*दस दिवसीय कहानी लेखन कार्यशाला का समापन, विद्यार्थियों की कहानियों पर हुई विस्तृत चर्चा*
आज दिनांक 21 सितंबर को राजकीय महाविद्यालय पनारसा के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित दस दिवसीय कहानी लेखन कार्यशाला का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
दस दिनों तक चली इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कहानी के तत्व, कथानक, पात्र-योजना और भाषा-शैली की बारीकियों को सीखा। आज समापन सत्र में विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई कहानियों के अंतिम प्रारूप (Final Draft) पर विस्तृत समीक्षा की गई।
इस दौरान *पलक, सानिया, शेर सिंह, दीपा, रीना, राखी, नीलम, उर्मिला, सीमा ठाकुर, स्नेहा राणा, करण, कनक और सिया* की कहानियों पर विशेष रूप से विस्तृत चर्चा की गई। सभी विद्यार्थियों की कहानियों में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और युवा दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं समीक्षक के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार *डॉ. दयानंद गौतम* ने सभी कहानियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक कहानी की खूबियों और सुधार के बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. गौतम ने कहा कि इन युवा लेखकों में अपार संभावनाएं हैं और निरंतर अभ्यास से ये भविष्य के सशक्त कहानीकार बन सकते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने कहानी लेखन की तकनीक और वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य पर भी अपना सारगर्भित वक्तव्य दिया।
Kullu, Kullu | Sep 21, 2026