केरसई में कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र प्रारंभ
सिमडेगा:केरसई प्रखण्ड में आश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर आज सुबह शुभ मुहूर्त पर कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र पर भगवती आराधना शुरू हो गई। नवरात्र का पावन अनुष्ठान शुरू होते हीं चारों ओर भक्ति की बयार बहने लगी है। वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण गुंजायमान हो रहा है। आज सुबह शुभ मुहूर्त पर नवरात्र के पहले दिन पंडालों, मंडप एवं घरों में विधिवत कलश स्थापित कर मां को आह्वान करते हुए पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के प्रथम दिन भगवती के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की गई। उनसे परिवार,समाज एवं देश के कल्याण की कामना की गई। आचार्यों ने पूजा-अर्चना कराने के बाद चंडी पाठ करते रहे संस्कृत में मंत्रों के उच्चारण से पूरे जिले में भक्ति-भावना का संचार हो रहा है। केरसई के इंदिरा चौक, रूसु, ठेसुटोली टैंसेर आदि शक्ति स्थलों में आचार्यों ने पूजा-अर्चना कराई। इसके साथ ही केरसई दुर्गा मंडप समेत अन्य स्थानों में भी कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की गई। पूजन के दौरान आचार्यों ने बताया कि इस बार भगवती का आगमन हाथी पर हुआ है। जो सुखशांति समृद्धि का परिचायक है। वहीं इस बार माता का गमन भी हाथी पर होगा। जो अति वृष्टि का परिचायक है। जो काफी सुखद फलदायक है।