*बिहार विधान परिषद निर्वाचन में संलग्न अधिकारियों के लिए प्रमंडल-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला* का आयोजन किया गया; चारों जिलों के लगभग 600 अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा: *मतदान केंद्रों पर किए जाने वाली हर प्रक्रिया आयोग के निर्देशानुसार विधिवत, स्वच्छ तथा पारदर्शी हो; आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन सहित आयोग के सभी दिशा-निर्देशो एवं प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य*
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स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण माहौल में चुनाव सम्पन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता; संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध: प्रमंडलीय आयुक्त
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बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 के तहत 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए आज प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्वाचन में संलग्न अधिकारियों के लिए वृहद प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिला के पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एवी हॉल, एमआईटी, मुजफ्फरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में चारों जिलों के लगभग 600 अधिकारियों को उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों की जानकारी तथा मतदान प्रक्रिया की बारीकियों के बारे में बताते हुए निर्वाची पदाधिकारी, तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि 23 अक्टूबर को 8 बजे पूर्वाह्न से 4 बजे अपराह्न तक मतदान होना निर्धारित है। मतदान एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के तहत अधिमान क्रम में होगा तथा ईवीएम के स्थान पर मतपेटी एवं मतपत्र का उपयोग किया जाएगा। विधान परिषद के 04-तिरहुत स्नातक / शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 से संबंधित मतपत्र पर “इनमें से कोई नहीं” (NOTA) का मुद्रण नहीं किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि मतदान केंद्रों पर किए जाने वाली हर प्रक्रिया आयोग के निर्देशानुसार विधिवत, स्वच्छ तथा पारदर्शी हो। यह सुनिश्चित करें। आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन, विधि व्यवस्था संधारण सहित आयोग के सभी दिशा-निर्देशो एवं प्रावधानों का सम्यक अनुपालन अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी स्तर पर कोई भी दिशा-निर्देश, निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का उल्लंघन न हो यह सुनिश्चित करें।
दो चरणों में आयोजित इस कार्यक्रम में पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान अधिकारियों को पोलिंग पार्टी का डिस्पैच, सामग्री प्राप्ति एवं मिलान, मतदान स्थल की मॉडल ले आउट के अनुसार व्यवस्था, मतदान प्रारंभ से पूर्व का कार्य, मतदान का प्रारंभ, मतदान प्रक्रिया, की समाप्ति के समय प्रक्रिया, दस्तावेजों की सीलिंग एवं प्रेषण, कलेक्शन सेंटर पर जमा करना, आपातकालीन स्थितियों एवं अपराध संबंधी प्रावधान सहित मतदान के सभी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। निर्वाची पदाधिकारी, तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के मार्ग-दर्शन में मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रथम सत्र में मुजफ्फरपुर एवं शिवहर तथा द्वितीय सत्र में सीतामढ़ी एवं वैशाली जिला के पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। आयुक्त के सचिव, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर-सह-सहायक निर्वाची पदाधिकारी श्री संदीप शेखर प्रियदर्शी एवं उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री सत्यप्रिय कुमार द्वारा आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न प्रावधानों एवं विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। अवर निर्वाचन पदाधिकारियों श्री राजू कुमार एवं सृष्टि प्रिया के साथ मास्टर ट्रेनर श्री राजेश शर्मा एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया के बारे में विधिवत जानकारी दी।
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सभी पीठासीन पदाधिकारियों तथा प्रथम मतदान अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया के बारे में निम्नलिखित जानकारी विस्तार से दी गई:
पोलिंग पार्टी का डिस्पैच: दिनांक - 22.10.2026, स्थान - सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली का निर्धारित केंद्र।
मतदान स्थल की व्यवस्था: मतदान स्थल पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण करें, मॉडल ले आउट के अनुसार व्यवस्था करें और सुनिश्चित करें कि :-
मतदाताओं के लिए बाहर पर्याप्त प्रतीक्षा स्थान हो,
पुरुष एवं महिलाओं के लिए यथासंभव अलग-अलग प्रतीक्षा स्थान हो,
अलग-अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था हो,
मतदाताओं का प्रवाह सरल हो, क्रिस-क्रॉस ना हो,
मतदाता एजेंट इस प्रकार बैठें कि वे मतदाता का चेहरा पहचान के समय देखें, परन्तु मतपत्र पर वरीयता अंकित करते समय ना देख सके,
मतदान अधिकारी भी मतदाता द्वारा मतपत्र चिन्हित करते समय ना देख सकें,
मतदान कक्ष के अन्दर पर्याप्त रौशनी हो।
मतदान आरम्भ से पूर्व की औपचारिकताएं:
(१) बैलट बॉक्स की तैयारी -
मतदान आरम्भ से 10-15 मिनट पहले बॉक्स तैयार करें,
- एजेंटों को खाली बॉक्स दिखाएं
- पेपर सील फ्रेम में लगायें ताकि हरी पृष्ठभूमि खिड़की से दिखे
- एजेंटों एवं स्वयं के हस्ताक्षर पेपर सील पर लें
(२) गोपनीयता की घोषणा -
- मतदान आरम्भ होने से पहले लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 के प्रावधान पढ़कर सुनाएं
- मतदान प्रारंभ होने की घोषणा जोर से पढ़ें और हस्ताक्षर करें एवं एजेंटों के हस्ताक्षर लें
