प्रभारी सचिव की अध्यक्षता में *आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखण्ड से संबंधित समीक्षा* बैठक का आयोजन
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मुजफ्फरपुर जिला *अग्रणी जिलों* में से एक; निर्धारित लक्ष्य एवं बेसलाईन की तुलना में वर्तमान में उपलब्धि सराहनीय: प्रभारी सचिव
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अपर सचिव, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार -सह- प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला श्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखण्ड से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन हुआ। इसमें एस्पायरेशनल डिस्ट्रिक्ट एवं ब्लाॅक कार्यक्रम के सभी इंडिकेटर पर विस्तृत समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। प्रभारी सचिव ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिला प्रगतिशील एवं अग्रणी जिलों में से एक है। निर्धारित लक्ष्य एवं बेसलाईन की तुलना में वर्तमान में काफी अच्छी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एस्पायरेशनल डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम (एडीपी) के तहत 49 इंडिकेटर्स तथा एस्पायरेशनल ब्लाॅक कार्यक्रम (एबीपी) के तहत 39 इंडिकेटर्स शामिल है। इन सभी सूचकांकों पर आज एक-एक कर विस्तार से समीक्षा की गई है। एडीपी के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना तथा वितीय समावेशन एवं कौशल विकास थीम पर विभागवार एवं इंडिकेटरवाईज समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि अनेक इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत उपलब्धि है। कुल गर्भधारण की तुलना में एएनसी के लिए पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की संख्या में काफी अच्छी प्रगति है। जुलाई माह में इसमें 179 प्रतिशत उपलब्धि पाई गई है। गंभीर रूप से एनीमिया के लिए जांच किए गए गर्भवती महिलाओं की तुलना में गंभीर रूप से एनीमिया के लिए उपचार किए गए गर्भवती महिलाओं के मामले में भी उपलब्धि शत-प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के आदेश के आलोक में एनीमिया-मुक्त बिहार अभियान का आज से शुभारंभ हुआ है। इसके तहत इसपर विशेष जोर दिया जाएगा। समीक्षा में पाया गया कि जन्म के एक घंटा के अंदर स्तनपान कराए गए नवजात बच्चों की संख्या, 9-11 महीने के पूर्ण टीकाकृत बच्चों की संख्या, अनुमानित मामलों की तुलना में सरकारी एवं निजी संस्थानों में टीबी का नोटिफिकेशन दर, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप अनुपालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का प्रतिशत, प्रति 5 लाख की जनसंख्या पर एक एफआरयू (फ़र्स्ट रेफरल यूनिट) के आधार पर क्रियाशील एफआरयू का समानुपात, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों की अपेक्षा उपलब्ध स्पेशलिस्ट सुविधाओं का समानुपात, आंगनबाड़ी केन्द्रों में वीएचएसएनडी का आयोजन, आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत पूरक पोषाहार लेने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत, विद्यालयों में क्रियाशील बालिका ट्वायलेट, विद्यालयों में क्रियाशील पेयजल सुविधा, माध्यमिक स्तर पर विद्यालयों में क्रियाशील विद्युत सुविधा, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी में कुल बोया गया क्षेत्र, पशुपालन के क्षेत्र में कुल वैक्सिनेटेड पशुओं की संख्या इत्यादि विभिन्न मानकों पर एडीपी में मुजफ्फरपुर जिला की उपलब्धि वांछित स्तर एवं बेसलाईन से काफी अच्छी है। मुजफ्फरपुर जिला का मुशहरी प्रखण्ड एस्पायरेशनल ब्लाॅक है। एबीपी प्रोग्राम की समीक्षा में पाया गया कि आईसीडीएस, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जीविका इत्यादि क्षेत्रों में इस प्रखण्ड में काफी अच्छा कार्य किया जा रहा है। 39 विभिन्न इंडिकेटर्स में कई पर लगभग शत-प्रतिशत उपलब्धि है। प्रभारी सचिव ने इस पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एडीपी एवं एबीपी कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न सूचकांकों पर उत्कृष्ट उपलब्धि सराहनीय है। इसके लिए जिलाधिकारी के साथ-साथ उनकी सम्पूर्ण टीम बधाई के पात्र हैं।
जिलाधिकारी ने प्रभारी सचिव के संज्ञान में लाया कि मुजफ्फरपुर जिला में सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिन इंडिकेटर्स पर कमी है, उसकी समीक्षा एवं गैप एनालिसिस की जा रही है। इन कमियों को हमलोग शीघ्र दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात 870 है। इसमें सुधार लाने के लिए हमलोग सतत प्रयासरत हैं। ऐक्शन प्लान के अनुसार कार्य किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव में सुधार लाने के लिए बहुआयामी कार्य किया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों के इनराॅलमेन्ट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सब एरिया को फोकस एरिया मानते हुए हमलोग प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहे हैं।
प्रभारी सचिव ने कहा कि सरकार विकास के प्रति पूर्णतः सजग एवं तत्पर है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर जिला विकास का नया आयाम गढ़ रहा है। जीविका, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, शिक्षा इत्यादि क्षेत्रों में जो बेहतर कार्य किए जा रहे हैं, उसके लिए मुजफ्फरपुर जिला को अनेक बार सम्मानित किया जा चुका है। यहाँ की सफलता की कहानियाँ राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित है। प्रभारी सचिव ने कहा कि जैसा कि जिलाधिकारी ने कहा कुछ मानकों पर अभी और कार्य करने की आवश्यकता है। हम आशा करते हैं कि इन इंडिकेटर्स पर भी भविष्य में सुधार परिलक्षित होगा। वैश्विक परिवर्तन को देखते हुए हम सबको विकास के प्रति सजग, सक्रिय एवं प्रतिबद्ध रहना होगा।
इस बैठक में सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम जीविका सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।