, 4 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी
जनपद में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा नकली, अमानक एवं भ्रामक प्रचार-प्रसार के माध्यम से बेचे जा रहे कीटनाशी रसायनों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शासन के निर्देशों तथा जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन के निर्देश के अनुपालन में गठित संयुक्त टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कीटनाशक विक्रेताओं, निजी गन्ना समितियों का सघन निरीक्षण किया। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा तथा गुणवत्तायुक्त कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई।
निरीक्षण अभियान के दौरान 26 कीटनाशी विक्रेताओं, निजी गन्ना समितियों एवं चीनी मिल केंद्रों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। टीमों ने विक्रय लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख, कीटनाशकों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन का गहन परीक्षण किया। साथ ही यह भी देखा गया कि किसानों को केवल अनुमोदित एवं गुणवत्तापूर्ण कीटनाशी रसायन ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के अंतर्गत विभिन्न कीटनाशी रसायनों के 05 संदिग्ध नमूने संग्रहित कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं एवं संबंधित कंपनियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त निरीक्षण के समय अभिलेखों एवं मानकों में पाई गई कमियों के कारण 04 कीटनाशी विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने अथवा अनियमितता सिद्ध होने की स्थिति में उनके विरुद्ध लाइसेंस निलंबन अथवा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि अधोमानक एवं नकली कीटनाशी रसायनों का प्रयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को प्रभावित करता है, बल्कि फसलों में कीट एवं रोगों की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है, जिससे किसानों की लागत बढ़ती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इसलिए गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशी दवाओं की खरीद करें, खरीद का पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी संदिग्ध या नकली उत्पाद की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
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