**मोकामा दियारा में गंगा का तांडव: बेघर हुए ग्रामीणों की हालचाल लेने पहुंचे पूर्व मुखिया प्रतिनिधि भोला सिंह, वर्तमान व्यवस्था से नाराजगी**
गंगा नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण मोकामा जंजीरा दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। बाढ़ के विकराल रूप से परेशान होकर दियारा के लोग अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। प्रभावित ग्रामीण मोकामा नगर परिषद, मोकामा अंचल कार्यालय और स्थानीय मंदिरों में शरण लिए हुए हैं। शरणार्थियों में अकेले शिवनार पंचायत के करीब 90 प्रतिशत लोग शामिल हैं, जिनकी स्थिति बेहद चिंतनीय बनी हुई है।
**राहत वितरण में उपेक्षा से लोगों का बढ़ा आक्रोश**
राहत शिविरों में शरण लिए ग्रामीणों के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर भारी असंतोष देखा जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों का स्पष्ट कहना है कि इस संकट की घड़ी में वर्तमान मुखिया द्वारा उन्हें पूरी तरह से बेसहारा छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आपदा की इस कठिन परिस्थिति में वर्तमान मुखिया न तो उनसे मिलने आए और न ही किसी प्रकार की सरकारी या निजी सहायता उपलब्ध कराई।
**पूर्व मुखिया प्रतिनिधि भोला सिंह बने संकट के साथी**
एक तरफ जहां वर्तमान पंचायत प्रशासन से ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुखिया प्रतिनिधि भोला सिंह लगातार पीड़ितों के संपर्क में हैं। संकट के इस समय में भोला सिंह द्वारा दियारा क्षेत्र के प्रभावित लोगों तक निरंतर खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भेजी जा रही है। वे स्वयं और अपनी टीम के माध्यम से शरणार्थियों का हाल-चाल ले रहे हैं और हर संभव मदद का भरोसा दे रहे हैं।
भीषण तबाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच ग्रामीणों में आक्रोश चरम पर है। शरणार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा की तुरंत पुख्ता व्यवस्था की जाए।
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Mokameh, Patna | Sep 10, 2026