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बालाघाट: जिले में 09 और मरीजों के सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए, मरीजों की संख्या 26 हुई #कोरोना_पॉजिटिव

Balaghat, Balaghat | Jan 11, 2022

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#बालाघाट 
मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर: सिलाई और साड़ी के व्यापार से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम बघोली की छमेश्वरी

       कहते हैं कि हौसलों की उड़ान अगर सही दिशा में हो, तो मंजिल खुद-ब-खुद पास चली आती है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम बघोली की रहने वाली श्रीमती छमेश्वरी ठाकरे ने इसे सच कर दिखाया है। कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली छमेश्वरी आज न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बन गई हैं।

  आजीविका मिशन से जुड़ी जीवन की नई राह

     श्रीमती ठाकरे का जीवन तब बदला जब वे वर्ष 2016 में 'सत्यसाईं आजीविका स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) ने उन्हें न केवल एक पहचान दी, बल्कि नियमित बचत, बैंकिंग और उद्यमशीलता का हुनर भी सिखाया। समूह के अनुशासन और प्रशिक्षण ने उनमें वह आत्मविश्वास भरा, जिसने उनके सपनों को पंख दे दिए।

   शून्य से शुरू किया सफर, आज खड़ा किया सफल व्यापार

        शुरुआत में छमेश्वरी ने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। मेहनत रंग लाई तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मिशन से प्राप्त वित्तीय सहायता (सीआईएफ, सीसीएल एवं एसवीईपी योजनाओं) का उपयोग कर उन्होंने न केवल अपनी सिलाई यूनिट का विस्तार किया, बल्कि लालबर्रा में अपना सिलाई सेंटर खोल लिया। ग्राहकों की बढ़ती मांग और अपनी सूझबूझ से उन्होंने साड़ी का व्यवसाय भी शुरू किया, जो आज उनकी आय का प्रमुख जरिया बन गया है।

        आत्मनिर्भरता ने बदली तकदीर

     कभी आर्थिक तंगी और मजदूरी पर निर्भर रहने वाला छमेश्वरी का परिवार आज स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहा है। व्यवसाय से होने वाली आय से उन्होंने न केवल अपने ऋणों को समय पर चुकाया, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी प्रदान कर रही हैं। उनके घर की सुख-सुविधाएं बढ़ी हैं और समाज में उनकी एक अलग पहचान बनी है।

        दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा

     छमेश्वरी अब केवल अपनी उन्नति तक सीमित नहीं हैं। वह अपने क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। वे मानती हैं कि "मिशन ने मुझे केवल आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान और नेतृत्व क्षमता भी दी है।"

    आज छमेश्वरी ठाकरे की यह सफलता बताती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी किसी बड़े उद्यमी से कम नहीं होतीं। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए उम्मीद की एक किरण है जो अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदलना चाहती है।
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#mp_wcdmp

#बालाघाट मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर: सिलाई और साड़ी के व्यापार से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम बघोली की छमेश्वरी कहते हैं कि हौसलों की उड़ान अगर सही दिशा में हो, तो मंजिल खुद-ब-खुद पास चली आती है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम बघोली की रहने वाली श्रीमती छमेश्वरी ठाकरे ने इसे सच कर दिखाया है। कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली छमेश्वरी आज न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बन गई हैं। आजीविका मिशन से जुड़ी जीवन की नई राह श्रीमती ठाकरे का जीवन तब बदला जब वे वर्ष 2016 में 'सत्यसाईं आजीविका स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) ने उन्हें न केवल एक पहचान दी, बल्कि नियमित बचत, बैंकिंग और उद्यमशीलता का हुनर भी सिखाया। समूह के अनुशासन और प्रशिक्षण ने उनमें वह आत्मविश्वास भरा, जिसने उनके सपनों को पंख दे दिए। शून्य से शुरू किया सफर, आज खड़ा किया सफल व्यापार शुरुआत में छमेश्वरी ने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। मेहनत रंग लाई तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मिशन से प्राप्त वित्तीय सहायता (सीआईएफ, सीसीएल एवं एसवीईपी योजनाओं) का उपयोग कर उन्होंने न केवल अपनी सिलाई यूनिट का विस्तार किया, बल्कि लालबर्रा में अपना सिलाई सेंटर खोल लिया। ग्राहकों की बढ़ती मांग और अपनी सूझबूझ से उन्होंने साड़ी का व्यवसाय भी शुरू किया, जो आज उनकी आय का प्रमुख जरिया बन गया है। आत्मनिर्भरता ने बदली तकदीर कभी आर्थिक तंगी और मजदूरी पर निर्भर रहने वाला छमेश्वरी का परिवार आज स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहा है। व्यवसाय से होने वाली आय से उन्होंने न केवल अपने ऋणों को समय पर चुकाया, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी प्रदान कर रही हैं। उनके घर की सुख-सुविधाएं बढ़ी हैं और समाज में उनकी एक अलग पहचान बनी है। दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा छमेश्वरी अब केवल अपनी उन्नति तक सीमित नहीं हैं। वह अपने क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। वे मानती हैं कि "मिशन ने मुझे केवल आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान और नेतृत्व क्षमता भी दी है।" आज छमेश्वरी ठाकरे की यह सफलता बताती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी किसी बड़े उद्यमी से कम नहीं होतीं। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए उम्मीद की एक किरण है जो अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदलना चाहती है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
खेत बचाओ-धरती माता बचाओ' अभियान का असर, लेंडेझरी के किसान ने अपनाई DSR पद्धति

