जनजातीय समाज की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर सेमिनार, औषधीय पौधों का हब बनेंगे सूर्यगढ़ा और चानन के गांव
लखीसराय। संग्रहालय सभागार में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जनजातीय समुदाय की पारंपरिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रणालियों पर जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें सूर्यगढ़ा एवं चानन प्रखंड के 32 अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों के लोगों ने भाग लिया।
सेमिनार में पारंपरिक चिकित्सकों, औषधीय पौधों, जनजातीय स्वास्थ्य पद्धतियों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ इनके समन्वय पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
इस अवसर पर डीएम शैलेन्द्र कुमार ने जनजातीय समाज के विकास के लिए संचालित होने वाली योजनाओं की जानकारी देते हुए सूर्यगढ़ा एवं चानन के जनजातीय बहुल गांवों को औषधीय पौधों के हब के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने राजघाट कोल में वितरित लेमन ग्रास के पौधों का उल्लेख करते हुए समृद्ध जनजातीय गांवों के निर्माण तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही।