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सुरक्षा में चुक,नीतीश कुमार के आगमन से पहले हेलीपैड कैम्पस में घुसा सांड #NitishKumar #Muzaffarpur #Helipad #BiharNews #...

Musahri, Muzaffarpur | Mar 14, 2026

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बीआरएबीयू में कुलपति का पुतला दहन, फर्जी FIR वापस लेने और PAT अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग तेज

मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में संयुक्त छात्र संगठन ने छात्र नेता गोल्डेन सिंह के नेतृत्व में कुलपति का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र नेता डॉ. चंदन यादव समेत अन्य पर दर्ज कथित फर्जी FIR वापस लेने, PAT 2023-24 अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने, नई मेधा सूची जारी करने और विवादित साक्षात्कार को रद्द करने की मांग उठाई। गोल्डेन सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

#TirhutNow #Muzaffarpur #BRABiharUniversity #BRABU #GoldenSingh #StudentProtest

बीआरएबीयू में कुलपति का पुतला दहन, फर्जी FIR वापस लेने और PAT अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग तेज मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में संयुक्त छात्र संगठन ने छात्र नेता गोल्डेन सिंह के नेतृत्व में कुलपति का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र नेता डॉ. चंदन यादव समेत अन्य पर दर्ज कथित फर्जी FIR वापस लेने, PAT 2023-24 अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने, नई मेधा सूची जारी करने और विवादित साक्षात्कार को रद्द करने की मांग उठाई। गोल्डेन सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। #TirhutNow #Muzaffarpur #BRABiharUniversity #BRABU #GoldenSingh #StudentProtest

Musahri, Muzaffarpur | Jul 6, 2026

7 जुलाई को जिले की 47पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, आमजन की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान

डीएम ने दिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश, प्रत्येक शिविर के लिए वरीय, प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी तैनात
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मुजफ्फरपुर, 
6 जुलाई, 2026

जिले में आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 7 जुलाई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की 47 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों एवं आवेदनों का निष्पादन करेंगे तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।  कार्यक्रम के अनुसार बंदरा प्रखंड के सिमराचक श्रीकंठ एवं तेपरी, गायघाट के बोआरीडीह, लोमा एवं कनरथू, कुढ़नी की छजन हरिशंकर पूर्वी, किशुनपुर मोहिनी एवं बलौरडीह, मीनापुर के हरशेर, अली नेवउरा एवं कोईली, मोतीपुर की जाटौलिया, पकड़ी एवं जसौली, मुरौल की सादिकपुर मुरौल एवं बिशनपुर बखरी, मुसहरी की पताही मधुबनी, मझौली खेतल, कांटी की मणिफुलकहां, हरचंदा एवं गोदाई फुलकहां, पारू की कटारू, ग्यासपुर एवं फतेहाबाद, साहेबगंज की बिशुनपुर पट्टी, बिशनपुर कल्याण एवं गौंडा, सरैया की कोल्हुआ, चकइब्राहिम एवं सरैया, औराई की भदई, बसंत एवं सरहंचिया, बोचहां की झपहा, रामपुर जयपाल एवं पटियासा, मड़वन की जियन खुर्द, गवसरा एवं महम्मदपुर खाजे, कटरा की शिवदासपुर, धनौर एवं कटरा तथा सकरा की भरथीपुर, डिहुली इशहाक एवं रामपुर मणी पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इन शिविरों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, आपूर्ति, श्रम, बाल विकास, पशुपालन, बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविर में आने वाले लोगों की समस्याओं एवं आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी।
सहयोग शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव के निर्देश पर प्रत्येक शिविर के लिए वरीय पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर शिविर स्थल पर उपस्थित रहकर निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने तथा आम लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी लाभुक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े तथा सभी प्राप्त आवेदनों का विधिवत पंजीकरण एवं त्वरित निष्पादन किया जाए।
उन्होंने सभी शिविर स्थलों पर बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पंखा, छाया, साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों से कहा है कि वे शिविर का संचालन पूरी पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ करें तथा अधिकाधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निकटवर्ती पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचकर सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं तथा उपलब्ध सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।

