बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की अमर गाथा और शौर्य की प्रतीक ऐतिहासिक धरोहर लोहगढ़ के विकास कार्यों का पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किया औचक निरीक्षण
विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं सभी कार्य- कंवरपाल गुर्जर
व्यासपुर/यमुनानगर, 4 नवम्बर- (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो; लोहगढ़ साहिब की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए लोहगढ़ साहिब ट्रस्ट वर्किंग कमेटी के चेयरमैन एवं हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने लोहगढ़ साहिब में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से विकास कार्यों की स्थिति और निर्धारित समय सीमा को लेकर जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोहगढ़ साहिब केवल एक ऐतिहासिक स्थल ही नहीं, बल्कि महान सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के अदम्य साहस, शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की गौरवशाली गाथा का प्रतीक है। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने अपने पराक्रम और संघर्ष से इतिहास में अमिट स्थान बनाया। उनके जीवन और योगदान से आने वाली पीढिय़ों को सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा की वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की पावन स्मृति और उनके ऐतिहासिक योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लोहगढ़ साहिब के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखने के साथ-साथ इसे आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित करना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा सरकार का प्रयास है कि यह पावन ऐतिहासिक स्थल आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा, गौरव और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बने।
पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि लोहगढ़ साहिब का समग्र विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे गौरवशाली इतिहास, धार्मिक आस्था और महापुरुषों के प्रति सम्मान को सहेजने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।