बार-बार बेइज्जती होती है,फिर भी जनाब का “ट्रॉफी डिलीवरी मिशन” बंद होने का नाम नहीं ले रहा....! 😂
कल महिला एशिया कप के फाइनल के बाद ट्रॉफी देने की बारी आई। मंच पर मोहसिन नकवी को देखकर स्मृति मंधाना ट्रॉफी लिए बिना ही वापस लौट गईं.....! 😅
अब सवाल ये है—जब पहले से पता है कि भारतीय कप्तान आपके हाथ से ट्रॉफी नहीं लेंगी, तो फिर स्टेज पर ट्रॉफी लेकर खड़े होने की जिद क्यों.....?
लगता है मोहसिन नकवी ने ठान लिया है,बेइज्जती हो या ना हो, ट्रॉफी लेकर स्टेज पर तो जाना ही है......!
भाई साहब, क्रिकेट में हार-जीत तो चलती रहती है,लेकिन ये ट्रॉफी वाला सीन तो हर बार अलग ही लेवल का ड्रामा बन जाता है..!