पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा का मिला प्रशिक्षण, सीआईएस एवं ई-कोर्ट सेवाओं की दी गई व्यवहारिक जानकारी
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में शनिवार को एडीआर भवन के सभागार में पैरालीगल वालेंटियर्स के दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से सीआईएस (कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था, ई-कोर्ट सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें आमजन तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तेजी से डिजिटल स्वरूप ग्रहण कर रही है। ऐसे समय में पैरालीगल वालेंटियर्स की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वालेंटियर्स डिजिटल न्यायिक सेवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तो न्याय को अधिक सुलभ, सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी वालेंटियर्स से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने डिजिटल जस्टिस में पैरालीगल वालेंटियर्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना वालेंटियर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक बन रही है, जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला न्यायालय विदिशा के सिस्टम ऑफिसर श्री राजीव चतुर्वेदी एवं सिस्टम असिस्टेंट श्री ठाकुर दयालसिंह ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-कोर्ट मोबाइल एप एवं सिटीजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को केस स्टेटस देखने, कॉज लिस्ट प्राप्त करने तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस प्रदर्शन से पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल माध्यम से न्यायिक जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को इन सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में साइबर सेल विदिशा के आरक्षक श्री रूपेश कुमार एवं श्री शिवप्रताप सिंह ने साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी एवं वीपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, सुरक्षित पासवर्ड बनाने के तरीके, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डेटा प्राइवेसी तथा डिजिटल सतर्कता के महत्वपूर्ण पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स ने डिजिटल न्याय व्यवस्था एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा लोगों को डिजिटल न्यायिक सेवाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। #vidisha
Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026