स्कूल बने पर्यावरण संरक्षण की पाठशाला, बच्चों के जरिए गांव-गांव पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश
पुरोला। पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनआंदोलन बनाने की दिशा में पुरोला ब्लॉक में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि अभियान का केंद्र गांव नहीं, बल्कि विद्यालयों को बनाया गया है, ताकि छात्र-छात्राओं के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके।
ग्रामीण महिला स्वास्थ्य चेतना एवं स्वरोजगार विकास समिति पुरोला द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, देहरादून के सहयोग से विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक प्रदूषण रोकने और स्वच्छ पर्यावरण के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को चार रंगों के डस्टबिन के उपयोग के बारे में बताया जा रहा है। इनमें गीले, सूखे, खतरनाक और ई-वेस्ट को अलग-अलग रखने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही नुकीली वस्तुओं को कागज में लपेटकर रखने तथा खतरनाक कचरे को हाथ से न उठाने की सलाह भी दी जा रही है।
संस्था के जिला समन्वयक शिवम बिजल्वाण, ब्लॉक समन्वयक नवीन कोहली एवं ओमप्रकाश के नेतृत्व में अभियान आगे बढ़ रहा है। अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज पुरोला, मोल्टाड़ी, गुंदियाटगांव, हुडोली, पुजेली, बेष्टी और कुमोला सहित विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का जागरूक वाहक बनाना है, ताकि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी कचरे के सही निस्तारण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक कर सकें।
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