गिरी नदी में फिर छोड़ा गया पराला सेब प्रोसेसिंग प्लांट का गंदा पानी, भड़की स्थानीय जनता
नदी के पानी को लेकर लोगों में भारी रोष, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का लगाया आरोप
शिमला। हिमाचल प्रदेश में नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के दावों के बीच एक बार फिर गिरी नदी में पराला सेब प्रोसेसिंग प्लांट का पानी छोड़े जाने का मामला सामने आया है। नदी में दोबारा पानी छोड़े जाने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि बार-बार इस तरह की घटना सामने आने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय जनता का कहना है कि गिरी नदी क्षेत्र के लोगों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्रोत है। ऐसे में सेब प्रोसेसिंग प्लांट से निकलने वाले पानी को नदी में छोड़े जाने से नदी के प्रदूषित होने की आशंका बढ़ रही है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक इस तरह नदी और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?
लोगों में इस बात को लेकर भी रोष है कि यदि पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, तो संबंधित विभागों ने अब तक स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की। स्थानीय जनता ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
लोगों ने मांग उठाई है कि नदी में छोड़े जा रहे पानी की तत्काल जांच करवाई जाए और यह पता लगाया जाए कि पानी निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोतों और गिरी नदी के संरक्षण के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए स्थायी समाधान कब तक किया जाता है।
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