*#पति-पत्नी का प्रेम : यह पर्व दोनों के बीच अटूट प्रेम, त्याग, समर्पण और मधुर सम्बंधों का प्रतीक माना जाता है : रिंकी यादव।*
*#हिन्दू धर्म और परंपरा के अनुसार, महिलाएं करवा चौथ का व्रत अपने पति की लम्बी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं : रिंकी यादव ।*
#सीतामढ़ी/#बिहार :- #सब तक न्यूज जेकेवाई की आवाज *(SAB TAK NEWS JKY KI AAWAZ)* न्यूज चैनल के संस्थापक जलेश्वर कुमार यादव की अर्धांगिनी रिंकी यादव ने अपने वक्तव्य में कहीं है कि - इस साल करवा चौथ का व्रत महिलाएं हर्षो उल्लास पूर्वक रखी है। लेकिन समयानुसार चंद्रोदय ( चन्द्रमा का उदय) को नहीं देख पाई। जबकि 29 अक्टूबर 2026 की तिथि में करवा चौथ के व्रत के दिन सीतामढ़ी जिला में चन्द्रमा का उदय होना 7:48 बजे रात्रि था। लेकिन वर्ती महिलाएं चन्द्रमा का दर्शन नहीं कर पाई। विधिवत हिन्दू रीति - रिवाज के अनुसार मंत्रों का उच्चारण कर पूजा प्रतिष्ठा करते हुए, चंद्रोदय का स्मरण कर अर्घ्य दी है। उसके बाद पति से आशीर्वाद तो प्राप्त कर ली है।
बल्कि अन्न-जल में चंद्रोदय के जगह पर कल सूर्य भगवान का दर्शन करने के बाद ही मिल पायेंगी।
क्योंकि पौराणिक रीति - रिवाज के अनुसार बिना चन्द्रमा का देखे हुए, अन्न-जल में मिलना पति के ऊपर संकट छा सकता है। इसके लिए चन्द्रमा अगर दिखाई दिया या नहीं दिया कल सूर्योदय का दर्शन कर अन्न-जल में मिलेंगी।
दूसरे शब्दों में रिंकी यादव ने यह भी कहीं है कि -
#पति-पत्नी का प्रेम : यह पर्व दोनों के बीच अटूट प्रेम, त्याग, समर्पण और मधुर सम्बंधों का प्रतीक माना जाता हैं।
#हिन्दू धर्म और परंपरा के अनुसार, महिलाएं करवा चौथ का व्रत अपने पति की लम्बी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं।
#वहीं मीडिया के विशेष जाँच-पड़ताल में पाया गया कि 29 अक्टूबर 2026 के सारा दिन आकाश में बादल छाए रहे और बूंदाबूंदी बारिश होती रही। जिसके कारण व्रती के सर के ऊपर छतरी लगाकर बादल के अंदर छिपे चंद्रमा को अर्घ्य दिया गया।
#karwachauthspecial #spsitamarhi #dmsitamarhi #sabtaknewsjkykiaawaz #CMBihar #pmmodi #BreakingNews