प्रेस विज्ञप्ति
नालन्दा।
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श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी नालन्दा के निर्देशानुसार श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता, नालन्दा एवं श्री रंजन कुमार चौधरी, उप विकास आयुक्त, नालन्दा द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ का औचक निरीक्षण किया गया।
सर्वप्रथम आकस्मिक विभाग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में मात्र तीन डॉ० श्री संत कुमार, डॉ० महेन्द्र कुमार एवं श्री सावन सुमन भौतिक रूप से उपस्थित पाये गये। ओ०टी० में डॉ० संजीव कुमार एवं डॉ० राजीव रंजन की ड्यूटी थी, किन्तु दोनों ही अनुपस्थित पाये गये।
उपस्थिति पंजी के अवलोकन से पाया गया कि दिनांक 26.06.2026 को सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में कुल 48 चिकित्सक पदस्थापित थे, जिनमें से 21 चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये।
मुहर्रम पर्व के अवसर पर उपाधीक्षक कार्यालय, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा निदेशित किया गया है कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में पदस्थापित सभी चिकित्सक एवं पारा मेडिकल कर्मी अपने-अपने कर्त्तव्य स्थल पर Ready Mode में रहेंगे, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके, किन्तु उक्त आदेश के बावजूद मुहर्रम पर्व के दिन भी उक्त चिकित्सक / पारा मेडिकल स्टॉफ अनुपस्थित रहे। इससे प्रतीत होता है कि आदेश की अवहेलना चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ द्वारा प्रायः की जाती है, जो उनकी स्वेच्छाचारिता एवं सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
विधि-व्यवस्था को देखते हुए मुहर्रम पर्व के दिन इनकी उपस्थिति अनिवार्य थी, ताकि किसी भी आकस्मिकता से निपटा जा सके। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण प्रायः मरीजों को असुविधा उठानी पड़ती है। दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ लाया गया, किन्तु सर्जन चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण रेफर कर दिया गया। उक्त अनुपस्थित चिकित्सक/ पारा मेडिकल / नर्सिंग स्टॉफ के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
मो० इमरान, प्रबंधक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ के द्वारा बताया गया कि चिकित्सक / नर्सिंग स्टॉफ का प्रत्येक दो दिनों पर रोस्टर बनता है। निरीक्षण के कम में रात्रि 09.00 बजे डॉ० प्रियका, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ उपस्थित हुईं। उनके द्वारा बताया गया कि आज उनकी रोस्टर ड्यूटी है, किन्तु तत्संबंधी रोस्टर ड्यूटी प्रबंधक द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा एक अन्य रोस्टर की बात डॉ० प्रियंका के आने के बाद बताया गया, जो पहले प्रस्तुत नहीं किया गया। यह संदेहास्पद प्रतीत होता है कि चिकित्सकों का दो-दो रोस्ट्रर तैयार किया जाता है।
प्रबंधक द्वारा बताया गया कि चिकित्सक का रोस्टर उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ द्वारा बनाया जाता है। पाया गया कि उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर पंजी में किसी प्रकार का मेल नहीं था।
प्रबंधक द्वारा बताया गया कि डॉ० राजीव रंजन, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बिहारशरीफ जो सर्जन है, के पिता की मृत्यु हो गयी है, जिसके कारण वे अनुपस्थित है, किन्तु मुहर्रम पर्व को देखते हुए आकस्मिक विभाग में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना अपेक्षित था। ऐसे में उनके स्थान पर किसी अन्य सर्जन की उपस्थिति सुनिश्चित कराया जाना अनिवार्य था, जो नहीं कराया गया।
पाया गया कि मुहर्रम के दिन ओ०टी० में कोई डॉ० उपस्थित नहीं था, जबकि मुहर्रम के दिन सर्जन चिकित्सक की उपस्थिति आवश्यक थी। ऐसा प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन, नालन्दा एवं प्रबंधक के द्वारा इसका अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है।
