*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति ने बाल देख-रेख संस्थाओं का किया निरीक्षण*
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा जिले में संचालित विभिन्न बाल देख-रेख संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बालकों एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही आवासन, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, देख-रेख तथा पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में VAG बाल गृह, नरौली के भवन निर्माण से संबंधित लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु AGM, भवन निर्माण निगम लिमिटेड को आवश्यक निर्देश दिया।
बाल गृह, नरौली-मुशहरी में 71 बालकों का आवासन
मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों की समुचित देख-रेख तथा उनके पारिवारिक पुनर्वास के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से नरौली, मुशहरी स्थित बाल गृह का संचालन किया जा रहा है।
वर्तमान में बाल गृह की इकाई-1 में 53 तथा इकाई-2 में 18, कुल 71 बालकों का आवासन कराया जा रहा है। इन बालकों की दैनिक देख-रेख के लिए कुल 23 कर्मी कार्यरत हैं। गृह में बालकों के लिए नियमित रूप से शिक्षण सत्र का आयोजन किया जाता है। निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार बालकों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
बाल गृह के माध्यम से बालकों के परिवार का पता लगाने का प्रयास किया जाता है तथा पात्र एवं उपयुक्त मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें उनके परिवार में पुनर्वासित किया जाता है।
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, खबड़ा में 14 बच्चों का आवासन
मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों एवं बालिकाओं की समुचित देख-रेख, पारिवारिक पुनर्वास तथा कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का संचालन किया जा रहा है।
वर्तमान में इस संस्थान में 14 बच्चों का आवासन कराया जा रहा है। बच्चों की दैनिक देख-रेख के लिए कुल 11 कर्मी कार्यरत हैं। संस्थान में बच्चों के लिए नियमित शिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं तथा निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
संस्थान द्वारा बच्चों के परिवार का पता लगाने एवं उन्हें परिवार में पुनर्वासित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है। जिन बच्चों का पारिवारिक पुनर्वास संभव नहीं हो पाता है, उन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
पर्यवेक्षण गृह में 75 बालकों का आवासन
मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत विधि के उल्लंघन के आरोपित बालकों के सुधारात्मक उपायों एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से पर्यवेक्षण गृह का संचालन किया जा रहा है।
वर्तमान में पर्यवेक्षण गृह में मुजफ्फरपुर के 40, सीतामढ़ी के 28 तथा शिवहर के 07, कुल 75 बालकों का आवासन कराया जा रहा है। इन बालकों की दैनिक देख-रेख के लिए कुल 15 कर्मी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए 04 शिक्षकों के माध्यम से नियमित शिक्षण सत्र का आयोजन किया जाता है।
पर्यवेक्षण गृह में बालकों को निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, उनके लिए विभिन्न सुधारात्मक एवं पुनर्वासात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव लाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बाल देख-रेख संस्थाओं में आवासित बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं समुचित देख-रेख को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा सुनिश्चित करते हुए उनके बेहतर भविष्य एवं पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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