डॉ. विनयन व्यक्ति नहीं, एक विचार थे : अवधेश नारायण सिंह
जहानाबाद। जिला के चर्चित डॉ. विनयन आश्रम, ग्राम नवादा स्थित जनमुक्ति आंदोलन कार्यालय में मंगलवार को डॉ. विनयन की 20वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनमुक्ति आंदोलन के महासचिव हरिलाल प्रसाद सिंह ने की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, जनमुक्ति आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यास जी, उपाध्यक्ष संत प्रसाद, अनिल कुमार राय, जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ. जगदीश शर्मा, मखदुमपुर विधायक सूबेदार दास, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के विधान पार्षद नागेंद्र कुमार उर्फ रिंकू यादव, पूर्व विधायक डॉ. सच्चिदानंद यादव, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष आभा रानी, युवा राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रविकांत कुमार, कॉमरेड विश्वनाथ यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सभापति अवधेश नारायण सिंह द्वारा डॉ. विनयन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद सभी लोगों ने उनके समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें क्रांतिकारी लाल सलाम पेश किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. विनयन ने गरीबों और मजदूरों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके विचारों और आंदोलन को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जनमुक्ति आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यास जी ने कहा कि डॉ. विनयन ने गरीब-गुरबों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर बिहार की धरती को अपनाया और इसी मिट्टी में अंतिम सांस ली। उनके आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाना सभी का कर्तव्य है।
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि डॉ. विनयन व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। यही कारण है कि उनके निधन के दो दशक बाद भी लोग उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं। जनमुक्ति आंदोलन के उपाध्यक्ष अनिल कुमार राय ने कहा कि भारतीय परंपरा रही है कि समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले लोगों का जनता हमेशा सम्मान करती है। डॉ. विनयन का जीवन भी इसी परंपरा का उदाहरण है।