बाल श्रम के विरुद्ध अभियान में एक बाल श्रमिक मुक्त
जहानाबाद। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के निर्देशानुसार जिले में बाल एवं किशोर श्रम के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सात सितंबर को श्रम अधीक्षक द्वारा गठित जिला धावा दल ने अरवल मोड़ स्थित वैष्णवी स्वीट्स एंड चाट होटल में जांच की। इस दौरान वहां कार्यरत एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया।
मुक्त कराया गया बाल श्रमिक अरवल जिले का रहने वाला है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बाल कल्याण समिति, जहानाबाद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश के बाद बाल श्रमिक को बाल गृह भेज दिया गया।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत संबंधित नियोजक के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने बताया कि दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिकों से काम कराना कानूनन प्रतिबंधित है। बाल श्रम कराने वाले नियोजकों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना तथा दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
सर्वोच्च न्यायालय के एमसी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार मामले में वर्ष 1996 में दिए गए आदेश के आलोक में संबंधित नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी वसूल की जाएगी। राशि जमा नहीं करने पर अलग से नीलाम-पत्र वाद दायर किया जाएगा।
श्रम अधीक्षक ने जिले के सभी दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को प्रतिबंधित एवं खतरनाक कार्यों में नियोजित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों से अपील की गई है कि कहीं बाल श्रम कराए जाने की जानकारी मिलने पर श्रम अधीक्षक, संबंधित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी या विभागीय वाट्सएप नंबर 9471229133 पर सूचना दें।
अभियान में आकृति राज, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जहानाबाद सदर, शक्ति कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मखदुमपुर, गौतम कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हुलासगंज एवं प्रभारी काको, पद्मजा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रतनी फरीदपुर सहित स्थानीय थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी शामिल थे।