छतरपुर में ग्रेनाइट क्लस्टर विकसित करने की तैयारी, युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिलेगा प्रोत्साहन
कलेक्टर ने भूमि चिन्हांकन एवं क्लस्टर विकास की प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश
छतरपुर जिले में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में प्रस्तावित ग्रेनाइट क्लस्टर के विकास एवं क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने प्रस्तावित क्लस्टर की रूपरेखा, भूमि आवंटन की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में उपलब्ध प्रचुर खनिज संपदा का औद्योगिक विकास में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ग्रेनाइट क्लस्टर की स्थापना से संबंधित सभी आवश्यक ढांचागत एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं।
कलेक्टर ने नवीन रेड ग्रेनाइट क्लस्टर के विकास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने और औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में रेड ग्रेनाइट की पर्याप्त संभावनाएं हैं। नवीन मेडिकल कॉलेज के भवन में भी रेड ग्रेनाइट का उपयोग किया गया है। आगामी समय में शासकीय निर्माण कार्यों में भी इसके उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे स्थानीय खनिज संपदा को बाजार उपलब्ध होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सकेगी।
युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को ग्रेनाइट उद्योग से जोड़ने पर जोर
कलेक्टर ने महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (जीएम डीआईसी) को निर्देश दिए कि ग्रेनाइट क्लस्टर के विकास के लिए निरंतर कार्य करें और नए उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवा उद्यमियों से संपर्क स्थापित करें। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी युवाओं से संपर्क कर उन्हें स्टार्टअप शुरू करने और उद्योग स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। इससे जिले में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
Chhatarpur, Chhatarpur | Oct 22, 2026