रोहतास में लंबित न्यायालयी मामलों के निपटारे में तेजी लाने का निर्देश, एक सप्ताह में 30 मामलों में जवाब दाखिल करने का लक्ष्य
रोहतास जिले में लंबित न्यायालयी मामलों के निष्पादन, राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न विभागों की योजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर सोमवार को डीआरडीए सभागार, सासाराम में साप्ताहिक समन्वय बैठक हुई। उप विकास आयुक्त सह प्रभारी जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए।
बैठक में सबसे पहले विधि शाखा से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी (CWJC) और एमजेसी (MJC) मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों में प्रतिशपथ पत्र (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया गया। इनमें सासाराम, कोचस, नोखा, करगहर, शिवसागर, दिनारा, बिक्रमगंज और संझौली के अंचल अधिकारियों के साथ जिला खनिज विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सासाराम एवं बिक्रमगंज, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला नीलाम पत्र वाद पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
प्रभारी जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस सप्ताह कम से कम 30 मामलों में प्रतिशपथ पत्र दाखिल कर जिला विधि शाखा को सूचित करने का निर्देश दिया। समीक्षा में बताया गया कि बीते सप्ताह सीडब्ल्यूजेसी के 15 और एमजेसी के पांच मामलों में माननीय उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किए गए हैं।
पोर्टल पर लंबित आवेदनों का समय पर करें निष्पादन
बैठक में सहयोग पोर्टल और एसएलएसपी पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने तथा कारण बताओ नोटिस का जवाब निर्धारित समय सीमा में पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान सभी अंचल अधिकारियों को भूमि मापी, अभियान बसेरा-2, दाखिल-खारिज के लंबित मामलों के निष्पादन, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को भूमि उपलब्ध कराने और उन्हें दखल-कब्जा दिलाने में तेजी लाने को कहा गया। विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
सेवा संकल्प और कायाकल्प अभियान पर जोर
उप विकास आयुक्त ने सेवा संकल्प अभियान और कायाकल्प अभियान के सफल संचालन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित संबंधित विभागों को राज्य स्तर से निर्धारित गतिविधियों को समय पर पूरा करने को कहा गया।
सभी जिला स्तरीय कार्यालय प्रधानों को अपने विभाग की योजनाओं से संबंधित गतिविधियों के जियोटैग्ड फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा पोर्टल पर उनकी प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
एक सप्ताह में भूमि संबंधी समस्याएं दूर करने का निर्देश
बैठक में भवन निर्माण, सड़क निर्माण और अन्य विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। संबंधित कार्यपालक अभियंताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। इस पर संबंधित अंचल अधिकारियों और अपर समाहर्ता को आपसी समन्वय स्थापित कर भूमि संबंधी बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया गया।
अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों की ओर से किए गए पत्राचार के आलोक में भवन निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएं।
इसके अतिरिक्त सभी विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। अगली साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभागीय समस्याओं और अंतर्विभागीय सहयोग की जरूरतों को दर्शाने वाली पीपीटी प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने संकल्प पोर्टल पर औचक निरीक्षण करने और जांच प्रतिवेदन समय पर अपलोड करने को कहा। साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ प्रखंड एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों के कार्यों की नियमित निगरानी कर लंबित कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नगर आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, जिला विकास पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी भी जुड़े।