7 जुलाई को जिले की 47पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, आमजन की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान डीएम ने दिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश, प्रत्येक शिविर के लिए वरीय, प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी तैनात ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुजफ्फरपुर, 6 जुलाई, 2026 जिले में आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 7 जुलाई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की 47 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों एवं आवेदनों का निष्पादन करेंगे तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के अनुसार बंदरा प्रखंड के सिमराचक श्रीकंठ एवं तेपरी, गायघाट के बोआरीडीह, लोमा एवं कनरथू, कुढ़नी की छजन हरिशंकर पूर्वी, किशुनपुर मोहिनी एवं बलौरडीह, मीनापुर के हरशेर, अली नेवउरा एवं कोईली, मोतीपुर की जाटौलिया, पकड़ी एवं जसौली, मुरौल की सादिकपुर मुरौल एवं बिशनपुर बखरी, मुसहरी की पताही मधुबनी, मझौली खेतल, कांटी की मणिफुलकहां, हरचंदा एवं गोदाई फुलकहां, पारू की कटारू, ग्यासपुर एवं फतेहाबाद, साहेबगंज की बिशुनपुर पट्टी, बिशनपुर कल्याण एवं गौंडा, सरैया की कोल्हुआ, चकइब्राहिम एवं सरैया, औराई की भदई, बसंत एवं सरहंचिया, बोचहां की झपहा, रामपुर जयपाल एवं पटियासा, मड़वन की जियन खुर्द, गवसरा एवं महम्मदपुर खाजे, कटरा की शिवदासपुर, धनौर एवं कटरा तथा सकरा की भरथीपुर, डिहुली इशहाक एवं रामपुर मणी पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, आपूर्ति, श्रम, बाल विकास, पशुपालन, बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविर में आने वाले लोगों की समस्याओं एवं आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी। सहयोग शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव के निर्देश पर प्रत्येक शिविर के लिए वरीय पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर शिविर स्थल पर उपस्थित रहकर निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने तथा आम लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी लाभुक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े तथा सभी प्राप्त आवेदनों का विधिवत पंजीकरण एवं त्वरित निष्पादन किया जाए। उन्होंने सभी शिविर स्थलों पर बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पंखा, छाया, साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों से कहा है कि वे शिविर का संचालन पूरी पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ करें तथा अधिकाधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निकटवर्ती पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचकर सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं तथा उपलब्ध सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।

Muzaffarpur, Bihar | Jul 6, 2026

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
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मुजफ्फरपुर,
 6 जुलाई 2026

जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत  जुलाई 2026 की मास्टर रिपोर्ट के विभिन्न सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान  जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा पोषण सहायता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संभावित टीबी रोगी की जांच अथवा उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में  2,21,896 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इनमें 64,855 व्यक्तियों में टीबी के संभावित लक्षण (Achieved) पाए गए। संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए 13,747 एक्स-रे किए गए, जबकि 4,009 एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसी प्रकार 5,718 एनएएटी (NAAT) जांच की गई तथा 207 जांच रिपोर्ट उपलब्ध हुईं। इसके अतिरिक्त डिफरेंशियल टीबी के 3,679 परीक्षण, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) के 1,824 मामलों, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत 272 उपलब्धियां तथा 230 मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं फूड बास्केट योजना के तहत 226 मरीजों को लाभ पहुंचाया गया तथा 81 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में स्क्रीनिंग अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा जिन मरीजों में टीबी के लक्षण दिखाई दें, उनकी जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जांच में विलंब होने से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं रिपोर्टिंग की सतत निगरानी आवश्यक है।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कटरा, पारू, औराई, सकरा, बंदरा, कुढ़नी, मीनापुर एवं साहेबगंज जैसे प्रखंडों में स्क्रीनिंग एवं जांच का कार्य अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं जिन प्रखंडों में एक्स-रे, एनएएटी जांच अथवा रिपोर्टिंग की संख्या कम रही, वहां विशेष अभियान चलाकर प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी मरीजों को नियमित दवा, पोषण सहायता, निक्षय पोर्टल पर समय पर प्रविष्टि तथा फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निक्षय मित्र योजना को और अधिक मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों तथा सक्षम नागरिकों को इस अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण कर संभावित मरीजों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, बुखार अथवा रात में पसीना आने जैसी समस्या हो तो उसकी तत्काल टीबी जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे एवं एनएएटी जांच की उपलब्धता का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिन प्रखंडों में उपलब्धियां कम हैं, वहां विशेष मॉनिटरिंग करते हुए प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीबी उन्मूलन अभियान में डेटा की शुद्धता, समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा मरीजों की ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान की सफलता के लिए पंचायत स्तर तक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि लोग टीबी के लक्षणों को छिपाने के बजाय समय पर जांच कराएं और उपचार पूरा करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान, नियमित दवा और जनसहयोग से मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र मरीज तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।"
बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुजफ्फरपुर, 6 जुलाई 2026 जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत जुलाई 2026 की मास्टर रिपोर्ट के विभिन्न सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा पोषण सहायता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संभावित टीबी रोगी की जांच अथवा उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 2,21,896 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इनमें 64,855 व्यक्तियों में टीबी के संभावित लक्षण (Achieved) पाए गए। संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए 13,747 एक्स-रे किए गए, जबकि 4,009 एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसी प्रकार 5,718 एनएएटी (NAAT) जांच की गई तथा 207 जांच रिपोर्ट उपलब्ध हुईं। इसके अतिरिक्त डिफरेंशियल टीबी के 3,679 परीक्षण, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) के 1,824 मामलों, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत 272 उपलब्धियां तथा 230 मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं फूड बास्केट योजना के तहत 226 मरीजों को लाभ पहुंचाया गया तथा 81 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में स्क्रीनिंग अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा जिन मरीजों में टीबी के लक्षण दिखाई दें, उनकी जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जांच में विलंब होने से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं रिपोर्टिंग की सतत निगरानी आवश्यक है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कटरा, पारू, औराई, सकरा, बंदरा, कुढ़नी, मीनापुर एवं साहेबगंज जैसे प्रखंडों में स्क्रीनिंग एवं जांच का कार्य अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं जिन प्रखंडों में एक्स-रे, एनएएटी जांच अथवा रिपोर्टिंग की संख्या कम रही, वहां विशेष अभियान चलाकर प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी मरीजों को नियमित दवा, पोषण सहायता, निक्षय पोर्टल पर समय पर प्रविष्टि तथा फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निक्षय मित्र योजना को और अधिक मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों तथा सक्षम नागरिकों को इस अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण कर संभावित मरीजों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, बुखार अथवा रात में पसीना आने जैसी समस्या हो तो उसकी तत्काल टीबी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे एवं एनएएटी जांच की उपलब्धता का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिन प्रखंडों में उपलब्धियां कम हैं, वहां विशेष मॉनिटरिंग करते हुए प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीबी उन्मूलन अभियान में डेटा की शुद्धता, समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा मरीजों की ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान की सफलता के लिए पंचायत स्तर तक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि लोग टीबी के लक्षणों को छिपाने के बजाय समय पर जांच कराएं और उपचार पूरा करें। बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान, नियमित दवा और जनसहयोग से मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र मरीज तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।" बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Muzaffarpur, Bihar | Jul 6, 2026

