बिहार के कटिहार के एक सरकारी स्कूल का यह दृश्य सिर्फ एक तस्वीर नहीं,बल्कि हौसले की मिसाल है,इस बच्ची के दोनों हा"थ नहीं हैं,फिर भी वह किसी पर निर्भर नहीं......!
अपने पैरों से बैग खोलती है,कॉपी निकालती है और फिर उसी लगन से लिखना शुरू कर देती है,जहाँ कई लोग छोटी-सी मुश्किल में हार मान लेते हैं......!
वहाँ यह नन्ही बच्ची हमें सिखा रही है, कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी कमी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकती,ईश्वर इस बेटी को खूब तरक्की,सम्मान और सफलता दे......! 🙏❤️
सलाम है इस जज़्बे को.....!
फोटो क्रेडिट सोशल मीडिया