यूरिया कालाबाजारी के आरोपों से गरमाई उर्वरक निगरानी समिति की बैठक
किसानों ने अधिक कीमत और जबरन कीटनाशक बेचने का लगाया आरोप, दुकानदारों ने थोक स्तर पर महंगी आपूर्ति की बताई मजबूरी
बैरिया प्रखंड के ई-किसान भवन में सोमवार को आयोजित उर्वरक निगरानी समिति की बैठक यूरिया की कथित कालाबाजारी को लेकर हंगामेदार रही। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख पप्पू राम ने की। किसानों ने आरोप लगाया कि 266.50 रुपये की निर्धारित कीमत वाली यूरिया 400 से 700 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है तथा किसानों को जबरन नैनो यूरिया और अन्य कीटनाशक दवाएं खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। किसान ठाकुर शाह ने कहा कि कई दुकानों पर स्टॉक होने के बावजूद यूरिया उपलब्ध नहीं कराई जाती है। माले नेता सुनील कुमार राव ने चेतावनी दी कि जबरन अन्य उत्पाद बेचने की प्रथा बंद नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुशील कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों की इच्छा के विरुद्ध नैनो यूरिया या अन्य उत्पाद नहीं बेचे जाएं तथा निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति बोरी पर ही यूरिया का वितरण सुनिश्चित किया जाए। विधानसभा प्रतिनिधि एवं ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार उर्फ बबलू तथा बीडीओ पूजा कुमारी ने अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं उर्वरक विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें जिला स्तर से ही अधिक कीमत पर उर्वरक और अन्य उत्पाद दिए जाते हैं, जिसके कारण वे मजबूरी में उसी अनुसार बिक्री करते हैं। बैठक में सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, आत्मा अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार यादव, किशोर सिंह, भाजपा नेता शेखर सिंह सहित कई किसान और उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।
Bettiah, West Champaran | Jul 21, 2026