- मतदान समाप्ति पर मतदान समाप्ति से संबंधित घोषणा करें।
पीठासीन पदाधिकारी के दायित्व एवं कर्तव्य:
1. मतदान दिवस से एक दिन पहले सामग्री एवं व्यवस्था की जाँच
2. मतदान केंद्र के बाहर नोटिस लगाना - मतदान क्षेत्र, अभ्यर्थियों की सूची, मतदान विधि सम्बन्धी निर्देश
3. मतदान एजेंटों के नियुक्ति पत्र (फॉर्म 10) प्राप्त करना एवं जांचना
4. बैलट बॉक्स के अन्दर निर्वाचन क्षेत्र, मतदान केंद्र एवं चुनाव की तिथि संबंधित प्रविष्टियों से संबंधित एड्रेस टैग लगाना
5. चिह्नित मतदाता सूची में कोई अनावश्यक चिन्ह ना हो, यह प्रदर्शन करना
6. निर्धारित समय पर मतदान प्रारम्भ करना (मतदान आरम्भ होने से पहले लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 के तहत मतदान की गोपनीयता से सम्बन्धित घोषणा),
मतदाता पहचान पर शंका होने पर जाँच करना (Challenged Vote),
चुनौतियों का निर्णय करना एवं डायरी में नोट करना,
13. निविदत्त मतपत्र अलग रखना
14. अनपढ़/ नेत्रहीन/ अशक्त मतदाता के साथी की अनुमति देना
15. रद्द मतपत्रों का रिकॉर्ड रखना
16. आपात स्थिति में मतदान स्थगित करना या नई मतदान की रिपोर्ट करना
17. अपराध होने पर पुलिस को रिपोर्ट करना
18. निर्धारित समय पर मतदान बंद करना (कतार में खड़े मतदाताओं को छोड़कर)
19. बैलट बॉक्स बंद एवं सुरक्षित करना
20. मतपत्र लेखा (फॉर्म 16) एवं डायरी तैयार करना
21. पैकेट सील करना एवं रिटर्निंग अधिकारी को सौंपना
22. मतदान एजेंटों को मतपत्र लेखा की प्रमाणित प्रति देना
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन का हर चरण महत्वपूर्ण होता है। आप सभी अपने-अपने कार्यों को भली-भांति समझ लें तथा अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का समुचित निर्वहन करें।
निर्वाचन की बारीकियों के बारे में बताते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक द्वि-वार्षिक निर्वाचन के लिए दिनांक 22.09.2026 को प्रेस नोट जारी होते ही निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है जो निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक लागू रहेगी। *आदर्श आचार संहिता समान रूप से राजनैतिक दलों, प्रत्याशियों, सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर लागू होता है*। सभी हितधारक इसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि आयोग द्वारा निर्गत निदेशों/अनुदेशों/परिपत्रों के संदर्भ में आदर्श आचार संहिता का अनुपालन अनिवार्य है। हर हितधारक निदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि 27 अक्टूबर को एमआईटी के प्रशासनिक भवन में मतगणना होना है। यहाँ चारों जिला- मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर एवं वैशाली- का पोल्ड बैलट बॉक्स स्ट्रॉंग रूम भी रहेगा।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन कार्य में संलग्न हर एक पदाधिकारी एवं कर्मी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है। यह सभी स्टेकहोल्डर को भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का त्रुटिरहित, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने के योग्य बनाता है। इसी उद्देश्य से सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पूर्व अभ्यर्थियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। आशा है आप सभी प्रशिक्षण से लाभ प्राप्त कर अपने-अपने दायित्वों का पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करते हुए आयोग के निदेशों के अनुसार निर्वहन करेंगे।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के सुचारू रूप से संचालन हेतु प्रमंडल स्तर पर 11 कोषांग क्रियाशील है। आदर्श आचार संहिता कोषांग, विधि व्यवस्था कोषांग, कार्मिक कोषांग, सामग्री कोषांग, मतपत्र कोषांग, सम्पर्क केन्द्र/हेल्प लाईन/नियंत्रण कक्ष/शिकायत एवं समाधान अनुश्रवण कोषांग, मीडिया कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, प्रेक्षक प्रोटोकॉल कोषांग, वाहन कोषांग एवं अन्य कोषांग क्रियाशील है। जिलों में भी निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न कोषांग सक्रिय है। प्रमंडल स्तरीय पदाधिकारियों को सभी जिलों से सतत समन्वय स्थापित कर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी को कोई जानकारी चाहिए या कोई समस्या हो तो वे प्रमंडल स्तरीय पदाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के साथ कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी को अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाये रखनी है। उन्हें सिर्फ पारदर्शी रहना ही नहीं बल्कि पारदर्शी दिखना भी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारी एवं कर्मी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण एवं अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं। *सभी अधिकारी आयोग के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित* कर रहे हैं।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि *आचार संहिता उल्लंघन या चुनाव संबंधी शिकायत दर्ज कराने हेतु नियंत्रण कक्ष* की स्थापना की गई है। सभी ज़िलों में भी शिकायत अनुश्रवण कोषांग की स्थापना की गयी है। तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के निमित्त सभी जिले (यथा-सीतामढ़ी/शिवहर/मुजफ्फरपुर/वैशाली) से संबंधित किसी प्रकार की आसूचना, शिकायत, निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी हेतु प्रमंडल स्तर पर शिकायत अनुश्रवण एवं निवारण केन्द्र का गठन किया गया है जिसकी दूरभाष संख्या-0621-2213962 हैं। संबंधित व्यक्ति इस निमित सभी संबंधित 04(चार) जिलों में स्थापित वोटर हेल्पलाइन-जिला संपर्क केन्द्रों के टॉल-फ्री नम्बर 1950 पर भी काॅल कर *किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्ति, आसूचना का प्रेषण अथवा परिवाद आदि दर्ज करा सकते हैं।
Chief Electoral Officer, Bihar
Election Commission of India