सफलता की कहानी: विदिशा में तेंदूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल
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14 करोड़ से अधिक का हुआ भुगतान, 10 लाख से अधिक का बोनस वितरित
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विदिशा। जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, विदिशा के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े स्थानीय संग्राहकों के लिए एक बहुत ही शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। सुदृढ़ प्रशासनिक प्रबंधन और जमीनी स्तर पर किए जा रहे ठोस प्रयासों के चलते विदिशा जिले के हजारों तेंदूपत्ता संग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ और सुरक्षा मिल रही है। हाल ही में सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले के 29 हजार से अधिक संग्राहकों को सीधा रोजगार और आर्थिक संबल मिला है, जिससे ग्रामीण अंचल में खुशी का माहौल है।
▪️ वर्ष 2026: संग्रहण और भुगतान का संपूर्ण परिदृश्य -
जिले में कुल 13 प्राथमिक वनोपज समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2026 के दौरान इस क्षेत्र की प्रगति बेहद सकारात्मक रही है। जिला यूनियन के अंतर्गत कुल 29,293 तेंदूपत्ता संग्राहक पंजीकृत होकर लगातार लाभान्वित हो रहे हैं। इस वर्ष संग्रहण के लिए 37,130 मानक बोरा का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध उत्साहजनक प्रदर्शन करते हुए 35,205 मानक बोरा का वास्तविक संग्रहण किया गया। संग्राहकों की कड़ी मेहनत का पूरा फल देते हुए उन्हें कुल 14.09 करोड़ की बंपर भुगतान राशि वितरित की गई है। फड़ और बिक्री की स्थिति पर नजर डालें, तो वर्ष 2026 में कुल 12 समितियां विक्रित तथा मात्र 1 समिति अविक्रित स्थिति में दर्ज की गई है।
▪️ बोनस की राशि बनी बड़ी राहत, खातों में पहुँची प्रोत्साहन राशि -
तेंदूपत्ता संग्राहकों के कठिन परिश्रम और समर्पण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संघ मुख्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2024 के लिए स्वीकृत बोनस (प्रोत्साहन राशि) के वितरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यह पूरी बोनस राशि सीधे पात्र संग्राहकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे उन्हें वित्तीय रूप से बड़ी मजबूती मिल रही है।
इस चरण में कुल स्वीकृत बोनस राशि 10,46,738.27 (लगभग 10.47 लाख) है, जिससे कुल 15,809 संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। इस बोनस के दायरे में कुल 15,899.605 मानक बोरा संग्रहण मात्रा शामिल रही है। जिले की प्रमुख बोनस प्राप्तकर्ता समितियों में लटेरी समिति सबसे आगे रही, जहाँ के 6,185 संग्राहकों को सबसे अधिक ₹6,03,102.98 का बोनस स्वीकृत हुआ। इसके अलावा पुरा समिति में 1,912 संग्राहकों को ₹1,95,064.58, हैदरगढ़ समिति में 2,352 संग्राहकों को ₹1,17,283.85, ग्यारसपुर समिति में 2,868 संग्राहकों को ₹68,370.12 और मुरवास समिति में 2,492 संग्राहकों के लिए ₹62,916.74 की बोनस राशि स्वीकृत की गई है।
▪️ शमशाबाद और वर्धा समिति का उत्कृष्ट प्रदर्शन -
जिले की अन्य प्रमुख इकाइयों में शामिल शमशाबाद और वर्धा समितियों का कार्य भी बेहद सराहनीय रहा है। शमशाबाद समिति में 22 फड़ों के माध्यम से 2,540 मानक बोरा के लक्ष्य के विरुद्ध 2,631 मानक बोरा का शानदार संग्रहण किया गया, जिसके अंतर्गत यहाँ के 1,950 संग्राहकों को ₹1,05,24,000 की बड़ी भुगतान राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार, वर्धा समिति (22 फड़) ने 2,180 मानक बोरा के लक्ष्य के मुकाबले 2,204 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया, जिससे जुड़े 2,594 संग्राहकों को ₹88,16,000 का भुगतान प्राप्त हुआ जिला वनोपज सहकारी समिति, विदिशा के मजबूत प्रबंधन और सभी 13 समितियों के सामूहिक सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिल रही है। समय पर मिलने वाला भुगतान और सीधे खातों में पहुँच रही बोनस की यह राशि स्थानीय संग्राहकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। #vidisha #JansamparkMP