जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में गोवंश संरक्षण के सम्बनध में बैठक आयोजित की गयी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी गोशालाओं में वर्षा ऋतु के दृष्टिगत कीचड़ / जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाये, इसके लिए पूर्व तैयारियां करा ली जायें तथा दिनांक-23.07.2026 के पूर्व प्रत्येक दशा में समस्त गोवंशों का संरक्षण कराते हुए गोशालाएं नियमानुसार संचालित कराना सुनिश्चित करेंगे, दिनांक-24.07. 2026 तथा 25.07.2026 को समस्त नोडल अधिकारियों द्वारा समस्त गोशालाओं का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर आख्या मुख्य पशुचिकित्साधिकारी चित्रकूट को प्रेषित की जायेगी
पायी गयी कमियों को मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी से समन्वय बनाकर सुधार करायेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी गोवंश खेतों अथवा सड़कों पर दिखायी नहीं पड़ने चाहिए शिकायत मिलने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। गोशालाओं में एकत्रित गोबर की खाद की बिक्री कर नियमानुसार प्राप्त धनराशि को गोशाला के खाते में जमा करायी जाये।
किसी भी गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर गोशाला में ही दफनाया जाये। समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि कन्ट्रोल रूम से प्रत्येक गोआश्रय स्थल के कैमरे कनेक्ट होने चाहिए, प्रत्येक गोआश्रय स्थल की कड़ी निगरानी की जाये तथा कमी होने पर सम्बन्धित को नोटिस देते हुए व्यवस्थाएं सुदृढ़ करायी जायें।