कुरांह में एक किलोमीटर के दायरे में पांच लंगर, ग्रामीणों ने प्रशासन से उठाए सवाल
यातायात, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
सुरेंद्र ठाकुर
चंबा 09 सितम्बर
मणिमहेश यात्रा के दौरान ग्राम पंचायत गागला के तहत कुरांह गांव में एनएच-154ए पर मैहला पुल के समीप करीब एक किलोमीटर के दायरे में पांच लंगर लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष विभिन्न समस्याएं उठाई हैं। ग्रामीणों ने यातायात, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार इनमें चार लंगर पंजाब की विभिन्न संस्थाओं तथा एक लंगर अंबाला एसोसिएशन की ओर से लगाया गया है। उनका कहना है कि एक सीमित क्षेत्र में कई लंगर होने के कारण श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे कई बार जाम जैसी स्थिति बन रही है और स्थानीय लोगों को अपने खेतों सहित अन्य स्थानों तक आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल और स्वच्छता को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने लंगरों के कारण बढ़ी पानी की खपत को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लंगर कर्मचारियों के ठहरने से आसपास के क्षेत्र में पेयजल की मांग बढ़ गई है, जिसका असर स्थानीय जलापूर्ति पर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रत्येक लंगर में करीब 30 से 35 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने पर्याप्त शौचालय और स्नान व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है, ताकि खुले में शौच और गंदगी की स्थिति पैदा न हो तथा स्थानीय पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।
बाहरी कर्मचारियों के सत्यापन की मांग
ग्रामीणों ने लंगरों में कार्यरत बाहरी कर्मचारियों के पहचान और पुलिस सत्यापन की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ कर्मचारी बाहर से आए हैं और देर रात तक गांव के आसपास आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है।
क्षेत्र में नशे से संबंधित गतिविधियों की खबरों का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से यात्रा अवधि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की है। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उनकी मांग केवल यह है कि प्रशासन सभी आवश्यक जांच और सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करे।
अनुमतियों की जांच की मांग
ग्रामीणों के अनुसार लंगर संचालकों की ओर से संबंधित विभागों से अनुमति लेने की बात कही जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से इन अनुमतियों की जांच करने, यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने, पेयजल एवं स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लंगर कर्मचारियों का आवश्यक सत्यापन करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों में प्रधान रीता देवी, सुरेंद्र कुमार, नरोतम सिंह, प्रताप चंद, भूरी सिंह, भूपेंद्र कुमार, महिंद्र सिंह और कमल कुमार शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक सेवा या लंगर व्यवस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि मणिमहेश यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और लंगर संचालकों के बीच बेहतर समन्वय के साथ यातायात, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
Chamba, Chamba | Sep 9, 2026