    जिले में कृषि विभाग द्वारा जल संरक्षण, खेती की लागत घटाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे 'खेत बचाओ-धरती माता बचाओ' अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। इसी क्रम में आज विकासखंड लालबर्रा के ग्राम लेंडेझरी में उन्नत तकनीक DSR (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी सीधी बुवाई पद्धति को बढ़ावा दिया गया।

               सुपर सीडर से धान की बुवाई 

    कृषि विभाग के प्रयासों से प्रेरित होकर ग्राम लेंडेझरी के उन्नतशील कृषक श्री इशूलाल चौहान ने अपने 04 एकड़ खेत में आधुनिक पद्धति से धान की बुवाई की है। आज श्री चौहान के खेतों में 'सुपर सीडर मशीन' के माध्यम से धान के बीज बोए गए। इस नवाचारी पहल से न केवल जल की बचत होगी, बल्कि खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

           आत्मा परियोजना के तहत प्रदर्शन

     इस बुवाई कार्य में तकनीकी सहयोग और प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया गया। कृषक के कुल 4 एकड़ रकबे में से 2.5 एकड़ भूमि पर 'WRI प्रोजेक्ट' (Water Resources Investigation) के अंतर्गत 'आत्मा' (ATMA) विभाग द्वारा विशेष प्रदर्शन (डिमोंस्ट्रेशन) आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य क्षेत्र के अन्य किसानों को भी कम पानी और कम लागत में बेहतर पैदावार वाली आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना है।

          किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

     उपसंचालक कृषि, श्री फूलसिंह मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में धान की परंपरागत रोपाई के स्थान पर DSR पद्धति को अपनाकर किसान पानी की भारी बचत कर सकते हैं। यह पद्धति मिट्टी की सेहत सुधारने और 'धरती माता' को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में भी सहायक है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान इस तरह की मशीनीकृत और टिकाऊ खेती को अपनाएं ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।

