बड़ी खबर: केदारनाथ-गंगोत्री ट्रैक पर गए पांच ट्रैकर सुरक्षित, घुट्टू की ओर निकले,, दो दिन से नहीं हो पा रहा था संपर्क, हेलीकॉप्टर और पैदल दल ने चलाया सर्च अभियान,, संपर्क होने पर राहत,,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ से गंगोत्री के लिए ट्रैकिंग पर निकले पांच ट्रैकरों के सुरक्षित होने की खबर से प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली है। 25 सितंबर को केदारनाथ से गंगोत्री के लिए निकले प्रवेश चौहान समेत पांच ट्रैकरों से संपर्क नहीं हो पाने पर परिजनों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद बासुकीताल से मासर ताल और आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्र में खोज अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, यशवंत सिंह चौहान ने अपने भाई प्रवेश चौहान तथा उनके चार साथियों अमित फर्सवाण, नवीन रावत, विवेक और संदीप से संपर्क नहीं होने की सूचना चौकी प्रभारी केदारनाथ को दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 29 सितंबर को यूकाडा के सहयोग से हेलीकॉप्टर के माध्यम से बासुकीताल ट्रैक क्षेत्र से मासर ताल तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में अत्यधिक कम दृश्यता के कारण अभियान स्थगित करना पड़ा।
मौसम अनुकूल होने पर बुधवार को पुनः हेलीकॉप्टर से केदारनाथ-बासुकीताल से ऑडिन कॉल ट्रैक की दिशा में खोज अभियान शुरू किया गया। वहीं, सुबह पांच बजे एसडीआरएफ के चार, वन विभाग के दो और पुलिस के दो जवानों समेत आठ सदस्यीय दल पैदल सर्च के लिए रवाना हुआ।
इसी बीच यशवंत सिंह चौहान ने प्रशासन को बताया कि उनका भाई प्रवेश चौहान से संपर्क हो गया है और सभी पांचों ट्रैकर सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैकर गंगी-घुट्टू की ओर से जनपद टिहरी गढ़वाल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार द्वारा भी ट्रैकरों से लगातार संपर्क का प्रयास किया जा रहा था। दोपहर 1:57 बजे अमित फर्सवाण से फोन पर संपर्क हुआ। उन्होंने सभी पांचों ट्रैकरों के सुरक्षित होने तथा घुट्टू की ओर निकल जाने की पुष्टि की।
ट्रैकरों के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद केदारनाथ-बासुकीताल क्षेत्र में चलाए जा रहे आठ सदस्यीय पैदल खोज एवं बचाव दल को वापस बुला लिया गया।