बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करना समाज और शासन की जिम्मेदारी : न्यायाधीश उमेश भगवती
सनराइज विद्यालय ओरछा में ‘बचपन सुरक्षित अभियान’ के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट एवं बाल सुरक्षा कानूनों की दी जानकारी
न्यायाधीशों ने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के अंतर को समझाया, अनुचित व्यवहार होने पर माता-पिता एवं शिक्षकों को बताने की दी सलाह
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बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण एवं बाल लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में विद्यालय स्तर पर ‘बचपन सुरक्षित अभियान’ संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत मंगलवार को तहसील विधिक सेवा समिति, ओरछा द्वारा सनराइज विद्यालय ओरछा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम तहसील विधिक सेवा समिति, ओरछा की अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती भावना सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओरछा न्यायालय के वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश श्री उमेश भगवती उपस्थित रहे। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण को बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक अपराधों की रोकथाम तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बच्चों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करना सभी की जिम्मेदारी : न्यायाधीश श्री उमेश भगवती
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश श्री उमेश भगवती ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करना समाज और शासन दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि उन्हें अपने अधिकारों एवं सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी हो, ताकि वे किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के प्रति जागरूक रह सकें।
उन्होंने बच्चों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम एवं कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में लागू पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न एवं अश्लील सामग्री से संबंधित अपराधों से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
न्यायाधीश श्री भगवती ने बताया कि पॉक्सो एक्ट लिंग निरपेक्ष कानून है, अर्थात यह लड़कों एवं लड़कियों दोनों को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी प्रकार की अनुचित घटना या व्यवहार को छिपाने के बजाय इसकी जानकारी विश्वसनीय व्यक्ति को देना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता एवं कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के अंतर को समझें : न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष शर्मा
कार्यक्रम में उपस्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष शर्मा ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने शरीर की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है, तो वे बिना किसी डर अथवा झिझक के अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
श्री शर्मा ने कहा कि बच्चों को यह समझना जरूरी है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी अनुचित व्यवहार को चुपचाप सहन करना आवश्यक नहीं है। ऐसी घटनाओं की जानकारी समय पर देने से संबंधित अपराधों की रोकथाम एवं आवश्यक कानूनी कार्यवाही में सहायता मिलती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह निषेध एवं बच्चों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी भी दी। साथ ही शिक्षकगण से अपील की कि वे बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा उनके लिए सुरक्षित एवं विश्वासपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता पर जोर
‘बचपन सुरक्षित अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों एवं लैंगिक अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया गया कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए परिवार, विद्यालय एवं समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना तथा आवश्यक सहायता प्रदान करना जरूरी है।
विद्यालय स्तर पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को कानून की जानकारी देने के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय संचालक ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक श्री पुष्पेन्द्र सिंह गौर, प्राचार्य श्री डालसिंह परिहार, विधिक सहायक श्री आरिफ खान, शिक्षक श्री हरिदास शर्मा, श्री हरेन्द्र यादव, श्रीमती प्रज्ञा रावत, श्रीमती निकेता मिश्रा, श्रीमती किरन प्रजापति, श्रीमती ज्योति यादव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय संचालक श्री पुष्पेन्द्र सिंह गौर द्वारा उपस्थित न्यायाधीशों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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