दुर्गम टुंडरू में पहुंची आयुष विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट, 89 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच
घर-द्वार के नजदीक स्वास्थ्य सुविधा मिलने से ग्रामीणों में खुशी, आयुर्वेदिक उपचार और योग के प्रति किया जागरूक
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो पांगी,
जनजातीय क्षेत्र पांगी के दुर्गम गांव टुंडरू, ग्राम पंचायत हुड़ान में आयुष विभाग चंबा की मोबाइल मेडिकल यूनिट ने ग्रामीणों को घर-द्वार के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाकर सराहनीय पहल की है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विभागीय टीम ने गांव में एकदिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर कुल 89 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिता शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों के रक्तचाप की जांच करने के साथ 39 लोगों के शुगर टेस्ट और 17 लोगों के हीमोग्लोबिन टेस्ट किए। जांच के दौरान लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आयुर्वेदिक दवाइयां नि:शुल्क वितरित की गईं।
मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम ने ग्रामीणों को संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया। इस दौरान लोगों को योग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी देने के साथ विभिन्न योगासन भी करवाए गए। इसके अतिरिक्त आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित आईईसी सामग्री वितरित कर ग्रामीणों को विभिन्न रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिता शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग का मुख्य उद्देश्य जिले के दुर्गम, जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच, उपचार, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग “स्वास्थ्य सेवाएं घर-द्वार” की भावना को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
शिविर में डॉ. राजिंदर ठाकुर, आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी दलीप जरयाल तथा देविंदरा कुमारी ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर के सफल आयोजन में उपमंडलीय पांगी आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजना ठाकुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड हिमाचल प्रदेश के नोडल ऑफिसर डॉ. अनुज कौशल ने किसानों को बोर्ड की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप औषधीय पौधों का चयन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर किसान अपनी आय में वृद्धि करने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सकते हैं।
आयुष विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा जिले के दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की यह पहल ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।