चंबा की समृद्ध कला को मिलेगा नया मंच, रंग महल में विकसित होगा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर
एक ही छत के नीचे चंबा रुमाल, चंबा चप्पल, चंबा थाल, मेटल और स्टोन क्राफ्ट के कलाकार होंगे एकत्रित
सुरेंद्र ठाकुर
चंबा, 23 सितंबर
ऐतिहासिक चंबा नगर अपनी समृद्ध कला एवं शिल्प परंपराओं के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। चंबा रुमाल, चंबा चप्पल, चंबा थाल, मेटल क्राफ्ट और स्टोन क्राफ्ट जैसी पारंपरिक कलाएं यहां की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इन पारंपरिक कलाओं को नई पहचान और मंच देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक रंग महल में आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल शुरू की है। इस संबंध में एडीसी चंबा अमित मैहरा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पारंपरिक कलाओं से जुड़े कलाकार और शिल्पकार शामिल हुए।
प्रशासन की योजना के अनुसार रंग महल में ऐसा केंद्र विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां चंबा रुमाल, चंबा चप्पल, चंबा थाल, मेटल और स्टोन क्राफ्ट से जुड़े कलाकार एक ही छत के नीचे बैठकर अपना कार्य कर सकें। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को न केवल तैयार कलाकृतियां देखने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे कलाकारों को काम करते हुए देखकर इन पारंपरिक कलाओं की प्रक्रिया को भी समझ सकेंगे।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पारंपरिक कला को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना भी है। स्थानीय युवाओं को इन कलाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य में अपने स्तर पर काम शुरू करने का अवसर उपलब्ध करवाने की योजना है।
प्रशासन की ओर से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए रंग महल में प्रशिक्षण के दौरान ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था उपलब्ध करवाने का प्रयास भी किया जा रहा है, ताकि उन्हें प्रशिक्षण के बाद रोजाना लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
कलाकारों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि चंबा की पारंपरिक कलाएं केवल हस्तशिल्प नहीं, बल्कि क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर की योजना सफल होती है तो कलाकारों को बेहतर मंच मिलेगा और चंबा की कला को देश-विदेश तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पद्मश्री सहित राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों ने भी चंबा की कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। ऐसे में रंग महल में प्रस्तावित आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर चंबा की पारंपरिक कलाओं, कलाकारों और नई पीढ़ी के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
Chamba, Chamba | Sep 23, 2026