राज्य महिला आयोग बिहार पटना के द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में जनसुनवाई की गई जहाँ 147 मामलों के विरुद्ध 115 मामलों में सुनवाई की गई कुछ मामले का निरस्तीकरण किया गया एवं अन्य मामलों में अगली तिथि विभाग द्वारा दी गई जहाँ संबंधित सभी थाना प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस मुजफ्फरपुर केंद्र प्रशासक वन स्टॉप सेंटर्स मुजफ्फरपुर उपस्थित महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य के द्वारा सभी जनसुनवाई की गई।

राज्य महिला आयोग बिहार पटना के द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में जनसुनवाई की गई जहाँ 147 मामलों के विरुद्ध 115 मामलों में सुनवाई की गई कुछ मामले का निरस्तीकरण किया गया एवं अन्य मामलों में अगली तिथि विभाग द्वारा दी गई जहाँ संबंधित सभी थाना प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस मुजफ्फरपुर केंद्र प्रशासक वन स्टॉप सेंटर्स मुजफ्फरपुर उपस्थित महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य के द्वारा सभी जनसुनवाई की गई।

Muzaffarpur, Bihar | Jul 6, 2026

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
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जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत  जुलाई 2026 की मास्टर रिपोर्ट के विभिन्न सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान  जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा पोषण सहायता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संभावित टीबी रोगी की जांच अथवा उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में  2,21,896 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इनमें 64,855 व्यक्तियों में टीबी के संभावित लक्षण (Achieved) पाए गए। संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए 13,747 एक्स-रे किए गए, जबकि 4,009 एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसी प्रकार 5,718 एनएएटी (NAAT) जांच की गई तथा 207 जांच रिपोर्ट उपलब्ध हुईं। इसके अतिरिक्त डिफरेंशियल टीबी के 3,679 परीक्षण, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) के 1,824 मामलों, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत 272 उपलब्धियां तथा 230 मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं फूड बास्केट योजना के तहत 226 मरीजों को लाभ पहुंचाया गया तथा 81 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया।

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत जुलाई 2026 की मास्टर रिपोर्ट के विभिन्न सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा पोषण सहायता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संभावित टीबी रोगी की जांच अथवा उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 2,21,896 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इनमें 64,855 व्यक्तियों में टीबी के संभावित लक्षण (Achieved) पाए गए। संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए 13,747 एक्स-रे किए गए, जबकि 4,009 एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसी प्रकार 5,718 एनएएटी (NAAT) जांच की गई तथा 207 जांच रिपोर्ट उपलब्ध हुईं। इसके अतिरिक्त डिफरेंशियल टीबी के 3,679 परीक्षण, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) के 1,824 मामलों, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत 272 उपलब्धियां तथा 230 मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं फूड बास्केट योजना के तहत 226 मरीजों को लाभ पहुंचाया गया तथा 81 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया।

Musahri, Muzaffarpur | Jul 6, 2026