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येलो अलर्ट के बाद रुद्रप्रयाग प्रशासन सतर्क, 110 सीसीटीवी कैमरों से संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी,, मौसम विभाग द्वारा जनपद में रूद्रप्रयाग येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। केदारनाथ धाम सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग कंट्रोल रूम के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग, केदारनाथ यात्रा मार्ग तथा अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनपद के संवेदनशील स्थानों पर स्थापित 110 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद भौगोलिक दृष्टि से आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में प्रशासन मौसम की हर गतिविधि पर सतर्क नजर बनाए हुए है तथा आम नागरिकों और यात्रियों से मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। #facebookreels #UttarakhandNews #kedarnath #rudraprayag #rain #weather #flood #viralvideochallenge #yatra #WeatherUpdate #chardhamyatratravel

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Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 3, 2026

28,000 KM/H की रफ्तार से पृथ्वी पर कैसे लौटता है स्पेसक्राफ्ट? 😱 | NASA का सबसे खतरनाक मिशन#Spacecraft #SpaceFacts #NASA #ScienceDocumentary #SpaceTechnology

28,000 KM/H की रफ्तार से पृथ्वी पर कैसे लौटता है स्पेसक्राफ्ट? 😱 | NASA का सबसे खतरनाक मिशन#Spacecraft #SpaceFacts #NASA #ScienceDocumentary #SpaceTechnology

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 3, 2026

डेंगू  को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क, पांच अस्पतालों में एलाइजा जांच एवं 16 डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था,,

जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग का स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। मानसून के दौरान डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। विभाग ने जनपदभर में सोर्स रिडक्शन अभियान प्रारंभ कर दिया है, जिसके तहत मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान करने तथा लोगों को जागरूक करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि डेंगू की समय पर पहचान एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग सहित सीएचसी अगस्त्यमुनि, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ सहित कुल पांच अस्पतालों में एलाइजा  जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आवश्यक दवाओं, जांच किटों और चिकित्सा उपकरणों से पर्याप्त रूप से सुसज्जित रखा गया है, 

उन्होंने बताया कि डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए जनपद में 16 डेडिकेटेड बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा चिकित्सा कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। 

डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि वर्तमान समय तक जनपद में डेंगू का एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टायर, गमलों एवं अन्य पात्रों की नियमित सफाई करें तथा पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क, पांच अस्पतालों में एलाइजा जांच एवं 16 डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था,, जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग का स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। मानसून के दौरान डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। विभाग ने जनपदभर में सोर्स रिडक्शन अभियान प्रारंभ कर दिया है, जिसके तहत मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान करने तथा लोगों को जागरूक करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि डेंगू की समय पर पहचान एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग सहित सीएचसी अगस्त्यमुनि, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ सहित कुल पांच अस्पतालों में एलाइजा जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आवश्यक दवाओं, जांच किटों और चिकित्सा उपकरणों से पर्याप्त रूप से सुसज्जित रखा गया है, उन्होंने बताया कि डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए जनपद में 16 डेडिकेटेड बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा चिकित्सा कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि वर्तमान समय तक जनपद में डेंगू का एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टायर, गमलों एवं अन्य पात्रों की नियमित सफाई करें तथा पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 3, 2026

मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा, 

ट्रॉली तक पहुंचने से पहले नदी में गिरा श्रद्धालु!! पुल बहने के बाद ट्रॉली से हो रही आवाजाही, मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर से पहुंचाया अस्पताल!!

द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सोमवार को गौण्डार-बनतोली क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। मोरखंडा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल बह जाने के बाद ट्रॉली के माध्यम से नदी पार कर रहे एक श्रद्धालु ट्रॉली में बैठने से पहले ही असंतुलित होकर नदी में गिर गया। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल साहस दिखाते हुए उसका रेस्क्यू किया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जबकि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर के सहारे दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर उसे अस्पताल पहुंचाया।

घटना के बाद प्रशासन ने घायल को हेली रेस्क्यू के माध्यम से हायर सेंटर भेजने की तैयारी की थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस की एसडीआरएफ टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए घायल को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ऊखीमठ भेजा गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बनतोली क्षेत्र में ट्रॉली से युवक के गिरकर घायल होने की सूचना मिलते ही अगस्त्यमुनि पोस्ट से एसडीआरएफ टीम को तत्काल रवाना किया गया। अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को प्राथमिक उपचार दिया। युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण चलने में असमर्थ था, इसलिए एसडीआरएफ के जवानों ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।

घायल युवक की पहचान अंजुल कुमार (23) पुत्र ओमपाल सिंह, निवासी जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष अंथवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि मोरखंडा नदी पर अस्थायी पुल बह जाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रॉली के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में श्रद्धालुओं की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

इस घटना के बाद मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सुरक्षा प्रबंधों और वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा, ट्रॉली तक पहुंचने से पहले नदी में गिरा श्रद्धालु!! पुल बहने के बाद ट्रॉली से हो रही आवाजाही, मौसम खराब होने से नहीं पहुंच सका हेलीकॉप्टर, एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर से पहुंचाया अस्पताल!! द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सोमवार को गौण्डार-बनतोली क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। मोरखंडा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल बह जाने के बाद ट्रॉली के माध्यम से नदी पार कर रहे एक श्रद्धालु ट्रॉली में बैठने से पहले ही असंतुलित होकर नदी में गिर गया। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल साहस दिखाते हुए उसका रेस्क्यू किया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जबकि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में एसडीआरएफ ने स्ट्रेचर के सहारे दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर उसे अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद प्रशासन ने घायल को हेली रेस्क्यू के माध्यम से हायर सेंटर भेजने की तैयारी की थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस की एसडीआरएफ टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए घायल को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ऊखीमठ भेजा गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बनतोली क्षेत्र में ट्रॉली से युवक के गिरकर घायल होने की सूचना मिलते ही अगस्त्यमुनि पोस्ट से एसडीआरएफ टीम को तत्काल रवाना किया गया। अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को प्राथमिक उपचार दिया। युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण चलने में असमर्थ था, इसलिए एसडीआरएफ के जवानों ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से दुर्गम पैदल मार्ग से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। घायल युवक की पहचान अंजुल कुमार (23) पुत्र ओमपाल सिंह, निवासी जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष अंथवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि मोरखंडा नदी पर अस्थायी पुल बह जाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रॉली के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में श्रद्धालुओं की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इस घटना के बाद मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सुरक्षा प्रबंधों और वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 3, 2026

मद्महेश्वर यात्रा पड़ाव बना खतरनाक!!

मद्महेश्वर यात्रा पड़ाव बना खतरनाक!!

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 3, 2026