#Balrampur ! नौ साल से बंद सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण परेशान; जिम्मेदार बेपरवाह...
शिकायतों और खबरों का भी नहीं हुआ असर, मरम्मत व रंगरोगन के बाद फिर जड़ दिया ताला...
#बलरामपुर। #तुलसीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पूरेछीटन में सरकारी योजनाओं की हकीकत जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। गांव में लाखों रुपये की लागत से बना सामुदायिक शौचालय पिछले करीब नौ वर्षों से बंद पड़ा है। नतीजा यह है कि ग्रामीणों को सरकारी सुविधा का लाभ मिलने के बजाय आज भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए इस सामुदायिक शौचालय का संचालन निर्माण के बाद से ही नियमित रूप से नहीं हो सका। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं और समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी।
हैरानी की बात यह है कि शिकायतों और खबरों के बाद अधिकारियों की सक्रियता दिखाने के लिए शौचालय की मरम्मत और रंगरोगन तो करा दिया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद फिर से उस पर ताला लटक गया। ऐसे में सरकारी धन खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शौचालय का संचालन ही नहीं होना था तो निर्माण पर सरकारी धन खर्च करने का क्या औचित्य है? बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान न होना संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने और सामुदायिक शौचालय को तत्काल नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की है।
सवाल यह है कि नौ वर्षों से बंद पड़े इस सामुदायिक शौचालय की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या ग्रामीणों को इस सरकारी सुविधा का लाभ दिलाने के लिए किसी बड़ी कार्रवाई का इंतजार करना पड़ेगा?