एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान छछरौली में उपमंडल समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने दिए निर्देश, छछरौली के सभी निजी स्कूलों में होगी विद्यार्थियों के हीमोग्लोबिन की जांच
छछरौली, 16 सितंबर- (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: शारीरिक और मानसिक विकास में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभर रही एनीमिया (खून की कमी) की बीमारी को जड़ से उखाड़ने के लिए छछरौली प्रशासन ने कमर कस ली है। एनीमिया मुक्त हरियाणा कार्यक्रम को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से आज छछरौली में उपमंडल समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक की अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी (नागरिक) छछरौली जसपाल सिंह गिल ने की जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख अधिकारियों के साथ-साथ निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी विशेष रूप से भाग लिया। बैठक के दौरान एसएमओ छछरौली डॉ. वागीश गुटेन और एसएमओ प्रतापनगर डॉ. जतिंदर सिंह ने अपने-अपने खंड (ब्लॉक) की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी 100 दिवसीय एनीमिया नियंत्रण अभियान के लिए एक विस्तृत माइक्रो प्लान भी साझा किया।
आपसी तालमेल से ही एनीमिया पर प्रहार संभव
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि एनीमिया महज एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और जनस्वास्थ्य की चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को किसी एक विभाग के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसके प्रभावी नियंत्रण और उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ निजी स्कूलों को एक टीम की तरह आपसी तालमेल और समन्वय के साथ काम करना होगा।
निजी स्कूलों के लिए निर्देश जारी
हरियाणा सरकार द्वारा संचालित एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान के तहत बच्चों एवं किशोर-किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान, उपचार और रोकथाम सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए छछरौली उपमण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने निर्देशित किया है कि सभी निजी स्कूल अपने यहाँ अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों का हीमोग्लोबिन परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की टीम के समन्वय से करवाना सुनिश्चित करें।
कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा त्वरित उपचार
अभियान के तहत केवल जांच ही नहीं, बल्कि उपचार पर भी पूरा जोर दिया जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान जिन विद्यार्थियों में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम पाया जाता है, उन विद्यार्थियों को आवश्यक परामर्श एवं उपचार के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या चिकित्सकीय टीम से जोड़ा जाए।
प्रशासन की अपील
उपमंडल प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों से अपील की है कि वे इस अभियान को जन-स्वास्थ्य एवं विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य के हित में सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इस पुनीत कार्य में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित कर एनीमिया मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।