जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर; वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम द्वारा आज सायंकाल संयुक्त रूप से छठ घाटों का निरीक्षण किया गया तथा तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने माननीय महापौर एवं पूजा आयोजन समिति के प्रतिनिधियों सहित आम जनता से भी संवाद स्थापित किया तथा उनका सुझाव लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज शहरी क्षेत्रों में अवस्थित सीढ़ी घाट, अख़ाराघाट, लकड़ीढाई घाट सहित बूढ़ी गंडक नदी के किनारे स्थित अन्य घाटों के साथ-साथ विभिन्न पोखर घाटों यथा साहू पोखर घाट, तीन पोखरिया घाट आदि का निरीक्षण किया गया। नगर निगम द्वारा तेजी से घाटों की तैयारी कराई जा रही है। छठ घाटों की सीढ़ियों का रंग-रोगन सहित घाटों को स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक बनाने तथा छठव्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर एवं व्यवस्थित सुविधाएँ सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुल निर्माण के कारण अखाड़ाघाट ख़तरनाक है। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहाँ छठ पूजा करने पर प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों को सलाह दी जाती है कि वे आस पास के उपयुक्त घाटों पर छठ पूजा करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः दुर्घटना-रहित (इंसिडेंट-फ्री) एवं हर तरह से प्रशासनिक सुविधा-युक्त छठ महापर्व के आयोजन हेतु सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप घाटों की त्रुटिहीन तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, भवन निर्माण, पथ निर्माण, पुल निर्माण, अग्निशमन सहित सभी संबंधित विभागों के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं कुशलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि छठ के अवसर पर गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, लखनदेई एवं अन्य नदियों तथा पोखर, नहर, बड़े तालाबों आदि के पास काफी संख्या में श्रद्धालु एवं छठव्रती इकट्ठा होते हैं। इस अवसर पर छठ पूजा स्थलों पर विशेष प्रशासनिक सतर्कता बरती जाए।
विदित हो कि इस वर्ष छठ महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा। 13 नवंबर को नहाय-खाय से पर्व का अनुष्ठान होगा। 14 नवंबर को खरना; 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य एवं 16 नवंबर को प्रातः अर्घ्य का आयोजन होगा।
ज़िलाधिकारी ने कहा है कि छठ का त्योहार लोक आस्था का महापर्व है। बाहर रहने वाले बिहार के निवासी भी बड़ी संख्या में अपने घर आते हैं। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सक्रिय एवं प्रतिबद्ध है। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को हर प्रशासनिक सुविधा सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन का दायित्व है। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुरक्षा तथा सुविधा के लिए सभी पदाधिकारी प्रभावी कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ मुस्तैद रहेंगे। छठ महापर्व के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहेंगे।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों को छठ महापर्व के अवसर पर सम्यक तैयारी हेतु घाटों का निरीक्षण, खतरनाक घाटों की पहचान एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। छठ घाटों की तैयारी, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, घाटों पर आवश्यकता के अनुसार नियंत्रण कक्ष एवं वाच टावर की स्थापना, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन, शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण सहित विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक निदेश दिया गया है। *खतरनाक तथा अनुपयुक्त घाटों की सूची* नागरिक प्रक्षेत्र (पब्लिक डोमेन) में जारी करने के लिए निर्देशित किया गया है।
ज़िलाधिकारी ने कहा है कि *वे नियमित तौर पर वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ घाटों एवं क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे तथा तैयारियों का अनुश्रवण* करेंगे।
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*ज़िलाधिकारी ने कहा कि छठ महापर्व का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित करने के के लिए विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों सहित सभी स्टेकहोल्डर को टीम भावना एवं आपस में समन्वय स्थापित कर काम करना होगा।
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ज़िलाधिकारी ने कहा कि *छठ महापर्व के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता* है। इसके लिए दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सिविल डिफेंस के कर्मी भी समुचित ड्रेस में मुस्तैद रहेंगे।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध रहेगी। जरूरत के अनुसार शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, चेंजिंग रूम, शेड, वाहन पार्किंग की सुविधा इत्यादि रहेगी। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से घाटों की *डबल बैरिकेडिंग* की जाएगी। घाटों पर जाने के लिए सम्पर्क पथ की अच्छी स्थिति सुनिश्चित की जाएगी। वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया जाएगा।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर सफाई की उतम सुविधा रहेगी। सफाई निरीक्षक के नेतृत्व में घाटवार टीम की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उत्कृष्ट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पार्किंग स्थल पर बैरिकेडिंग/ड्रॉप गेट की व्यवस्था रहेगी। विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को घाटों के आस-पास एवं सम्पर्क पथ में अवस्थित विद्युत तारों को व्यवस्थित करने का निदेश दिया गया है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि महापर्व के दौरान सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर निगरानी रखी जाएगी तथा अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर साईनेज लगा रहेगा। विद्युत विभाग द्वारा घाटों पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आपदा प्रबंधन कोषांग द्वारा *एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ* की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
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