चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए हर गाँव, हर परिवार और हर युवा आगे आए : डीजीपी अशोक तिवारी
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे एंटी चिट्टा जन आंदोलन से जुड़ने का अपर शिमला के लोगों से आह्वान; कहा—नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी
कुमारसैन में विद्यार्थियों को दिया नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और पुलिस को अपना मित्र समझने का संदेश
शिमला, 30 अक्टूबर 2026।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक तिवारी, आईपीएस ने अपर शिमला क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों से माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे एंटी चिट्टा जन आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिट्टा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी और परिवारों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इस लड़ाई को जीतने के लिए पुलिस की सख्त कार्रवाई के साथ हर परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
डीजीपी आज डी.ए.वी. वरिष्ठ माध्यमिक पब्लिक स्कूल, कुमारसैन के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एंटी चिट्टा जन आंदोलन का उद्देश्य नशा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। विद्यार्थियों को नशे के खतरों से आगाह करते हुए उन्होंने कहा, “असली बहादुरी गलत काम करने में नहीं, बल्कि गलत काम को ‘ना’ कहने में है।” उन्होंने पंचायतों, शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने तथा चिट्टे/ नशे के विरुद्ध जागरूकता को घर-घर पहुँचाने की अपील की।
डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री महोदय के ‘खेलो हिमाचल — चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के अंतर्गत कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएँ ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित करने की योजना है, ताकि ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को मंच मिले और उनकी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगे।
विद्यार्थियों को पुलिस को अपना मित्र और मार्गदर्शक समझने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी खतरे, उत्पीड़न या आपातस्थिति में वे निडर होकर पुलिस की सहायता लें। उन्होंने ERSS-112 की जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश ने इस सेवा के राष्ट्रीय प्रदर्शन में 34वें स्थान से प्रथम स्थान तक पहुँचकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से कम से कम पाँच अन्य लोगों को 112 के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, साइबर सुरक्षा और कानून के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “ईमानदारी का असली अर्थ है—सही काम तब भी करना, जब कोई आपको देख नहीं रहा हो।” अभिभावकों और शिक्षकों से उन्होंने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने और उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर डीजीपी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, कानून का पालन करने, पुलिस का सहयोग करने और चिट्टा मुक्त हिमाचल के निर्माण में योगदान देने का सामूहिक संकल्प दिलाया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रमेश शर्मा, शिक्षकों और विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “हिमाचल का भविष्य हमारे बच्चों और युवाओं के हाथों में है। यदि हर विद्यार्थी चिट्टे/नशे को ‘ना’ कहे और हर परिवार इस अभियान से जुड़े, तो चिट्टा मुक्त हिमाचल का संकल्प अवश्य साकार होगा।”
Shimla Urban, Shimla | Oct 30, 2026