देहरादून में उत्तराखंड लोक कलाकार संगठनों की विभिन्न मागो को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक कूच
कलाकार एकता जिंदाबाद संस्कृति विभाग होश में आओ कलाकारों का शोषण बंद करो “
उत्तराखंडी कला संस्कृति से जुड़े कलाकारों द्वारा अपनी मांगो को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन उतरे सड़को पर....
देहरादून के गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास तक कूच
कलाकार एकता जिंदाबाद।जबतक मांगे नहीं मानी गई संघर्ष जारी रखेगा.......
राज्य सरकार एव संस्कृति विभाग से अपनी मांगों को लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लोक कलाकार सड़कों पर उतरे। जहां उन्होंने देहरादून के गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास तक किया कूच लेकिन उनको पहले ही रोक दिया गया।
लोक कलाकारों ने संस्कृति निदेशालय पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणा को गंभीरता से सही तरह से लागू नहीं किया जा रहा है।उनकी मांगे थी कि कलाकारों को पूर्व की भांति संस्कृति विभाग द्वारा कार्यक्रम आवंटित किए जाएं, बिल भुगतान, मानदेय में वृद्धि, कलाकारों की पेंशन, कलाकार कल्याण कोष से सहायता, जिलाधिकारी द्वारा कार्यक्रम आवंटन में रोस्टर प्रणाली की बाध्यता को समाप्त करना, कलाकारों के ईडी कार्ड बनाना,यात्रा भत्ता में कटौती न करना आदि प्रमुखता से रखी गई।
अंत में उन्होंने कहा कि पहाड़ का कलाकार अपनी जीविका को सम्मान पूर्वक जी सके और उनको भी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए जो एक कलाकारों के मान सम्मान के लिए होती है क्योंकि सरकार व उनकी योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम ओर अपने राज्य की संस्कृति के प्रचार प्रसार ओर बोली भाषा को जीवंत रखने का प्रमुख माध्यम भी कलाकार हो होता है।इसलिए हमारी मांगो को माना जाए ओर हमें सम्मान पूर्वक जीने दिया जाए।भारी संख्या में कला,संस्कृति,रंगमंच ओर सामाजिक कलाकार इस धरना प्रदर्शन में एकजुट हुए ओर अपनी एकता का परिचय दिया।
उम्मीद करते है कि कलाकारों की पीड़ा को सरकार समझेगी ओर उनकी मांगो पर जल्द विचार विमर्श करते हुए संज्ञान में लेकर कार्रवाई करते हुए उन्हें बड़ी राहत देने का कार्य करेगी।