दिनांक 26.06.2026 को श्री त्रिभुवन पंडित, पिता छोटी पंडित, प्रखंड-बिहारशरीफ को गोली लगी थी, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, किन्तु कोई भी सर्जन नहीं रहने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। आकस्मिक विभाग में मरीजों के प्रविष्टि पंजी में श्री त्रिभुवन पंडित के नाम की भी प्रविष्टि नहीं की गयी। इस संबंध में प्रबंधक द्वारा बताया गया कि कोई सर्जन नहीं रहने के कारण रेफर किया गया। निदेशित किया गया कि आकस्मिक विभाग में मरीजों का नाम प्रविष्टि पंजी में आवश्यक रूप से दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे।
आकस्मिक विभाग में बेड गंदा पाया गया, जबकि बेड प्रतिदिन बदलने का प्रावधान है। इस संबंध में प्रबंधक से पृच्छा करने पर उनके द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
जेनरल वार्ड का निरीक्षण करने पर मरीज श्री सुधांशु कुमार, लड्डू कुमार व पूनम देवी द्वारा बताया गया कि खाना नहीं मिला है, जबकि प्रत्येक मरीज को खाना देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है। उसी तरह प्रसूति वार्ड का निरीक्षण करने पर श्रीमती पूनम कुमारी द्वारा बताया गया कि 08 दिनों से भर्ती है, किन्तु आज दिनांक 26.06.2026 Discharge कर दिया गया है, किन्तु दवा नहीं मिलने के कारण वे रूक गई हैं। Discharge हो जाने के कारण खाना नहीं दिया गया। श्री सुजीत कुमार, एकाउंट प्रबंधक द्वारा बताया गया कि मुहर्रम के कारण आज दिनांक 26.06.2026 को ओ०पी०डी० बंद था, जिसके कारण दवा नहीं मिला। जब उक्त तिथि को ओ०पी०डी० बंद था, तो किस परिस्थिति में मरीज को Discharge किया गया।
ANC Ward का निरीक्षण करने पर एक मरीज द्वारा बताया गया कि बार-बार उल्टी हो रही है, किन्तु उल्टी करने के लिए कोई साधन या व्यवस्था नहीं है।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन/प्रबंधक को निदेशित किया गया कि अविलम्ब इसकी समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें, ताकि मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में पृच्छा करने पर प्रबंधक द्वारा बताया गया कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में 07 एम्बुलेंस है, जो सभी क्रियाशील है। 07 एम्बुलेंस की स्थिति के संदर्भ में बताया गया कि 02 सदर अस्पताल में है। मुहर्रम पर्व के मद्देनजर 02 नालन्दा समाहरणालय में है।
सिटी स्कैन खराब रहने के कारण मरीज को लेकर 02 एम्बुलेंस विम्स, पावापुरी गया है, किन्तु दिनांक 27.06.2026 तक सिटी स्कैन ठीक हो जायेगा। एक मरीज को सॉप काट लिया है, जिन्हें पटना रेफर किया गया है, जिसे लेकर 01 एम्बुलेंस पटना गया है। इस संबंध में एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी की मॉग की गयी, किन्तु प्रबंधक द्वारा पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया तथा उनके द्वारा बताया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं की जाती है, बल्कि लॉग बुक संधारित किया जाता है। एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी संधारित नहीं होने की स्थिति में यह स्पष्ट नहीं होता है कि कौन एम्बुलेंस कहाँ गया है तथा किस कार्य के लिए गया है। प्रबंधक को निदेशित किया गया कि एम्बुलेंस परिचालन से संबंधित पंजी अविलम्ब संधारित करना सुनिश्चित करें।
उक्त से प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन एवं प्रबंधक द्वारा सतत् अनुश्रवण नहीं किया जाता है, जिसके कारण आये दिन समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिविल सर्जन को निदेशित किया गया कि प्रतिदिन सदर अस्पताल का सतत् अनुश्रवण करेंगे, ताकि किसी प्रकार की समस्या पाये जाने पर अविलम्ब समुचित कार्रवाई की जा सके। उपस्थिति पंजी एवं रोस्टर में किसी प्रकार का मेल नहीं होने के संदर्भ में निदेशित किया गया कि चिकित्सक व अन्य नर्सिंग स्टॉफ का अलग-अलग रोस्टर सही ढंग से तैयार करवाते हुए उपस्थिति सुनिश्चित करायेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
बरसात के मौसम में साँप काटने की शिकायत बहुत आती है। ऐसे मरीजों को अविलम्ब उपचार की आवश्यकता होती है। साँप काटने से संबंधित दवा अविलम्ब उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। साथ ही सदर अस्पताल परिसर की साफ-सफाई अच्छी तरह से कराने का भी निदेश दिया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Health Department
Nalanda, Bihar | Jun 27, 2026