     कृषि विभाग की इस मुहिम से लेंडेझरी के अन्य किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है और वे आने वाले समय में ऐसी ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट खेत बचाओ-धरती माता बचाओ' अभियान का असर, लेंडेझरी के किसान ने अपनाई DSR पद्धति जिले में कृषि विभाग द्वारा जल संरक्षण, खेती की लागत घटाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे 'खेत बचाओ-धरती माता बचाओ' अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। इसी क्रम में आज विकासखंड लालबर्रा के ग्राम लेंडेझरी में उन्नत तकनीक DSR (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी सीधी बुवाई पद्धति को बढ़ावा दिया गया। सुपर सीडर से धान की बुवाई कृषि विभाग के प्रयासों से प्रेरित होकर ग्राम लेंडेझरी के उन्नतशील कृषक श्री इशूलाल चौहान ने अपने 04 एकड़ खेत में आधुनिक पद्धति से धान की बुवाई की है। आज श्री चौहान के खेतों में 'सुपर सीडर मशीन' के माध्यम से धान के बीज बोए गए। इस नवाचारी पहल से न केवल जल की बचत होगी, बल्कि खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। आत्मा परियोजना के तहत प्रदर्शन इस बुवाई कार्य में तकनीकी सहयोग और प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया गया। कृषक के कुल 4 एकड़ रकबे में से 2.5 एकड़ भूमि पर 'WRI प्रोजेक्ट' (Water Resources Investigation) के अंतर्गत 'आत्मा' (ATMA) विभाग द्वारा विशेष प्रदर्शन (डिमोंस्ट्रेशन) आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य क्षेत्र के अन्य किसानों को भी कम पानी और कम लागत में बेहतर पैदावार वाली आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल उपसंचालक कृषि, श्री फूलसिंह मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में धान की परंपरागत रोपाई के स्थान पर DSR पद्धति को अपनाकर किसान पानी की भारी बचत कर सकते हैं। यह पद्धति मिट्टी की सेहत सुधारने और 'धरती माता' को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में भी सहायक है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान इस तरह की मशीनीकृत और टिकाऊ खेती को अपनाएं ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। कृषि विभाग की इस मुहिम से लेंडेझरी के अन्य किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है और वे आने वाले समय में ऐसी ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित हो रहे हैं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सांसद और विधायक ने बच्चों को दवा पिलाकर किया शुभारंभ 

    देश को पोलियो मुक्त रखने के संकल्प के साथ आज 28 जून को बालाघाट में 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला चिकित्सालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे और मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े ने संयुक्त रूप से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

        जिले में 1.77 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच

      स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत बालाघाट जिले में 0 से 5 वर्ष की आयु के कुल  01 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले भर में 894 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहाँ  3,584 टीकाकरण कर्मी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

      घर-घर दस्तक देगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

    अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसके बाद आगामी 29 और 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

     जनप्रतिनिधियों की अभिभावकों से अपील

   इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी और विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने जिले के सभी पालकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा, "दो बूंद जिंदगी की—हर बच्चे को, हर बार" के मंत्र को आत्मसात कर हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं।

     कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज महाजन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय तुरकर तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय मानेश्वर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#HealthForAll  #PolioMuktBharat

#बालाघाट राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सांसद और विधायक ने बच्चों को दवा पिलाकर किया शुभारंभ देश को पोलियो मुक्त रखने के संकल्प के साथ आज 28 जून को बालाघाट में 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला चिकित्सालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे और मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े ने संयुक्त रूप से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। जिले में 1.77 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत बालाघाट जिले में 0 से 5 वर्ष की आयु के कुल 01 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले भर में 894 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहाँ 3,584 टीकाकरण कर्मी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। घर-घर दस्तक देगी स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसके बाद आगामी 29 और 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जनप्रतिनिधियों की अभिभावकों से अपील इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी और विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने जिले के सभी पालकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा, "दो बूंद जिंदगी की—हर बच्चे को, हर बार" के मंत्र को आत्मसात कर हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज महाजन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय तुरकर तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय मानेश्वर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #HealthForAll #PolioMuktBharat

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

Kolkata के Park Circus Railway Station पर चला Suvendu सरकार का Bulldozer, हटाए गए अवैध अतिक्रमण!

Kolkata के Park Circus Railway Station पर चला Suvendu सरकार का Bulldozer, हटाए गए अवैध अतिक्रमण!

Balaghat, Balaghat | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण, 
बंदियों की समस्याएं सुनकर दी विधिक सहायता की जानकारी

       प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट श्री प्राणेष कुमार प्राण ने 27 जून को जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

      निरीक्षण के दौरान श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है तथा पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

     इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नीरज कुमार सोनी, श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम सहित जेल का स्टाफ उपस्थित रहा।

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा जेलों में आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा करना है।
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#jail_department

#बालाघाट प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनकर दी विधिक सहायता की जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट श्री प्राणेष कुमार प्राण ने 27 जून को जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है तथा पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नीरज कुमार सोनी, श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम सहित जेल का स्टाफ उपस्थित रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा जेलों में आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा करना है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #jail_department

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

बालाघाट: जिले में 09 और मरीजों के सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए, मरीजों की संख्या 26 हुई #कोरोना_पॉजिटिव - Balaghat News